Author: Satyodaya Media

  • भारतीय टीम के इन 3 दिग्गज खिलाड़ियो के बेटे भी जल्द कर सकते हैं डेब्यू, नंबर 3 तो है अपने पिता से भी ज्यादा प्रतिभाशाली

    भारतीय टीम के इन 3 दिग्गज खिलाड़ियो के बेटे भी जल्द कर सकते हैं डेब्यू, नंबर 3 तो है अपने पिता से भी ज्यादा प्रतिभाशाली

    Indian Cricket Team: क्रिकेट जगत में भारतीय टीम (Team India) ने अपना अलग ही मुकाम बनाया है, जो किसी भी देश के लिए गर्व की बात है। दशकों से क्रिकेट की दुनिया में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना शानदार छाप छोड़ा है। भारत को कई ऐसे होनहार खिलाड़ी मिले हैं, जिन्होंने रिकॉर्ड की मामले में ऐसी महारथ हासिल की है, जिसे तोड़ पाना किसी भी विदेशी खिलाड़ी के लिए मुश्किल है।

    हालांकि इनमें से कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो क्रिकेट जगत अलविदा कह चुके हैं, लेकिन अब उनके बेटे मैदान पर खेलते हुए नजर आ सकते हैं। आज इस रिपोर्ट में हम टीम इंडिया के तीन ऐसे दिग्गज खिलाड़ियों की बात करेंगे, जिनके बच्चे आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए डेब्यू कर सकते है।

    पिता के नक्शेकदम पर चलने को तैयार हैं ये भारतीय टीम के 3 खिलाड़ी !

    सचिन तेंदुलकर (अर्जुन तेंदुलकर) –

    भारतीय टीम (Team India) और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने कारनामों से दुनिया में एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने वो मुकाम हासिल किए हैं,जिसका सपना हर खिलाड़ी देखता होगा। इस लिस्ट में पहले बात करेंगे भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की, जिनकी गेंदबाजी कमाल की है।

    उन्होंने ऐसे रिकॉर्ड बना डाले हैं, जिसे तोड़ पाना असंभव सा लगता है। ऐसे में उनके बेटे अर्जुन तेंदुलकर भी क्रिकेट में अपना भाग्य आजमाने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं। बता दें की आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन के दौरान मुंबई इंडियंस ने अर्जुन तेंदुलकर को अपने शामिल किया है। अब देखना ये होगा कि क्या अर्जुन अपने पिता नक्शेकदम पर चल पाते हैं या नहीं।

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    राहुल द्रविड़- (समित द्रविड़)-

    भारतीय क्रिकेट टीम में महान खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल रहे मशहूर पूर्व दिग्गज खिलाड़ी राहुल द्रविड़ किसी के पहचान के मोहताज नहीं हैं। हर फॉर्मेट उन्होंने अपना जलवा बिखेरा है। उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए अपने समय में काफी मेहनत की है। टेस्ट प्रारूप के लिए वो अच्छे खिलाड़ी माने जाते रहे हैं। जब भी बड़े और मशहूर भारतीय बल्लेबाजों की बात होती है, तो उसमें राहुल द्रविड़ का नाम जरूर लिया जाता है।

    ऐसे में अब उनके बेटे क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखे जा रहे हैं। खास बात तो ये है कि, राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ अपने खेल से लगातार फैंस और दिग्गजों को आकर्षित कर रहे हैं। जिस तरीके से समित की क्रिकेट में परफॉर्मेंस है उसे देखकर ये कहना गलत नहीं होगा कि वो आगामी समय में भारतीय टीम के लिए खेल सकते हैं।

    संजय बांगड़- (आर्यन बांगड़)-

    भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे संजय बांगड़ एक खिलाड़ी के रूप में ज्यादा समय तक खेल नहीं सके। लेकिन पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी संजय बांगड़ का क्रिकेट में कोच के तौर पर अच्छा एक्सपीरियंस रहा है। दरअसल संजय बांगड़ ने भारतीय टीम के लिए कुछ ही टेस्ट और वनडे मैच खेले हैं। लेकिन बल्लेबाजी कोच के तौर पर उन्होंने अपनी टीम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    संजय बांगड़ के बेटे आर्यन बांगड़ के बारे में बात करे तो कुछ समय पहले ही कूच बिहार ट्रॉफी के लिए उन्होंने शानदार प्रदर्शन दिखाया है। इसके अलावा इस ऑलराउंडर खिलाड़ी आर्यन बांगड़ को काउंटी क्रिकेट की जूनियर टीम में लिसेस्टरशायर के साथ करार किया गया है। ऐसे में ऐसी अटकलें लगाई जा रही है कि, आने वाले वक्त में वो भी भारतीय टीम के लिए खेलते हुए नजर आ सकते हैं।

  • भारतीय टीम के 3 दिग्गज खिलाडियों की जोड़ी जो अच्छे दोस्त के बाद बने एक-दूसरे के जानी दुश्मन, चौकाने वाले नाम शामिल

    भारतीय टीम के 3 दिग्गज खिलाडियों की जोड़ी जो अच्छे दोस्त के बाद बने एक-दूसरे के जानी दुश्मन, चौकाने वाले नाम शामिल

    भारतीय टीम में कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जो क्रिकेट के मैदान पर विपक्ष को अपने बल्ले और गेंदों से धोते हैं। क्रिकेट की लड़ाई में ये स्टार क्रिकेटर मैदान पर एक-दूसरे के दुश्मन हो सकते हैं लेकिन मैदान के बाहर इनका रिस्ता मधुर होता है। हालांकि भारतीय टीम में कुछ ऐसे स्टार क्रिकेटर्स भी हैं जो कभी बहुत अच्छे दोस्त हुआ करते थे, लेकिन फिर विवाद के चलते उनका रिश्ता टूट गया। आज वे एक दूसरे के दुश्मन बन बैठे हैं।

    आज हम बात करेंगे उन दिग्गज खिलाड़ियों की जो पहले तो बहुत अच्छे दोस्त हुआ करते थे लेकिन फिर किसी मनमुटाव के कारणवश उनके बीच दूरियां आ गयी। आइए एक नजर डालते हैं, ऐसे ही 3 क्रिकेटर्स की जोड़ी पर जिनके बीच अच्छी दोस्ती देखने को मिलती थी, लेकिन फिर एक विवाद की वजह से उनके बीच कड़वाहट पैदा हो गई।

    3 दोस्त बन चुके हैं अब एक-दूसरे के दुश्मन!

    युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी –

     

    सूची में सबसे पहले भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह का नाम आता है। इन Cricketers की दोस्ती अक्सर ही चर्चा का विषय रहती थी। बता दें साल 2007 में टीम इंडिया में धोनी की एंट्री के बाद उनकी मुलाकात युवराज सिंह से हुई। कई बार इस जोड़ी ने मध्यक्रम में साथ खेलते हुए भारतीय टीम को जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई है।

    गौरतलब है कि वर्ल्ड कप 2011 जब धोनी और युवराज (युवी) ने साथ खेलते हुए टीम इंडिया की झोली में जीत डाली तो इनकी दोस्ती ने जमकर सुर्खियां बटोरी थी। हालांकि इन दोनों की दोस्ती को नजर लग गयी और यह ज्यादा समय तक नहीं टिक पाई। दरअसल साल 2015 के वर्ल्ड कप में इनके बीच रिश्ते खराब होने लगे।

    तब धोनी भारतीय टीम के कप्तान थे और युवराज सिंह टीम के बाहर नजर आ रहे थे। धीरे-धीरे इनके रिश्ते की कड़वाहट सामने आने लगी। फिर एक ऐसा वक्त आया जब युवी ने धोनी के खिलाफ बोलते हुए यह कह दिया कि उन्होंने टीम में मुझे (युवी) वापस आने को भी नहीं कहा। इस बात को लेकर युवी पिता ने भी धोनी की आलोचना की थी।

    गौतम गंभीर और विराट कोहली –

     

    लिस्ट में दूसरे नंबर पर भारतीय टीम के पूर्व स्टार क्रिकेटर (star cricketers) गौतम गंभीर और मौजूदा समय में भारतीय टीम के बल्लेबाज विराट कोहली मौजूद है। साल 2009 में श्रीलंका के खिलाफ जब विराट कोहली (107) ने अपने करियर का पहला वनडे शतक जड़ा तब उस मैच में गौतम गंभीर भी मौजूद थे और उन्होंने भी नाबाद 150 रन की शानदार पारी खेली थी।

    इस मैच में गौतम गंभीर को ‘मैन ऑफ द मैच’ से नवाजा गया था जिससे विराट नाखुश थे, और बाद में गंभीर ने मैदान पर ही सबके सामने ट्रॉफी अपने जूनियर विराट कोहली को थमा दिया था।बता दें गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच बहुत अच्छी दोस्ती नहीं कहा जा सकता है। हालांकि दोनों में एक-दूसरे के प्रति सम्मान जरुर था।

    लेकिन, IPL 2013 के एक मैच के बाद ये सम्मान भी खत्म हो गया जब हजारों लोगों के सामने ये दोनों खिलाड़ी आपस में भीड़ गए। विराट कोहली उस मैच में आउट होने के बाद अपना आप खो बैठे और गलियां देने लगे ,जिसका गंभीर ने विरोध किया। यह पूरा वाकया कैमरे में कैद हो गयी थी। इस घटना के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच रिश्ते सामान्य नहीं रहे। अब भी समय-समय पर दोनों की ओर से कई बार दुश्मनी जैसी चीजें देखने को मिल ही जाती हैं।

    दिनेश कार्तिक और मुरली विजय –

     

    आईपीएल में अपने प्रदर्शन से सबको चकित करने वाले भारतीय टीम के दिनेश कार्तिक और मुरली विजय ने एक साथ क्रिकेट जगत में कदम रखा था। आईपीएल में कई बार इन्हें एक-दूसरे के साथ मस्ती करते हुए देखा गया था। शुरुआत में इनकी दोस्ती बहुत अच्छी थी लेकिन फिर एक ऐसा समय आया जब क्रिकेट के मैदान की बजाए इनकी दोस्ती व्यक्तिगत कारणों से दुश्मनी में बदल गई। दरअसल, दिनेश कार्तिक ने मुरली विजय को अपनी पत्नी निकिता से मिलवाया था।

    जिसके बाद मुरली विजय और दिनेश कार्तिक की पत्नी के बीच के अफेयर ने जमकर सुर्खियां बटोरी। इस बात की खबर कुछ समय के बाद दिनेश कार्तिक को भी लग गयी थी। जिसके बाद ही दिनेश कार्तिक ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया और मुरली विजय से अपनी दोस्ती खत्म कर ली। बाद में निकिता और मुरली विजय ने एक-दूसरे से शादी कर ली। आज के समय में ये दोनों खिलाड़ी क्रिकेट में एक दूसरे के जानी दुश्मन हैं और यह एक दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते हैं।

  • रोहित शर्मा- विराट कोहली के अलावा इन 3 खिलाड़ियों के कप्तानी में भी खेल चुके हैं महेंद्र सिंह धोनी

    रोहित शर्मा- विराट कोहली के अलावा इन 3 खिलाड़ियों के कप्तानी में भी खेल चुके हैं महेंद्र सिंह धोनी

    भारतीय क्रिकेट टीम को सफलता के शिखर तक पहुंचाने में अगर किसी ने अहम योगदान दिया है तो वो महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) है। धोनी की अगुवाई में भारत ने अनेकों कीर्तिमान हासिल किये हैं। खिलाड़ी ने अपने करियर की शुरुआत सौरव गांगुली के कप्तानी में किया। जिसके बाद वो भारतीय टीम के लिए राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के कप्तानी में भी खेल चुके हैं। बता दें टी20 विश्व कप 2007 में उन्हें टीम इंडिया की कप्तानी का जिम्मा सौपा गया था।

    इन्होंने लम्बे अंतराल तक भारतीय टीम का नेतृत्व किया था। बाद में कप्तानी छोड़ने के बाद उन्हें रोहित शर्मा (ROHIT SHARMA) और विराट कोहली के कप्तानी में खेलते हुए देखा गया है। लेकिन उसके बीच ही वो 3 अन्य कप्तानों के लिए भी खेल चुके है जिनका नाम शायद ही आपने सुना होगा। आज इस आर्टिकल के जरिये हम आपको बताएँगे उन तीन कप्तानो के बारे में –

    वीरेंद्र सहवाग –

     

    पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग (Virender Sehwag) किसी पहचान के मोहताज नहीं है। 2006 में इंग्लैंड की टीम जब भारत आई थी उस समय राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) के गैरमौजूदगी में सहवाग ने कुछ मैच में बतौर कप्तान खेला था । इस दौरान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) भी टीम का हिस्सा थे। सहवाग ने ही भारतीय टीम के लिए पहले टी20 मैच में कप्तानी की थी।

    हालाँकि बाद में जब पूर्णकालिक कप्तान की चर्चा हुई तो सबसे पहला नाम महेंद्र सिंह धोनी (MS DHONI) का आया। जिसके बाद वो टीम के कप्तान बने। सहवाग जिसके बाद कई सालों तक महेंद्र सिंह धोनी के कप्तानी में खेलते हुए नजर आयें थे। हालाँकि 2013 में धोनी के कप्तानी के दौरान ही वीरेन्द्र सहवाग टीम से बाहर हुए और फिर वहीँ से 2015 में संन्यास लेने का फैसला कर लिया था।

    सुरेश रैना –

     

    अपने समय में भारतीय टीम के मध्यक्रम के प्रमुख खिलाड़ी रह चुके सुरेश रैना (Suresh Raina) के कप्तानी में भी महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने खेला हुआ है। चैंपियंस लीग टी20 (Champions league T20)2012 के दौरान स्लो ओवर रेट के कारण 2 मैच में धोनी पर कप्तानी करने के लिए बैन लगा हुआ था। इस दौरान सुरेश रैना ने टीम की कमान संभाली थी।

    उस समय धोनी ने रैना के कप्तानी में भी खेला था। हालाँकि उसके बाद धोनी पर से प्रतिबन्ध हैट और टीम के कप्तान बन गए। बता दें सुरेश रैना ने आईपीएल में उसी समय चेन्नई सुपर किंग्स टीम के लिए कप्तानी की है। जब महेंद्र सिंह धोनी (MS DHONI) चोट के कारण टीम से बाहर थे। आईपीएल (Indian Premier League) में वो चेन्नई के लिए उपकप्तान के तौर पर भी खेलते थे। गौरतलब है की वो इस बार आईपीएल का हिस्सा नहीं हैं।

    महेला जयवर्धने –

     

    लिस्ट में आखिरी नाम श्रीलंका के दिग्गज कप्तान और बल्लेबाज महेला जयवर्धने (Mahela Jayawardene) का है। इनके कप्तानी में भी महेंद्र सिंह धोनी ( MS Dhoni) खेल चुके हैं। उस मैच को आईसीसी (ICC) का दर्जा भी प्राप्त था। दरअसल एशिया इलेवन और रेस्ट ऑफ़ द वर्ल्ड के बीच मैच खेला जा रहा था।

    जिसे अंतरराष्ट्रीय मैच का दर्जा दिया गया था। महेला जयवर्धने उस मैच में एशिया इलेवन की कप्तानी कर रहे थें। जहाँ धोनी विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में टीम का हिस्सा थे। हालाँकि उसके बाद कभी भी धोनी महेला के कप्तानी में नहीं खेले थे।

  • इन 5 वेस्टइंडीज प्लेयर्स की पत्नियों की सुंदरता के आगे अभिनेत्रियां भी हैं फेल, फोटोज देख उड़ जायेंगे आपके होश !

    इन 5 वेस्टइंडीज प्लेयर्स की पत्नियों की सुंदरता के आगे अभिनेत्रियां भी हैं फेल, फोटोज देख उड़ जायेंगे आपके होश !

    West Indies -क्रिकेट के मैदान पर अगर कोई बल्लेबाज चाैकों-छक्कों की बरसात करता है तो स्डेडियम में बैठी उनकी गर्लफ्रेंड या पत्नी भी कैमरामैन के रडार में होती हैं। उनके द्वारा दी गयी प्रतिक्रिया प्रशंषकों का ध्यान अपनी तरफ खींचती हैं। बल्लेबाज रिकाॅर्ड कायम करें और उनकी पत्नी का भी जिक्र ना हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है। कई बल्लेबाज अपनी सफलता का श्रेय अपनी पत्नी को देते हैं। आज हम बात करने वाले हैं वेस्ट इंडीज क्रिकेटर्स की बेहद सुन्दर दिखने वाली पत्नियों के बारे में।

    धाकड़ West Indies खिलाड़ियों की सुपर हॉट पत्नी !

    विंडीज क्रिकेटर्स टी20 में अपनी धाकड़ बल्लेबाजी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। West Indies के प्लेयर्स वैसे तो काफी स्टाइलिस्ट माने जाते हैं, इनके साथ साथ इनकी पत्नियां भी अपने ग्लेमर की वजह से काफी फेमस हैं। इनकी खुबसूरती के सामने बड़ी से बड़ी एक्ट्रेस भी फेल हो सकती है।उनकी पत्निया अपनी खूबसूरती के कारण चर्चा में बनी रहती है। तो आइए जानें उन 5 विंडीज क्रिकेटर्स की पत्नियों के बारे में जो बेहद खूबसूरत हैं।

    वेस्टइंडीज (West Indies) के इन खिलाड़ियों की पत्नियां हैं बहुत सुंदर !

    Chris Gayle’s Wife Natasha Berridge

    यूनिवर्स बॉस के नाम से मशहूर क्रिस गेल बिंदास जिंदगी जीते हैं। टी20 क्रिकेट में ज्यादातर बड़े रिकाॅर्ड उन्हीं के नाम हैं जिन्हें तोड़ना आसान नहीं। उनके शानदार छक्के के सभी दीवाने हैं।उनके बल्लेबाजी के साथ उनकी पत्नी भी चर्चा का विषय बनी रहती हैं। बता दें गेल की पत्नी का नाम नताशा है। दोनों ने साल 2009 में शादी की थी। नताशा दिखने में तो किसी मॉडल से कम नहीं है। दोनों की ब्लश नाम की एक बेटी है, जिसका जन्म 2016 में हुआ था।

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  • भारतीय टीम के 4 दिग्गज खिलाड़ी जो शराब-सिगरेट जैसे नशों से रहते हैं कोसो दूर, नाम सुनकर उड़ जायेंगे आपके होश!

    भारतीय टीम के 4 दिग्गज खिलाड़ी जो शराब-सिगरेट जैसे नशों से रहते हैं कोसो दूर, नाम सुनकर उड़ जायेंगे आपके होश!

    Indian cricket team: टीम इंडिया (Team India) के लिए खेलना हर प्लेयर का सपना होता है। इसके लिए उनको अपने हेल्थ और फिटनेस का पूरा ध्यान रखना पड़ता है। खेल चाहे कोई भी हो खिलाड़ी की फिटनेस उसमें अहम् भूमिका निभाती है। प्लेयर्स के खान -पान के साथ ही उन्हें नशे से दूर रहने की हिदायत दी जाती है क्योंकि नशीले पदार्थ एथलीट के स्टैमिना पर बुरा असर डालते हैं।

    नतीजन उनके फॉर्म में गड़बड़ होने लगता है। बता दें अगर किसी प्लेयर को इंडियन क्रिकेट टीम के लिए खेलना है तो उनको भी इस नियम का पालन करना पड़ेगा। आज हम बात करेंगे भारतीय क्रिकेट के 4 ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने शराब और सिगरेट को छुआ तक नहीं है।

    Team India के 4 खिलाड़ी जो नशे से रहते हैं दूर !

    भुवनेश्वर कुमार –

    टीम इंडिया (Team India) के घातक गेंदबाजों में शामिल भुवनेश्वर कुमार अपने कातिलाना स्विंग गेंदबाजी जाने जाते हैं। इसके साथ ही वो डेथ ओवर्स में विकेट निकालने की भी पूरी काबिलियत रखते हैं। अपने शानदार गेंदबाजी के दम पर उन्होंने कई बार टीम इंडिया को जीत दिलाने में भूमिका निभाई है लेकिन चोटिल होने के बाद जब से उन्होंने वापसी की है, भुवी अपने ख़राब फॉर्म से जूझ रहे हैं।

    वह अपनी लय में वापसी करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं ,बता दें की इन्होने अपने डाइट का भी काफी ख्याल रखा है। यह शराब और सिगरेट जैसे बुरी चीजों से भी दुरी बनाये हुए हैं। वही बात करे इनके करियर की तो इन्होने टी20 के 213 मैचों के दौरान 25.6 की औसत से 220 विकेट चटकाएं हैं। वनडे मैच में भी इनका प्रदर्शन 35.1 की औसत का रहा है जहा इन्होने 121 मैच के दौरान 141 विकेट अपने नाम किया है।

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  • 3 ऐसे मौके जब सौरव गांगुली ने दिया विरोधियों का करारा जवाब, विदेशियों के उड़ा दिए थे होश

    3 ऐसे मौके जब सौरव गांगुली ने दिया विरोधियों का करारा जवाब, विदेशियों के उड़ा दिए थे होश

    भारतीय क्रिकेट में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली  (Sourav Ganguly) को सबसे आक्रामक कप्तान माना जाता था। गांगुली की रणनीति थी कि विपक्षी टीम को उसी की भाषा में जवाब दिया जाए। सौरव गांगुली विपक्षी टीमों और उनके खिलाड़ियों को अपने बेहतरीन तरीके से जवाब देने में माहिर थे। कई मौकों पर उन्होंने विपक्षी टीम के खिलाड़ियों को समझा दिया था की यदि कोई उनसे उलझेगा तो उसे मुंह की खानी पड़ेगी, जिसके कारण उनकी छवि एक आक्रामक खिलाड़ी के तौर पर बन गयी थी।

    तो चलिए आज हम बात करते हैं ऐसे ही 3 मौको के बारें में जब सौरव गांगुली ने विपक्षी टीम के खिलाड़ियों को अपने शानदार अंदाज में जवाब दिया। ये सभी जिसके बाद से प्रसिद्ध घटना में शामिल हो गये। आज भी दादा के नाम के साथ इन वाक्यों का जिक्र जरूर होता है।

    नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत पर टीशर्ट लहराना

     

    2001 में इंग्लैंड की टीम भारत के दौरे पर आयी थी। जहाँ पर वानखेड़े स्टेडियम में उन्होंने सीरीज को ड्रॉ करा दिया था। जिसके बाद इंग्लैंड के आलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ (Andrew Flintoff) पूरे स्टेडियम में अपना टीशर्ट निकाल कर घूमते हुए नजर आ रहे थे। उनकी ये हरकत सौरभ गांगुली (Sourav Ganguly) को तनिक भी पसंद नहीं आया। जिसके बाद नेटवेस्ट ट्रॉफी 2002 में खेलने के लिए भारतीय टीम इंग्लैंड गयी थी।

    जहाँ पर भारत और इंग्लैण्ड के बीच लॉर्ड्स के मैदान पर फाइनल मुकाबला खेला जा रहा था भारतीय टीम उस मैच में 326 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। कैफ (MD Kaif) और युवराज सिंह (Yuvraj singh) ने भारत के लिए जिम्मेदारी संभाली थी। मोहम्मद कैफ ने अंत में भारत को 2 विकेट से जीत दिला दिया। जिसके बाद लॉर्ड्स के बालकनी में ही सौरव गांगुली ने अपना टीशर्ट लहराना शुरू कर दिया था। जिसके कारण उन्हें कुछ जुर्माना देना पड़ा था। लेकिन उन्होंने फ्लिंटॉफ को जवाब भी दे दिया था।

    स्टीव वॉ को टॉस पर करवाया इंतजार

     

    2000 के शतक के मजबूत टीमों में ऑस्ट्रेलिया की टीम का दबदबा अलग ही था। उस दौरान टीम की कमान स्टीव वॉ (Steve waugh) के कन्धों पर थी। जो विपक्षी टीमों को बड़ी आसानी से चारो खाने चित कर देते थे। जिसके कारण वो विपक्षी टीम के कप्तान पर टॉस से ही दबाव बनाना शुरू कर देते थे। दादा ने उन्हें सबक सिखाने का फैसला किया। 2001 में ऑस्ट्रेलिया की टीम एकदिवसीय और टेस्ट सीरीज खेलने के लिए भारत आई।

    दोनों मिलाकर 8 मैच खेले जाने थे। उस सीरीज के दौरान दादा ने स्टीव वॉ को 6 मैच में टॉस के लिए इंतजार करवाया था। जिसका जिक्र स्टीव ने अपनी आत्मकथा में किया था। बाद में सौरव गांगुली ने कहा था की वो अक्सर लेट हो जाते थे। वो उन्होंने कभी जानबूझकर नहीं किया था। लेकिन स्टीव वॉ दादा के इस जवाब से सहमत नहीं थे।

    स्टुअर्ट ब्रॉड को भी दिया था करारा जवाब

     

    एक बार फिर से इंग्लैंड के खिलाड़ी और दादा में भिड़ंत देखने को मिली थी। दरअसल 2006-07 में इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर आयी थी। 6 एकदिवसीय मैच में सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और सौरव गांगुली (Sourav ganguly) अपने शानदार फॉर्म में नजर आ रहे थे। स्टुअर्ट ब्रॉड (Stuart broad) गेंदबाजी के लिए आयें तो उनपर दादा ने शॉट खेलकर दवाब बनाने का प्रयास किया। स्टुअर्ट ब्रॉड के गेंद पर दादा ने शॉट खेला तो वो फील्डर के पास गया।

    हालाँकि दादा को कोई रन नहीं मिल पाया। जिसपर स्टुअर्ट ब्रॉड ने उन्हें स्लेज करने का प्रयास किया। मैदान पर सौरव और ब्रॉड में कुछ कहासुनी भी हुई थी। जिसके बाद गांगुली ने स्टुअर्ट ब्रॉड के अगले ओवर का इंतजार किया। ब्रॉड जैसे ही अगले ओवर में आयें तो दादा ने उनका स्वागत छक्के के साथ किया। जिसके बाद स्टुअर्ट ब्रॉड ने गांगुली को स्लेज नहीं किया।

  • 3 विदेशी दिग्गज खिलाड़ी जो अगर भारतीय टीम में हो जाये शामिल तो कोई भी हराने में नहीं होगा कामयाब

    3 विदेशी दिग्गज खिलाड़ी जो अगर भारतीय टीम में हो जाये शामिल तो कोई भी हराने में नहीं होगा कामयाब

    क्रिकेट के दुनिया में फैन्स और खिलाड़ी बीच अनोखा रिलेशन देखने को मिलता है। प्रसंशक अपने चहेता खिलाड़ी को अच्छा परफॉर्म करते हुए देखना चाहते हैं। लेकिन क्या हो जब उनका फेवरेट प्लेयर विरोधी टीम की तरफ से खेल रहा हो। ऐसे मौके पर फैंस सोचते होंगे काश उनके पसंदीदा प्लेयर उनकी टीम में शामिल हो जाये जैसे आईपीएल (Indian Premier League) में विदेशी खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है। सोचिये अगर असलियत में ऐसा कुछ हो तो खेल कितना रोमांचित हो जायेगा। आज हम बात करने वाले हैं ऐसे  3 विदेशी क्रिकेटर्स की जिन्हे फैंस भारतीय टीम के लिए खेलते हुए देखना चाहते होंगे।

    भारतीय टीम को मिलती और भी मजबूती !

    भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team)में वैसे तो कोई कमी नजर नहीं आती है लेकिन कुछ फील्ड ऐसे हैं जहा कुछ कमी सी महसूस होती है। ऐसे में यदि कुछ विदेशी खिलाड़ी उसे पूरा करते हुए नजर आयें तो फिर मैच का रोमांच दुगना हो जायेगा और फैंस की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं रहेगा। आइये नजर डालते हैं उन विदेशी खिलाड़ियों पर जिनके टीम में शामिल होने से भारतीय टीम और भी मजबुत हो जाती। हालांकि यह मुमकिन नहीं है। यह बस एक अनुमान मात्र है।

    बेन स्टोक्स –

     

    इंग्लैंड के आलराउंडर खिलाड़ी बेन स्टोक्स (Ben Stokes) इस लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर हैं। मौजूदा भारतीय टीम में बतौर आलराउंडर केवल हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) ही अपने शानदार फॉर्म में नजर आते है। लेकिन फ़िलहाल वो भी अपनी फिटनेस से जूझ रहे हैं। ऐसे में अगर बेन स्टोक्स जैसे दिग्गज का टीम में शामिल होता है तो भारतीय टीम कितनी मजबूत होगी ये देखने लायक होगा।

    बल्ले और गेंद के साथ बतौर फील्डर भी प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। स्टोक्स ने इंग्लैंड की टीम के लिए 64 टेस्ट मैच में 36.60 के औसत से 4099 रन बनाये हैं। जबकि 147 विकेट हासिल किया है. 95 एकदिवसीय मैच में स्टोक्स ने 70 विकेट लिए और 2682 रन बनाये हैं। जबकि 26 टी20 मैच में बेन स्टोक्स ने 305 रन बनाये और 14 विकेट अपने नाम किये हैं।

    जोस बटलर –

     

    महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के जाने के बाद यदि एक कमी सबसे ज्यादा खलती है वो है विकेटकीपर फिनिशर की। विकेटकीपर के रूप में पंत (Rishabh Pant) और राहुल (KL Rahul) बहुत बेहतर होते नजर आ रहे है। हालांकि ऐसे में वो अगर जोस बटलर (Joss Buttler) जैसे दिग्गज प्लेयर को अपने साथ जोड़ते हैं तो भारतीय टीम की ताकत कई गुनी बढ़ जाएगी।

    जोस बटलर अंत के ओवरों में अपनी तूफानी पारी का शानदार प्रदर्शन का नजारा पेश करते हैं। जहाँ पर खतरनाक गेंदबाज भी घुटने टेकने पर मजबूर हो जाते हैं। बड़े शॉट खेलना बटलर के लिए छोटी बात है। विकेटकीपर के रूप में स्टम्पिंग करने में भी तेज हैं। जबकि कैच पकड़ने में उन्हें महारथ हासिल है।

    बटलर ने इंग्लैंड के लिए अब तक 42 टेस्ट मैच में 31.79 के औसत से 2162 रन बनाये हैं। जबकि 141 एकदिवसीय मैच में उन्होंने 40.88 के औसत से 3843 रन बनाये हैं. इस बीच उनका स्ट्राइक रेट 119.83 का रहा है। टी20 फ़ॉर्मेट में 69 मैच खेलकर 26.68 के औसत से बटलर ने 1334 रन बनाये हैं. वो भी 139.69 के स्ट्राइक रेट से।

    मिचेल स्टार्क –

     

    ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क (Mitchell Starc) अपनी गति और घातक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) के अनफिट होने की स्थिति में भारतीय टीम एक ऐसा गेंदबाज को अपने खेमें में जोड़ना चाहेगी जो डेथ ओवरों में जसप्रीत बुमराह(Bumrah) का साथ निभा सके।

    ऐसी क्षमता केवल मिचेल स्टार्क में नजर आती है। मिचेल स्टार्क ना सिर्फ डेथ ओवरों में बल्कि शुरुआती ओवरों में भी बहुत शानदार गेंदबाजी करते हुए शुरूआती निकलने का गुर जानते हैं। ऐसे में जसप्रीत बुमराह के साथ उनकी जोड़ी के बारें में सोच कर ही बल्लेबाज परेशान होते हुए नजर आ सकते हैं। इस जोड़ी का तोड़ शायद ही बल्लेबाज खोजने में सफल हो पायें।

    स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 57 टेस्ट मैच में 26.98 के औसत से 244 विकेट अपने नाम किये हैं. जबकि उन्होंने 91 एकदिवसीय मैच में 22.23 के औसत से 178 विकेट अपने नाम किये हैं. टी20 फ़ॉर्मेट में स्टार्क ने 31 मैच खेले हैं. जिसमें 18.65 के औसत से 43 विकेट हासिल किये हैं.

  • 5 खिलाड़ी जिन्होंने टेस्ट में प्रर्दापण करने के लिए किया था बहुत लंबा इंतजार, खेल चुके थे 90 से ज्यादा वनडे मैच !

    5 खिलाड़ी जिन्होंने टेस्ट में प्रर्दापण करने के लिए किया था बहुत लंबा इंतजार, खेल चुके थे 90 से ज्यादा वनडे मैच !

    TEST MATCH – क्रिकेट के दुनिया में आज टी20 फ़ॉर्मेट का दबदबा देखने को मिलता है। अधिकत्तर क्रिकेटर्स टी20 (T20) खेलने के इच्छुक है लेकिन फिर भी कुछ खिलाड़ियों में टेस्ट क्रिकेट खेलने की हसरत ज्यादा देखने को मिलती है। कई दिग्गज खिलाड़ी भी टेस्ट क्रिकेट(Test Cricket) को सबसे बड़ा और बेहतर फ़ॉर्मेट मानते हैं।

    इस लिस्ट में कई धुरंधर शामिल हैं। कुछ खिलाड़ियों ने एकदिवसीय फ़ॉर्मेट में खेलने का मौका पहले मिला और फिर टीम के नियमित सदस्य भी बन गये लेकिन टेस्ट में खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा था। हालाँकि एकदिवसीय फ़ॉर्मेट में बहुत लंबे समय तक खेलने के बाद उन खिलाड़ियों के टेस्ट फ़ॉर्मेट में खेलने की ख़्वाहिश पूरी हुई।

    आज हम आपको उन 5 खिलाड़ी के बारें में बताएँगे। जिन्होंने पहले 90 एकदिवसीय मैच खेला और उसके बाद उन्हें टेस्ट फ़ॉर्मेट में पर्दापण करने का मौका मिला था। लेकिन तबतक ये खिलाड़ी क्रिकेट जगत में एक सुनहरा नाम बना चुके थे।

    1. आरोन फिंच

    ऑस्ट्रेलिया टीम के सिमित ओवरों के मौजूदा कप्तान आरोन फिंच (aaron finch) को टेस्ट मैच (Test Match) में खेलने के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ा था। उन्हें 93 एकदिवसीय मैच (Oneday match) के बाद टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला था। बता उस समय आरोन फिंच ने एकदिवसीय फ़ॉर्मेट में 39.19 के औसत से 3361 रन भी बना दिए थे।

    जिसमें 11 शतक जड़े थे। उस समय तक वो 42 टी20 मैच का हिस्सा भी रह चुके थे। हालाँकि आरोन फिंच का टेस्ट करियर उतना कुछ खास नहीं रहा है। उन्होंने अब तक अपने टेस्ट करियर में मात्र 5 मैच खेला था।

    जिसमें 27.8 के औसत से 278 रन बनाये थे। जिसमें उन्होंने 2 अर्धशतक भी शिमील हैं। फ़िलहाल वो टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं। वो ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छे टेस्ट बल्लेबाज साबित नहीं हो पाए। जिसके कारण जैसे ही डेविड वार्नर की टीम में वापसी हुई उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अब उनके वापसी की उम्मीद भी नहीं की जा रही है।

    2. एंड्रयू सायमंड्स

    इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया के एक और दिग्गज बल्लेबाज शामिल हैं , यहाँ हम बात कर रहे हैं दिवंगत एंड्रयू सायमंड्स (Andrew symonds) की। सायमंड्स ने अपने टेस्ट मैच में कदम रखने से पहले 94 एकदिवसीय मुकाबले खेल चुके थें। उन्हें टेस्ट फ़ॉर्मेट में पर्दापण करने के लिए 6 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा था।

    एंड्रयू सायमंड्स ने ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट फ़ॉर्मेट में 27 मैच की 41 पारियां खेली थी। जिसमे उन्होंने 40.61 के औसत से 1462 रन बनाये हैं। जिसमें उन्होंने 2 शतक और 10 अर्धशतक भी जड़ा था।

    इस फ़ॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 162 रनों का रहा है। सायमंड्स ने सीमित ओवर फ़ॉर्मेट में काफी सफल खिलाड़ी मने जाते हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्हें बहुत ज्यादा सफलता हासिल नहीं हुई। हालाँकि गौरतलब है की ये एक दिग्गज खिलाड़ी के तौर पर जाने जाते हैं।इनकी मृत्यु 14 मई 2022 को एक कार में दुर्घटना में हो चुकी है।

    3. चामु चिभाभा –

    जिम्बाब्वे के दिग्गज खिलाड़ी चामू चिभाभा (Chamu Chibhabha) भी इन खिलाड़ियों की सूची में शामिल हैं। वो जिम्बाब्वे की टीम के बड़े खिलाड़ियों में शुमार हैं। एकदिवसीय फ़ॉर्मेट में प्रर्दापण के बाद उन्हें टेस्ट मैच खेलने के लिए 11 सालों का इंतजार करना पड़ा था। जब उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था।

    चामू चिभाभा ने जिम्बाब्वे की टीम के लिए टेस्ट फ़ॉर्मेट में मात्र 3 ही मैच खेले हैं। जिसमें उन्होंने 20.67 के औसत से 124 रन बनाये हैं. जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल रहा है।

    गेंद के साथ उन्होंने एक महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किया था। हालाँकि उनके प्रदर्शन को मद्देनजर रखते हुए ये कहना गलत नहीं होगा की अब शायद ही उन्हें टेस्ट मैच में दोबारा खेलने का मौका मिल सके। बता दें टेस्ट प्रर्दापण से पहले इन्होने 96 एकदिवसीय मुकाबले खेल लिए थे

    4. सुरेश रैना –

    सीमित ओवर फ़ॉर्मेट में भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज रहे सुरेश रैना (Suresh Raina) का नाम भी इस लिस्ट में नजर आता है। सुरेश रैना को भी एकदिवसीय फ़ॉर्मेट में खेलने के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ा था। उन्हें टेस्ट फ़ॉर्मेट में पर्दापण करने का मौका तब मिला जब वह 98 एकदिवसीय मैच खेले चुके थे।

    उसके लिए उन्हें 5 साल का इंतजार करना पड़ा था। सुरेश रैना ने भारतीय टीम के लिए टेस्ट फ़ॉर्मेट में 18 मैच खेले थे। जिसमें उन्होंने 31 पारियों में 26.48 के औसत से 768 रन बनाये थे।

    इस बीच उन्होंने 1 शतक और 7 अर्धशतक भी बनाये थे। सुरेश रैना का इस फ़ॉर्मेट में सर्वश्रेष्ठ स्कोर 120 का रहा है। रैना सिमित ओवरों में उभर कर नजर आये हालाँकि टेस्ट करियर में उनका प्रदर्शन उतना कुछ नजर नहीं आया। जिसके कारण अब शायद ही टीम इंडिया उन्हें टेस्ट मैच खेलने का मौका दें। फ़िलहाल उन्होंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है।

    5. रोहित शर्मा

    इस लिस्ट में आखिरी नाम भारतीय टीम के मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) का है। रोहित शर्मा ने 2007 में एकदिवसीय मैच में अपना कदम रखा था। लेकिन टेस्ट फ़ॉर्मेट में प्रर्दापण करने के लिए 2013 तक का इंतजार करना पड़ा था। उस बीच रोहित भारतीय टीम के लिए 108 एकदिवसीय मुकाबलों में हिस्सा ले चुके थे।

    अब तक रोहित शर्मा ने भारतीय टीम के लिए टेस्ट फ़ॉर्मेट में 45 मैच खेले हैं। जिसमे उन्होंने 77 पारियों में 46.1 के औसत से 3137 रन बनाये हैं। जिसमें 14 अर्धशतक और 8 शतक शामिल हैं। इस बीच एक दोहरा शतक भी उन्होंने लगाया है। इस फ़ॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 212 का रहा है। फ़िलहाल रोहित शर्मा टीम इंडिया के कप्तान और सलामी बल्लेबाज के तौर टीम का हिस्सा हैं। जिसके कारण वह लगातार खेलते हुए नजर आते हैं।

  • 10 धुरंधर खिलाड़ी जिन्होंने छक्के के साथ खोला अपना टेस्ट मैच में खाता, लिस्ट में केवल एक ही भारतीय बल्लेबाज

    10 धुरंधर खिलाड़ी जिन्होंने छक्के के साथ खोला अपना टेस्ट मैच में खाता, लिस्ट में केवल एक ही भारतीय बल्लेबाज

    क्रिकेटर के लिए तीनो फॉर्मेट टी20 (T20), वनडे(Oneday) और टेस्ट क्रिकेट (Test cricket) में खेलना सपने जैसा होता है। लेकिन यह कोई आसान काम जैसा नहीं होता है। बता दें तीनों फॉर्मेट में टेस्ट क्रिकेट एक खिलाड़ी के लिए सबसे मुश्किल फॉर्मेट माना जा सकता है। आज के समय में T20 खेलना उतना मुश्किल नहीं है जितना नेशनल टीम के साथ जुड़ कर टेस्ट मैच खेलना।

    शुरुआती टेस्ट में कई खिलाड़ियों का परफॉरमेंस उतना बेहतर नहीं होता जितना वो समय के साथ-साथ अनुभव से सीखते है। गौरतलब है की टेस्ट क्रिकेट हमेशा से ही धैर्य का खेल रहा है। यहाँ पर रन बनाना जितना जरूरी होता है उतना ही क्रीज़ पर खड़े होकर टीम का विकेट बचाना भी होता है।

    लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी मिले है जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहली ही गेंद को बाउंड्री के पार भेज दिया। आर्टिकल में हम ऐसे ही दिग्गजों के विषय पर चर्चा करने वाले हैं, जिन्होंने टेस्ट मैच में अपना खाता छक्के के साथ खोला है। इस लिस्ट में केवल एक ही भारतीय खिलाड़ी शामिल है।

    1. एरिक फ्रीमैंन-

    इस लिस्ट में सबसे पहला नाम एरिक फ्रीमैंन (Eric Freeman) का है। ऑस्ट्रेलिया के लिए साल 1986 में डेब्यू करने वाले एरिक का पहला मैच इंडिया के खिलाफ खेला जा रहा था। उन्होंने डेब्यू मैच में ही एरापाली प्रसन्ना की दूसरी ही गेंद पर शानदार छक्का जड़ दिया। एरिक फ्रीमैंन को इंटरनेशनल क्रिकेट में भले ही उतनी सफलता नहीं मिली हो लेकिन उन्होंने टीम के लिए 11 टेस्ट मैच (Test Cricket) खेले है।

    जिसमें 19.16 के एवरेज से उन्होंने 345 रन बनाये है। बल्ले के अलावा उन्होंने गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने 11 मैच में 34 विकेट भी अपने नाम किये है जिसमें 4 विकेट भी उन्होंने 4 बार अपने नाम किये है। रिटायरमेंट के बाद एरिक फ्रीमैंन एक कमेंटेटर के तौर पर ABC रेडियो के साथ जुड़े रहे। साल 2020 में 76 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

    2. कार्लिस्ले बेस्ट-

    साल 1986 में वेस्ट इंडीज़ के लिए इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले कार्लिस्ले बेस्ट (Carlisle best) इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। अपने शुरूआती समय में वेस्टइंडीज़ सबसे मजबूत टीम मानी जाती थी और लगभग हर टेस्ट (Test Cricket) खेलने वाली टीमों के खिलाफ उनका प्रदर्शन बेहद चमत्कारिक होता था।

    27 साल की उम्र में अपनी डेब्यू कैप हासिल करने वाले कार्लिस्ले बेस्ट ने इयान बॉथम की तीसरी गेंद पर शानदार हुक शॉट मार कर छक्के से अपना खाता खोला था। बेस्ट वेस्टइंडीज़ के पहले खिलाड़ी है जिन्होंने छक्के से अपना खाता खोला था। वो वेस्टइंडीज़ के लिए 8 टेस्ट मैच खेले है जिसमें उन्होंने 28.50 की एवरेज से 342 रन बनाये है। उनके नाम एक शतक और एक अर्धशतक भी दर्ज है।

    3. कैथ दबेंगवा-

    कैथ दबेंगवा (Keith Dabengwa) जिम्बाबे के अकेले खिलाड़ी है जिन्होंने यह कारनामा कर दिखाया था। जिम्बाबे के इस आलराउंडर ने साल 2005 में न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ डेब्यू किया था। अपने डेब्यू मैच में उन्होंने 15 गेंदों का सामना किया है और न्यूज़ीलैण्ड के बेहतरीन स्पिनरों में से एक डेनियल विटोरी की गेंद पर छक्का मार कर अपना खाता खोला था।

    कैथ दबेंगवा ने जिम्बाबे के लिए अपने पहले टेस्ट (Test Cricket) में सिर्फ 21 रन बनाये है और उनकी टीम उस टेस्ट में एक इनिंग्स और 46 रन से हारी थी। दबेंगवा ने जिम्बाबे के लिए 3 टेस्ट और 37 वनडे खेले है जिसमें उन्होंने क्रमश: 90 और 514 रन बनाये है। इसके अलावा उन्होंने सिर्फ 1 रन पर 7 विकेट चटकाने का भी रिकॉर्ड बनाया है।

    4. डेल रिचर्ड्स-

    डेल रिचर्ड्स  (Dale Rechards) वेस्टइंडीज़ के दूसरे खिलाड़ी है जिन्होंने इस लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराया है। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें लगभग 10 साल के इन्तजार के बाद नेशनल टीम में खेलने का मौका मिला था। साल 2009 में उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) में डेब्यू करने का मौका मिला।

    डेल रिचर्ड्स की डेब्यू की कहानी भी बहुत अजीब है। साल 2009 में वेस्टइंडीज़ की टीम और बोर्ड के बीच का रिश्ता उतना बेहतर नहीं था और पूरी टीम अपनी सैलरी और पेमेंट को लेकर प्रोटेस्ट करने लगी। इस वजह से बोर्ड ने एक और प्लेइंग XI का चयन किया जिसमें डेल रिचर्ड्स को मौका मिला और उन्होंने मशरफे मोर्तज़ा के पहले ही ओवर में छक्का लगाकर अपना पहला टेस्ट रन बनाया।

    5. शाफिउल इस्लाम-

    बांग्लादेश के लिए साल 2010 में टेस्ट फॉर्मेट में अपना डेब्यू करने वाले शाफिउल इस्लाम (Shafiul Islam) शामिल हैं। उन्होंने अपना पहला टेस्ट इंडिया के खिलाफ खेला था जिसमें उन्होंने आपने पहले टेस्ट रन छक्के के रूप में बनाये थे। शाफिउल बांग्लादेश की टीम में समय-समय पर चयनित हुए है पर साथ ही ड्रॉप भी किया गये है। साल 2016 में अपने आखिरी वनडे और साल 2017 में आखिरी टेस्ट को खेलने के बाद से ही वो टीम से बाहर है और वापसी के लिए कड़ी मेहनत कर रहे है।

    6. जाहुरुल इस्लाम-

     

    साल 2010 में डेब्यू करने वाले जाहुरुल इस्लाम (Jahurul Islam) इस लिस्ट में जगह बनाने वाले दूसरे बांग्लादेशी खिलाड़ी है। जाहुरुल ने अपना टेस्ट डेब्यू इंग्लैंड की टीम के खिलाफ किया था। नंबर चार पर बैटिंग करने उतरे जाहुरुल इस्लाम पहली इनिंग में ग्रीम स्वान की गेंद पर बिना खाता खिले आउट हो गये थे लेकिन इसके बाद दूसरी इनिंग में उन्होंने शानदार 43 रन बनाये।

    जाहुरुल इस्लाम ने अपने टेस्ट करियर के पहले रन छक्के के रूप में बनाये है। उन्होंने बांग्लादेश की तरफ से 7 टेस्ट, 14 वनडे और 3 टी20 मैच खेले थे। अच्छा परफॉरमेंस ना कर पाने की वजह से उन्हें साल 2013 में टीम से ड्राप कर दिया गया और वो अभी तक टीम में वापसी नहीं कर पाएँ है।

    7. अल-अमिन हुसैन-

    तीसरे बांग्लादेशी खिलाडी के तौर पर अल-अमिन हुसैन (Al-Amin-Hossain) कारनामा कर चुके हैं। अल-अमिन हुसैन अपने टेस्ट डेब्यू में एक भी रन बनाने में असफल रहे है। साल 2013 में न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ी अपना डेब्यू करने वाले अल-अमिन हुसैन पहले टेस्ट में जीरो पर ही आउट हो गये। इसके बाद उन्हें 2014 में अपना दूसरे टेस्ट खलेने का मौका मिला और श्रीलंका के खिलाफ उस मैच में उन्होंने शानदार तरीके से अपना खाता खोला।

    उन्होंने श्रीलंका के स्पिनर रंगना हेराथ की गेंद पर छक्का मार पर अपने पहले टेस्ट रन बनाये थे। दूसरी पारी में भी उन्होंने अपना खाता छक्का लगाकर ही खोला था जो एक रिकॉर्ड है। अल-अमिन हुसैन अपने बोलिंग एक्शन के चलते जल्द ही टीम से बाहर हो गये। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट साल 2014 में खेला था।

    8. मार्क क्रैग-

    मार्क क्रैग (Mark Craig) टेस्ट क्रिकेट इतिहास में एकलौते बल्लेबाज़ है जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर की है। साल 2014 में वेस्टइंडीज़ के खिआफ अपना डेब्यू करने वाले मार्क क्रैग ने न्यूज़ीलैंड के लिए सिर्फ टेस्ट क्रिकेट ही खेला है जिसका मतलब है की उन्होंने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत ही छक्का लगा कर की है।

    क्रैग ने अपने पहले टेस्ट में 8 विकेट अपने नाम किये थे जिसकी वजह से उन्हें मैन ऑफ़ द मैच का भी चुना गया था। न्यूज़ीलैंड के लिए खेले 15 टेस्ट मैचों में मार्क क्रैग ने 589 रन बानने के साथ-साथ 50 विकेट भी अपने नाम किये थे। उन्होंने आखिरी टेस्ट साल 2016 में खेला था और तभी से वो दोबारा टीम में अपनी जगह नहीं बना पाए।

    9. सुनील एमब्रिस-

     

    सुनील एमब्रिस (Sunil Ambris) इस लिस्ट में एक और वेस्टइंडीज़ के खिलाड़ी है जिन्होंने अपने टेस्ट क्रिकेट में पहला रन छक्के के तौर पर बनाया। साल 2017 में न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ी अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले सुनील एमब्रिस पहली इनिंग में पहली ही गेंद पर हिट विकेट आउट हो गये थे जो अपने आप में रिकॉर्ड है।

    इसके अलावा तीसरी इनिंग में वो फिर से हिटविकेट हुए और ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गये। उन्होंने ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर शानदार छक्का मार कर अपना टेस्ट रनों का खाता खोला और इस लिस्ट में अपनी जगह पक्की की। सुनील एमब्रिस वेस्टइंडीज़ के लिए सिर्फ 6 टेस्ट मैच ही खेल पाए है और वर्तमान टीम से बाहर चल रहे है। उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के लिए 16 वनडे मैच भी खेले है जिसमें उन्होंने 148 रन एक शतक के साथ बनाये है।

    10. ऋषभ पंत

    इस लिस्ट में शामिल एकमात्र भारतीय और सबसे नयी एंट्री ऋषभ पंत  (Rishabh Pant) अपनी तेज़ बल्लेबाज़ी के लिए जाने जाते है। साल 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले ऋषभ ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहले टेस्ट मुकाबला खेला था। पंत ने अपने टेस्ट करियर की दूसरी ही गेंद पर शानदार छक्का लगाकर सबसे बता दिया था की वो लम्बे समय तक टीम में बने रहने के लिए आये है। इंडियन टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज़ ने इस मैच में 22 रन बनाये थे। पंत का पहला छक्का आदिल रशीद की गेंद पर आया था।

     

  • ऐसे 5 दिग्गज खिलाड़ी जिनकी कमी आज भी खलती हुई आती है नजर, टीमों को नहीं मिल रहे इनके कोई विकल्प !

    ऐसे 5 दिग्गज खिलाड़ी जिनकी कमी आज भी खलती हुई आती है नजर, टीमों को नहीं मिल रहे इनके कोई विकल्प !

    क्रिकेट के मुकाबले में जीत दर्ज करने के लिए टीम के खिलाड़ियों का बेहतर फॉर्म में होना बेहद आवश्यक होता है। खासकर के 2 से 3 खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना होता है। किसी भी मैच को निकालने के लिए यदि टीम के कुछ खिलाड़ी अच्छा खेल जाये तो वह टीम को जीत दिलाने में सफल हो सकते हैं। वैसे ही टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी मौजूद होते हैं जिनपर पूरी टीम की जीत निर्भर होती है। अगर वो खिलाड़ी न खेले तो टीम की हार लगभग तय सी लगने लग जाती है।

    हर टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी होते हैं जिनके संन्यास लेने के सालों बाद भी टीम में उनकी कमी खलती हुई नजर आती है। आज हम बात करेंगे ऐसे ही कुछ चर्चित खिलाड़ियों के बारे में जो अब टीम का हिस्सा नहीं है। लेकिन अभी भी टीम उनका विकल्प ढूंढ रही है। इस लिस्ट में दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल हैं।

    1.केविन पीटरसन (इंग्लैंड)

    इंग्लैंड की मौजूदा टीम मजबूत टीमों में से एक हैं, इनमें वैसे तो कुछ खास कमी नजर नहीं आती। लेकिन उनके बल्लेबाजी के क्रम में वो खिलाडी मौजूद नहीं हैं जो खेल की परिस्तिथियों को बदलने का दमखम रखते हो। हालाँकि पहले की इग्लैंड की टीम में केविन पिटरसन (Kevin Pietersen) ऐसे खिलाड़ी थे जो हारी हुई बाजी को जितने में महारथी थे। उनका नाम क्रिकेट इतिहास के पन्नो पर सुनहरे अक्षरों में लिखा जा चुका है।

    केविन पीटरसन ने इंग्लैंड के लिए 104 टेस्ट मैच में 47.29 के औसत से 8181 रन बनाये थे। जबकि 136 एकदिवसीय मैच में उन्होंने 40.73 के औसत से 4440 रन बनाये थे. जबकि पीटरसन ने टी20 फ़ॉर्मेट में 37.94 के औसत से 1176 रन बनाये थे। वो तीनो फ़ॉर्मेट में हिट खिलाड़ी थे। केविन पीटरसन तीनों ही फॉर्मेट में सफल खिलाड़ी रहे थे। शायद यही कारण है की इंग्लैण्ड की टीम को अभी तक उनका कोइ बेहतर विक्लप नहीं मिल पाया है। उनकी कमी टीम में अक्सर ही देखने को मिल जाती है।

    2. मुथैया मुरलीधरन (श्रीलंका)

    श्रीलंका की पुरानी टीम पर नजर डाले तो उनमें कई दिग्गज शामिल थे, बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी सभी खिलाड़ी अपने शानदार फॉर्म्स में नजर आते थे। हालाँकि अब कई महारथियों ने क्रिकेट के मैदान को अलविदा कह दिया है। जिसकी कमी नजर भी आयी है। इनमें से एक है मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan)। श्रीलंका के पास इनका कोई विकल्प मौजूद नहीं है।

    मुथैया मुरलीधरन ने श्रीलंका के लिए 133 टेस्ट मैच में 22.73 के औसत से 800 विकेट हासिल किये. जबकि 350 एकदिवसीय मैच में उन्होंने 23.08 के औसत से 534 विकेट अपने नाम किये थे. टी20 फ़ॉर्मेट में उन्होंने 12 मैच खेले और 22.85 के औसत से 13 विकेट हासिल किये। श्रीलंका के पास अगर मुथैया का कोई दूसरा विकल्प मिल जाये तो उन्हें हराना न के बराबर है।

    3.  शेन वार्न (ऑस्ट्रेलिया)

    लिस्ट में तीसरा नाम ऑस्ट्रेलिया के पूर्व गेंदबाज दिवंगत शेन वार्न (Shane Warne) का है। ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा टीम खतरनाक टीमों में से एक है। इस खेमें में एक से बढ़कर एक धुरंधर शामिल हैं। सभी विभाग में अच्छे खिलाड़ी मौजूद हैं। लेकिन स्पिनरों की कमी थोड़ी खटकती है। ऑस्ट्रेलिया की टीम में शेन वार्न की कमी सबसे ज्यादा खटकती है। अगर उन्हें ऐसे ही कोई स्पिनर मिल जाये तो फिर ऑस्ट्रेलिया को हराना और भी मुश्किल हो जायेगा।

    शेन वार्न ने ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए 145 टेस्ट मैच में 25.42 के औसत से 708 टेस्ट विकेट हासिल किये. जबकि 194 एकदिवसीय मैच में 25.74 के औसत से 293 विकेट अपने नाम किये. आईपीएल के दौरान उन्होंने 55 टी20 मैच में 25.39 के औसत से 57 विकेट हासिल किये। उन्होंने कई सालों तक खुद को ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए मैच विनर खिलाड़ी साबित किया है। हालंकि अब ये दिग्गज खिलाड़ी दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।

    4.  एबी डिविलियर्स (दक्षिण अफ्रीका)

    लिस्ट में अगला नाम दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स (AB Deviliers) का है। गौरतलब है की साउथ अफ्रीका की टीम इस समय ख़राब फॉर्म से जूझती हुई नजर आ रही है। एबी के न होने के कारण उनका मध्यक्रम अब मजबूत नहीं रहा है। उन्हें वहां पर अनुभवी खिलाड़ी की मौजूदगी चाहिए। दिग्गज एबी डिविलियर्स में ये खासियत नजर आती थी।

    उनके न होने पर टीम काफी कंजपर नजर आने लगी है। एबी डिविलियर्स ने दक्षिण अफ्रीका के लिए टेस्ट फ़ॉर्मेट में 114 मैच में 50.66 के औसत से 8765 रन बनाये हैं. जबकि उसके साथ ही उन्होंने 228 एकदिवसीय मैच में भी 53.5 के शानदार औसत से 9577 रन बनाये हैं. टी20 फ़ॉर्मेट में उन्होंने 78 मैच में 1672 रन बनाये हैं।टीम को अभी तक डिविलियर्स का कोई बेहतरीन विकल्प नहीं मिल पाया है। जिससे उनकी कमी अच्छी खासी खलती है।

    5. युवराज सिंह (भारतीय टीम)

    भारतीय टीम आज के दौर में सफल टीमों में से एक है। इनमें कोई खास कमी तो नजर नहीं आती। लेकिन एक आलराउंडर के तौर पर आज भी युवराज सिंह (Yuvraj Singh) की कमी को कोई भी खिलाड़ी पूरा नहीं कर पाया है। युवराज सिंह ने भारतीय टीम के लिए 40 टेस्ट मैच खेले. जिसमें 1900 रन बनाये. जबकि 304 एकदिवसीय मैच में उन्होंने 8701 रन बनाये और गेंद के साथ 111 विकेट हासिल किये.

    58 टी20 मैच में उन्होंने 1177 रन बनाये और फिर गेंद के साथ भी युवराज ने 28 विकेट हासिल किये। युवी को बड़े मैच का खिलाड़ी माना जाता था। जो बल्ले और गेंद दोनों के साथ शानदार प्रदर्शन दिखने में सक्षम थे। हालाँकि उनके विकल्प के तौर पर हार्दिक पंड्या टीम में मौजूद है लेकिन वो भी अपनी फिटनेस से झुझते नजर आते हैं। ऐसे में इस दिग्गज की कमी टीम इंडिया को अक्सर खलती हुई नजर आती है।