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  • टीम इंडिया को भुवनेश्वर कुमार और प्रवीण कुमार के बाद UP से मिला एक और स्विंग का सरताज, जीताएगा अगला ICC ट्रॉफी

    टीम इंडिया को भुवनेश्वर कुमार और प्रवीण कुमार के बाद UP से मिला एक और स्विंग का सरताज, जीताएगा अगला ICC ट्रॉफी

    टीम इंडिया को इन दिनों अच्छे गेंदबाजों की जरूरत है। टीम इंडिया के कुछ गेंदबाज अच्छे हैं। घरेलू मैच में इन दिनों कई खिलाड़ी अपने परफॉर्मेंस से टीम इंडिया के लिए अपना टिकट क्लीयर करते हैं। इसमें नाम आ रहा है खिलाड़ी शिवम मावी का। आइए आपको बताते हैं कौन हैं शिवम मावी….

    नोएडा में हुआ था जन्म

    टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने वाले शिवम मावी का जन्म उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुआ था। शिवम मावी को बचपन से ही क्रिकेट से काफी लगाव था। वें काफी उम्र से क्रिकेट खेल रहे थे। उन्होंने अपने स्कूल से प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना शुरू किया। हालांकि शिवम के पिता से उनसे नाराज थे। वें चाहते थे कि उनका बेटा एक इंजीनियर या डाॅक्टर बने। लेकिन शिवम के पिता को उनके क्रिकेट कोच फूलचंद शर्मा ने बुलाया और शिवम के क्रिकेट के हुनर के बारे में बताया। शिवम के पिता यह जानकर खुश हुए और उन्होंने अपने बेटे को क्रिकेट जारी रखने की अनुमति दे दी।

    टीम इंडिया में मिली जगह

    शिवम मावी अपने टारगेट को अचीव करने के लिए लगे रहे और उन्हें जल्द ही अंडर 14 में जगह मिल गई। इसके बाद उन्हें अंडर 19 में टीम जगह मिल गई। इसके बाद उसी साल आईपीएल में केकेआर ने उन्हें खरीदा। उन्होंने उसी साल हैदराबाद के खिलाफ आईपीएल में भी हिस्सा लिया।

    श्रीलंका के खिलाफ किया डेब्यू

    शिवम मावी ने श्रीलंका के खिलाफ 3 जनवरी को टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। उन्होंने पहले ही मैच में 22 रन देकर 4 विकेट झटके। इसके बाद दूसरे मैच में उन्होंने अपने बल्ले से कमाल दिखाया और टीम के लिए महत्वपूर्ण रन बनाए।शिवम मावी टीम इंडिया के लिए बड़े गेंदबाज के रूप में उभरकर सामने आ सकते हैं।

    उनके पहले टीम इंडिया के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भुवनेश्वर कुमार और प्रवीण कुमार ने गेंदबाजी की थी। वह राज्य के तीसरे तेज गेंदबाज बन गए हैं, जो टीम इंडिया के लिए अच्छा गेम खेलते हैं। वह गेंद को स्विंग कराते हैं। इसको लेकर उनके बचपन से कोच रहे फूलचंद शर्मा ने बताया कि इस समय ये तेज गेंदबाज रफ्तार से ज्‍यादा अपने स्विंग पर ध्‍यान दे रहा है। इस समय वह 140 से 145 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहा है। शिवम गेंद को अंदर और बाहर दोनों तरफ स्विंग कराने की काबिलियत रखता है।

     

  • 5 सबसे बदकिस्मत क्रिकेटर जो बना सकते थे कई बड़े रिकॉर्ड, टीम इंडिया के 2 खिलाड़ी भी लिस्ट में शामिल

    5 सबसे बदकिस्मत क्रिकेटर जो बना सकते थे कई बड़े रिकॉर्ड, टीम इंडिया के 2 खिलाड़ी भी लिस्ट में शामिल

    आज हम जानेंगे टीम इंडिया के 2 बदकिस्मत खिलाड़ियों के बारे में जिनके बारे में अकसर कहा जाता हैं किया उनकी किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया. क्रिकेट में हर कोई अपना हुनर आजमाता हैं, लेकिन कुछ ही खिलाड़ी अपनी जबरदस्त लय को बरकरार रख पाते हैं और सराहनी प्रदर्शन करते हैं. ऐसे में कुछ खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं जिनकी किस्मत उनका साथ नहीं देती और वे मैदान से मानो गायब ही हो जाते हैं.

    इस आर्टिकल के जरिए हम ऐसे पांच खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे जिनको किस्मत ने साथ नहीं दिया इन पांच खिलाड़ियों किया सूची में वो दो भारतीय भी शामिल हैं जिनका नाम सुन कर आप सन्न रह जाएंगे. आइए नज़र डाले इन खिलाड़ियों पर…

    1.युसूफ पठान

    क्रिकेट में बदकिस्मत खिलाड़ियों की बात की जाए तो इस श्रेणी में प्रथम बाम टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर रहे युसूफ पठान का हैं. पठान को टीम इंडिया में जितने अवसर मिलने चाहिए उतने नहीं मिल सके, टीम में उनकी बैटिंग पोजिशन को भी काफी इधर-उधर किया गया.

    पठान की बैटिंग की अगर बात की जाए तो वह आक्रामक खिलाड़ी थे, उनका T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में स्ट्राइक रेट 146.58 का था जबकि वनडे में उनका स्ट्रॉइक रेट 113.6 का था. युसूफ ने अपने कुछ प्रदर्शन से टीम इंडिया को विजयी भी बनाया था. बावजूद उसके सेलेक्टर ने युसूफ को ज्यादा अहमियत नहीं दी.

    2.मोहम्मद आसिफ

    इस श्रेणी में दूसरा नाम पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज रहे मोहम्मद आसिफ का नाम हैं. एक समय था जब आसिफ की तेज गेंदबाजी को लेकर क्रिकेट के कई दिग्गजों ने उनकी तारीफों के क़सीदे पढ़े थे. लेकिन ये ज़्यादा दिन तक न चल सका, मैच फिक्सिंग में उनका नाम आने के बाद आसिफ का करियर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया. हालांकि वे पाकिस्तान के लिए 38 वनडे और 23 टेस्ट मैच खेल चूके हैं.

    3.प्रवीण कुमार

    इस श्रेणी में तीसरा नाम टीम इंडिया के पूर्व स्विंग गेंदबाज प्रवीण कुमार का हैं, हालांकि उनका ज्यादातर करियर चोट की वज़ह से थम गया. एक समय था ज़ब प्रवीण कुमार को स्विंग का बादशाह भी कहा जाता था, उनका इंग्लैंड दौरा भला हम कैसे भूल सकते हैं. इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने अपनी स्विंग गेंदबाजी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को चारों खाने चित्त कर दिया था. प्रवीण कुमार ने अब तक टीम इंडिया के लिए कुल 6 टेस्ट, 68 वनडे और 10 T 20 मैच खेले हैं.

    4.आंद्रे रसेल

    बदकिस्मत खिलाड़ियों किया इस सूची में चौथा नाम वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज का हैं, आंद्रे रसेल ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से खूब सुर्खिया बटोरी हैं. बावजूद इसके उन्हें अपने देश के लिए ज्यादा क्रिकेट खेलने के अवसर ही नहीं मिला. हालांकि 34 साल के रसेल ने अभी इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया हैं. उनके करियर पर नज़र डाले तो वेस्टइंडीज के लिए रसेल ने सिर्फ 1 टेस्ट, 56 वन-डे और 67 T20 मैच खेले हैं.

    5.नाथन ब्रेकन

    पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी नाथन ब्रेकन भी बदकिस्मत खिलाड़ियों की श्रेणी में पांचवे स्थान पर हैं. यह पूर्व कंगारू खिलाड़ी कभी ICC की T20 और वनडे रैंकिंग में टॉप पर रहा करता था. बावजूद इसके चोट के चलते उनका करियर ख़त्म हो गया, घुटने पर लकगी चोट ने उनके क्रिकेट के सुनहरे भविष्य को ख़त्म ही कर दिया. ब्रेकन ने अपने करियर में ऑस्ट्रेलिया के लिए कुल 5 टेस्ट, 19 T 20 और 116 वन-डे मैच खेले हैं…

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  • 5 निचलेक्रम के खिलाड़ी जिन्होंने आईपीएल में की सलामी बल्लेबाजी, यह भारतीय दिग्गज भी लिस्ट में शामिल !

    5 निचलेक्रम के खिलाड़ी जिन्होंने आईपीएल में की सलामी बल्लेबाजी, यह भारतीय दिग्गज भी लिस्ट में शामिल !

    क्रिकेट के खेल में बल्लेबाजों का बोलबाला ज्यादा देखने को मिलता है। बल्लेबाज ही अपनी टीम का ओपनिंग करते हुए नजर आते हैं। ऐसा बहुत कम ही बार हुआ है जब किसी गेंदबाज ने पहले बल्लेबाजी की हो। हालाँकि गेंदबाज को बतौर सलामी बल्लेबाज खेलते हुए देखा गया है।

    जब भी विपक्षी टीम कम स्कोर बनाती है तो टीमें अपने निचले क्रम के बल्लेबाजों को सलामी बल्लेबाजी करने के लिए भेज देती है। टी20 क्रिकेट में ऐसे मौके आ जाते हैं क्योंकि निचले क्रम के बल्लेबाज खुल कर बल्लेबाजी कर सकते हैं।

    आज हम आपको ऐसे ही 5 निचलेक्रम के खिलाड़ियों के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने अपनी टीम के लिए शुरुआत किया और साथ ही बेहतरीन प्रदर्शन भी दिखाया। इनमें कुछ दिग्गज खिलाड़ियों के नाम भी दर्ज हैं।

    1. प्रवीण कुमार

    भारतीय टीम के लिए पूर्व स्विंग तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार (Praveen Kumar) का नाम इस लिस्ट में सबसे पहले आता है। इन्होंने आईपीएल (Indian Premier League) के दौरान बतौर सलामी बल्लेबाज खेलते हुए देखा गया था। उस समय प्रवीण रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर के टीम के लिए आईपीएल के 2009 के सीजन में सलामी बल्लेबाजी करते हुए नजर आयें थे.

    प्रवीण कुमार ने आईपीएल के 2 मुकाबलों में सलामी बल्लेबाज के तौर पर मैदान में उतरे थे। जिसमें उन्होंने 3 के औसत से 6 रन बनाये। इस बीच इनका स्ट्राइक रेट 75 का रहा था। इन मौके के बाद प्रवीण कुमार से कभी और आईपीएल में सलामी बल्लेबाजी नहीं करायी गयी।

    इस गेंदबाज ने आईपीएल में 119 मैच खेले। जिसमें उन्होंने 36.1 के औसत से 90 विकेट हासिल किये. इस बीच उनकी इकॉनमी रेट 7.73 की रही है. बल्लेबाजी में इस खिलाड़ी ने मात्र 340 रन ही बनाये हैं।

    2. सैम करन

    इंग्लैंड के आलराउंडर खिलाड़ी सैम करन(Sam Curran) भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सैम करन को भी आईपीएल में सलामी बल्लेबाजी का मौका मिल चुका है। उन्होंने आईपीएल 2019 में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए सलामी बल्लेबाजी की थी। लेकिन उन्होंने कुछ खास रन नहीं जुटाए थे।

    सैम करन ने आईपीएल में एक मैच में सलामी बल्लेबाजी की। जहा उन्होंने अपने खाते में 20 रन जोड़े थे। उस समय सैम करन का स्ट्राइक रेट 200 का रहा था। इसके बाद पंजाब टीम ने इन्हे दोबारा कभी सलामी बल्लेबाज के तौर पर खेलने का मौका नहीं दिया था।

    ऑलराउंडर खिलाड़ी सैम करन ने आईपीएल में 32 मैच खेले। जिसमें उन्होंने बल्ले से 22.5 की औसत से 337 रन बनाये. इस बीच उनका स्ट्राइक रेट 149. 8 का रहा. गेंदबाजी में सैम करन ने 31.1 के औसत से 32 विकेट अपने नाम किये।

    3. रविचंद्रन अश्विन –

    भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashvin) का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। इन्होने भी आईपीएल में बतौर सलामी बल्लेबाज बल्लेबाजी किया है। आश्विन ने आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सलामी बल्लेबाजी करने आये थे। हालाँकि, उसके बाद उन्हें खेलने का मौका नहीं मिल पाया था.

    रविचंद्रन अश्विन ने आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सलामी बल्लेबाजी करते हुए एक मैच में 11 रनों की पारी खेली थी. उस बीच उनका स्ट्राइक रेट 84.62 का ही रहा था. मैच में चेन्नई सुपर किंग्स ने जीत भी हासिल की थी.

    अश्विन ने आईपीएल में नंबर 11 छोड़कर अन्य सभी स्थान पर जाकर बल्लेबाजी की है. किंग्स इलेवन पंजाब के लिए भी आश्विन ने नंबर 3 पर बल्लेबाजी की है. आईपीएल में 184 मैच खेले हैं। जिसमें इन्होने बल्ले से 13. 5 के औसत से 647 रन बनाये हैं। इस बीच उनका स्ट्राइक रेट 117.6 तक का रहा है। गेंदबाजी में इन्होने 28.9 के औसत से 157 विकेट भी चटकाए हैं।

    4. जेम्स फ्रैंकलिन-

    न्यूजीलैंड के आलराउंडर खिलाड़ी जेम्स फ्रैंकलिन (James Franklin) का नाम भी उन खिलाड़ियों में शामिल है जिसने आईपीएल में सलामी बल्लेबाजी की है। उन्होंने मुंबई इंडियंस की टीम के लिए लगातार कई मैच में सलामी बल्लेबाजी की है। जबकि न्यूजीलैंड के लिए वो निचले क्रम खेलते थे।

    जेम्स फ्रैंकलिन ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए 6 मैच में सलामी बल्लेबाजी करते हुए 22.33 के औसत से 134 रन बनाये. जिसमें एक अर्द्धशतक भी शामिल हैं. इस बीच फ्रैंकलिन ने 112.61 की स्ट्राइक रेट से रन बनाये थे.

    फ्रैंकलिन ने आईपीएल में 20 मैच खेले. जिसमें उन्होंने 29.73 के औसत से 327 रन बनाये थे. जबकि गेंदबाजी में उन्होंने 24.44 के औसत से 9 विकेट हासिल किया था. इस बीच उनकी इकॉनमी रेट 8.74 की रही है.

    5. सुनील नरेन-

    वेस्टइंडीज के स्पिनर सुनील नरेन (Sunil Narine) भी इस लिस्ट में मौजूद हैं। इन्होंने भी आईपीएल में जाकर सलामी बल्लेबाजी करने का कारनामा किया है। जिसके बाद ये खिलाड़ी अपनी टीम के लिए नियमित सलामी बल्लेबाज भी बन गये। इससे पहले वो नंबर 8 और 9 पर खेलते हुए नजर आते थे।

    सुनील नरेन ने आईपीएल में कोलकाता नाईट राइडर्स के लिए 39 मैच में सलामी बल्लेबाजी की। जिसमें उन्होंने 18.69 के औसत से 729 रन बनाये हैं. इस बीच उन्होंने 3 अर्द्धशतक भी लगाये. सुनील नरेन ने ये रन 175.66 की स्ट्राइक रेट से रन बनाये।

    नरेन ने आईपीएल में अब तक 148 मैच खेले. जिसमें उन्होंने 14.8 के औसत से 1025 रन बनाये. गेंदबाजी में नरेन ने 25. 1 के औसत से 152 विकेट हासिल किये हैं. इस बीच उनकी इकॉनमी रेट 6.63 का रहा था.

  • भारतीय टीम के इन 5 निचलेक्रम के खिलाड़ियों ने टेस्ट मैच में खेली यादगार पारी, उड़ाए विरोधियों के होश

    भारतीय टीम के इन 5 निचलेक्रम के खिलाड़ियों ने टेस्ट मैच में खेली यादगार पारी, उड़ाए विरोधियों के होश

    क्रिकेट के तीनो फॉर्मेट में सबसे मुश्किल टेस्ट क्रिकेट को माना जाता है। इसमें बल्लेबाजों को बहुत संयम से खेलना पड़ता है क्योंकि इस खेल में जितना रन बनाने की आवश्यकता होती है, उतना ही क्रीज़ पर टिके रहना भी होता है। इसलिए अक्सर बल्लेबाजों को बड़ी ही सतर्कता के साथ खेलते हुए देखा जाता है।

    हालंकि निकले क्रम के बल्लेबाजों में इससे विपरीत ही देखने को मिलता है। वो मैदान पर आते ही लम्बी परियां खेलने का प्रयास करते हैं , जिसमें कई बार उन्हें सफलता मिलती है तो कई बार वो जल्दी ही अपना विकेट गंवा देते हैं। हालाँकि कुछ ऐसे भी खिलाडी देखने को मिले हैं जिन्होंने ऐसे दबाव में भी अच्छे रन बनाये हैं।

    आज हम आपको भारतीय टीम के पांच ऐसे ही दिग्गजों के बारे में बताने वाले हैं। जिन्होंने निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए विस्फोटक परियां खेली है। और शानदार बल्लेबाजी का नजराना भी पेश किया है। आइये पढ़ते हैं इनके बारे में।

    1. उमेश यादव

    2019 में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रांची में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के दौरान जब भारतीय टीम बेहतरीन प्रदर्शन कर रही थी। उस समय टीम को तेजी से रन बना कर पारी घोषित करनी थी। जहा उमेश यादव (Umesh Yadav) बल्लेबाजी करने आये। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज जॉर्ज लिंडा ने उसी ओवर में रविन्द्र जडेजा का विकेट अपने नाम किया था।

    उमेश यादव ने आते ही लिंडा को निशाने पर लिया। लिंडा के ही गेंद पर आउट होने से पहले उन्होंने उस गेंदबाज को 5 शानदार छक्के जड़े। अपनी 10 गेंदों की पारी में, उमेश ने 31 रन बनाने के लिए पांच छक्के लगाए, जो कि सबसे लंबे प्रारूप में उनका सर्वोच्च स्कोर था। शानदार प्रदर्शन से गेंदबाज ने बल्ले से दो रिकॉर्ड तोड़े. वह टेस्ट इतिहास में सबसे तेज 30+ रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए।

    2. प्रवीण कुमार –

    भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार(Praveen Kumar) का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। इन्होने कई ऐसी परियां खेली है जिसने लोगो के होश उड़ा दिए हो। ऐसी ही एक यादगार पारी उन्होंने 2011 में बर्मिंघम के खिलाफ टेस्ट मैच में बनाया था. जहाँ पर वो आक्रामक अंदाज में खेलते हुए नजर आयें थे.

    प्रवीण कुमार ने इस टेस्ट मैच के पहली पारी में 26 रन बनाया था. जबकि दूसरी पारी में जब वो बल्लेबाजी करने आयें भारतीय टीम की हार लगभग पक्की हो चुकी थी. हार को करीब देखकर प्रवीण कुमार ने खुलकर खेलने का पूरा प्रयास किया था.

    बर्मिंघम के मैदान पर प्रवीण कुमार ने 18 गेंदों में 222.22 के स्ट्राइक रेट से 40 रन बनाये थे. जिसमें 5 चौके और 3 छक्के शामिल थे. हालाँकि इनके शानदार प्रदर्शन के बाद भी इस मैच में भारतीय टीम पारी और 242 रनों से हार गयी थी.

    3. हरभजन सिंह –

    लिस्ट में अगला नाम पूर्व गेंदबाज हरभजन सिंह (Harbhajan singh) का है। हरभजन सिंह गेंदबाजी के साथ अच्छी बल्लेबाजी का शौर्य प्रदर्शन करने में भी माहिर हैं। उन्होंने कई मैच में ऐसा कारनामा करके दिखाया है. हरभजन सिंह के 2005 में बुलवायो की उस शानदारी पारी को भुला नहीं जा सकता है।

    हरभजन सिंह जब बल्लेबाजी के लिए उस मैच में भी परिस्थिति कुछ ऐसी ही थी की भारतीय टीम बहुत मजबूत स्थिति में नजर आ रही है. हरभजन सिंह उस समय बल्लेबाजी करने आयें जब टीम जल्द से जल्द पारी घोषित करना चाहती थी.

    भज्जी ने इस मैच में 18 गेंद खेली. जिसमें उन्होंने 205.55 के स्ट्राइक रेट से 37 रन बनाये थे. जिसमें 4 चौके और 3 छक्के भी लगाए थे. इस मैच में भारतीय टीम ने पारी और 90 रनों से जीत दर्ज की थी. इस पारी में टीम इंडिया का प्रदर्शन काबिलेतारीफ था।

    4. विक्रम राज वीर सिंह

    हमें कई ऐसे खिलाड़ी देखने को मिलते हैं जिनका प्रदर्शन घरेलु मैदान पर काफी अच्छा होता है लेकिन वह भारतीय टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने में चूक जाते हैं। उनमें से एक थे विक्रम राज वीर सिंह (Vikram Rajveer Singh). इस खिलाड़ी ने भी एक मैच में बहुत ही आक्रामक बल्लेबाजी की थी।

    विक्रम राज वीर सिंह ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में 2006 में एक मैच खेलते हुए बहुत शानदार पारी खेली थी. इस मैच में भारतीय टीम ने 123 रनों से बहुत शानदार जीत दर्ज की थी विक्रम राज वीर सिंह ने जबरदस्त हिट लगये थे।

    दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इस मैच में उन्होंने 19 गेंद खेलते हुए 152.63 की स्ट्राइक रेट 29 रन बनाया था. जिसमे उन्होंने 6 चौके लगाए थे. दूसरी पारी में भी उन्होंने मात्र 4 गेंदों में 11 रनों की पारी खेल दी थी।

    5. सुनील जोशी –

    स्पिनर सुनील जोशी (Sunil Joshi) का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है।जरूरत पर इन्होने भी बल्ले से अपना करतब दिखाया था। और टीम को बड़ा स्कोर बनाने में मदद करने की कोशिश की थी। सुनील जोशी ने ये पारी जिम्बाब्वे के खिलाफ 2000 में नागपुर में खेली थी।

    मैच में भारतीय टीम बहुत मजबूत स्थिति में थी जब सुनील जोशी बल्लेबाजी करने के लिए आयें. उन्होंने उस मैच में बहुत ही शानदार बल्लेबाजी करते हुए मात्र 18 गेंदों पर 27 रनों की पारी 150 के स्ट्राइक रेट से खेली थी.

    सुनील जोशी ने मैच में दो विकेट भी लिए थे. भारतीय टीम इस मैच में जीत दर्ज करने में नाकाम रही है थी. जिम्बाब्वे की टीम ने बड़ा स्कोर बना कर मैच को ड्रा करा लिया था. जिसके कारण भारतीय टीम को बहुत निराशा हुई थी.

  • Virat Kohli ने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम के इन 8 खिलाड़ियों को नहीं दिया मौका, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

    Virat Kohli ने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम के इन 8 खिलाड़ियों को नहीं दिया मौका, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

    भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) आज किसी भी परिचय के मोहताज नहीं है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने टीम इंडिया के तीनों फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ दी है। विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के बाद टीम इंडिया की कप्तानी रोहित शर्मा के हाथों में आ गई है। टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को कई मैचों में जीत दिलाई है। लेकिन आज हम आपको इस आर्टिकल में भारतीय टीम के 8 खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

    जिनको भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट में मौका नहीं दिया।

    1. भुवनेश्वर कुमार

    भुवनेश्वर कुमार

    भारतीय टीम के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार सीमित ओवरों में भारतीय टीम की तरफ से शानदार गेंदबाजी करते हुए आज टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर ली है लेकिन आपको बता दें कि भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में भुवनेश्वर कुमार को टेस्ट क्रिकेट मैच खेलने का मौका नहीं दिया।

    2. सुरेश रैना

    सुरेश रैना

    टीम इंडिया के क्रिकेटर सुरेश रैना ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। लेकिन विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में सुरेश रैना को एक भी टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं दिया।

    3. शिखर धवन

    शिखर धवन

    शिखर धवन भारतीय टीम के एक सीनियर खिलाड़ियों में से एक हैं। आपको बता दें कि गब्बर के नाम से मशहूर शिखर धवन को विराट कोहली की कप्तानी में एक भी टेस्ट मैच खेलते नहीं देखा गया।

    4. गौतम गंभीर

    गौतम गंभीर

    भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर गौतम गंभीर को विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट मैच खेलने का मौका नहीं दिया।

    5. वरुण आरोन

    वरुण आरोन

    भारतीय टीम के तेज गेंदबाज वरुण आरोन को भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने टीम इंडिया की कप्तानी में एक भी टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं दिया।

    6. प्रवीण कुमार

    प्रवीण कुमार

    भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार हमेशा अपनी शानदार गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे। लेकिन विराट कोहली ने प्रवीण कुमार को अपनी कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट मैच नहीं खिलाया।

    7. प्रज्ञान ओझा

    प्रज्ञान ओझा

    भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा ने साल 2022 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। प्रज्ञान ओझा को भारतीय टीम की तरफ से टेस्ट मैच खेलने का बहुत ही कम मौका मिला।

    8. पंकज सिंह

    पंकज सिंह

    भारतीय टीम के क्रिकेटर पंकज सिंह ने अपने टेस्ट क्रिकेट करियर की शुरुआत साल 2014 में की थी। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में पंकज सिंह को एक भी टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं दिया।

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  • IPL 2022: आईपीएल में आज भी कायम है इस खिलाड़ी का खौफ, इस लीग में 5 साल पहले खेले थे मैच लेकिन रिकॉर्ड आज भी उनके नाम

    IPL 2022: आईपीएल में आज भी कायम है इस खिलाड़ी का खौफ, इस लीग में 5 साल पहले खेले थे मैच लेकिन रिकॉर्ड आज भी उनके नाम

    आईपीएल 2022 (IPL 2022) का 15वां सीजन शुरू होने को है जैसे जैसे दिन करीब आ रहे हैं वैसे वैसे आईपीएल  का बुखार सबको चढ़ रहा है. इंतजार इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि इस बार 2 और टीमें मैदान में अपना जलवा दिखाते हुए नजर आएँगी. अब बात करते हैं उस गेंदबाज की जिसने इस टूर्नामेंट में बहुत से रिकॉर्ड बनाएं. वो भी तब हम उसकी बात कर रहे हैं जब उसने क्रिकेट से सन्यास ले लिया है  और उसने अपना आखिरी आईपीएल  मैच भी 5 साल पहले खेला था.

    प्रवीण कुमार के नाम है आईपीएल का सबसे शानदार रिकॉर्ड

    प्रवीण कुमार

    हम बात कर रहे हैं आईपीएल की 4 टीमों का का हिस्सा बने गेंदबाज प्रवीण कुमार (PRAVEEN KUMAR) की, जिन्होंने आईपीएल इतिहास में सबसे अधिक मेडन ओवर फेंकने का रिकॉर्ड अपने नाम किया  है. वो रिकॉर्ड आज भी उन्हीं के नाम है. साल 2008 से 2017 तक के अपने आईपीएल (IPL) के  इतिहास में किंग्स इलेवन पंजाब  (KINGS ELEVN PUNJAB), सनराइजर्स हैदराबाद (SUNRISERS HYDERABAD), गुजरात लायंस (GUJRAT LIONS) और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (ROYALS CHALLENGERS BANGLORE) से खेलते हुए प्रवीण कुमार ने कुल 14 ओवर मेडन फेंके हैं.

    मतलब इनके इन ओवरों में बल्लेबाज रनों के लिए तरसते नजर आएं हैं. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)  में 119 मैच खेलकर 90 विकेट लेने वाले प्रवीण के बाद किसी और गेंदबाज ने इस तरीके का कारनामा किया तो वो गेंदबाज इरफ़ान पठान हैं. हालांकि अब वो इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नजर नहीं आ रहे हैं क्योंकि अब वो आईपीएल से बाहर हैं.

    कुछ ऐसा रहा है इस खिलाड़ी का इंटरनेशनल करियर

    प्रवीण कुमार

    प्रवीण कुमार (PRAVEEN KUMAR) ने टेस्ट क्रिकेट में 6 मैच खेले हैं जहाँ उन्होंने 657 रन देकर 27 विकेट अपने नाम किये हैं. वहीं वनडे में उन्होंने 68 मैचों में 77 विकेट, टी20 में 10मैचों में 7 विकेट लिए. प्रवीण कुमार भारतीय टीम के लिए एक अच्छे गेंदबाज साबित हुए हैं. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अगर कोई गेंदबाज प्रवीण के इस  रिकॉर्ड के बेहद करीब है तो वो भुवनेश्वर कुमार हैं. भुवनेश्वर ने 9 मेडन ओवर डाले हैं और उन्हीं से उम्मीद की जा सकती है कि भविष्य में प्रवीण कुमार का रिकॉर्ड तोड़ेंगे.