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  • IPL 2022: दिल्ली कैपिटल्स पर फिर मंडराया COVID 19 का खतरा, चेन्नई के खिलाफ मैच से पहले एक खिलाड़ी आया चपेट में

    IPL 2022: दिल्ली कैपिटल्स पर फिर मंडराया COVID 19 का खतरा, चेन्नई के खिलाफ मैच से पहले एक खिलाड़ी आया चपेट में

    दिल्ली कैपिटल्स (DC) की टीम कोरोना (COVID 19 ) संक्रमण से बाहर नहीं निकल पा रही है। टीम के एक सदस्य में कोरोना की पुष्टि हुई है। हालांकि टीम प्रशासन व बीसीसीआई (BCCI) की ओर से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है। इसके रविवार को डीवाई पाटिल स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के होने वाले मैच पर खतरा बना हुआ है। इतना जरूर है कि कोरोना (COVID 19)  संक्रमण की खबर के बाद पूरी टीम को एक बार फिर से आरटी पीसीआर टेस्ट से गुजरना होगा।

    दिल्ली कैपिटल्स के नेट बॉलर हैं कोरोना संक्रमण का शिकार

    दिल्ली कैपिटल्स (DC) की ओर से जो खबर आई है उनमें बताया जा रहा कि टीम का नेट बॉलर कोरोना (COVID 19)  पॉजिटिव पाया गया है। इसके बाद पूरी टीम को उनके कमरे में ही आइसोलेट कर दिया गया है। अब एक बार फिर से टीम के सभी सदस्यों को कोविड (COVID 19)  टेस्ट से गुजरना होगा।

    इसकी पुष्टि एक अखबार के जरिए हुई है। पहले भी दिल्ली कैपिटल्स के एक के बाद एक करके 4 सदस्य कोविड पॉजिटिव पाए गए थे लेकिन आईपीएल प्रशासन ने मैच को रद्द न करते हुए सभी खिलाड़ियों की जांच कर निगेटिव पाए जाने वाले खिलाड़ियों को खेल के लिए मैदान में उतार दिया था। इस बार भी ऐसा ही होना तय माना जा रहा है।

    दिल्ली कैपिटल्स के मैच पर असर पड़ने की उम्मीद कम

    दिल्ली कैपिटल्स की टीम डीवाई पाटिल स्टेडियम पहुंच चुकी है। इसलिए दिल्ली कैपिटल्स (DC) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के रविवार को होने वाले मैच पर कोई असर न पड़ने की उम्मीद है। इतना जरूर है कि दिल्ली कैपिटल्स (DC) के सभी सदस्यों को एक बार फिर से जांच के दायरे से गुजरना होगा।

    अगर टीम में अधिकांश खिलाड़ी व स्टाप की रिपोर्ट कोरोना (COVID 19)  निगेटिव आती है तो मैच में किसी प्रकार की कोई बाधा न आने की उम्मीद है। हालांकि इस पर अभी बीसीसीआई और आईपीएल प्रशासन को कोई जवाब नहीं आया है। बता दें कि दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने अब तक 10 मैच में सिर्फ 5 मैच जीते हैं। टीम को प्लेऑफ तक पहुंचने के लिए अभी कम से कम 3 मैच और जीतने होंगे।

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  • COVID-19: भारत में फिर लौट रहा है कोरोना वायरस, आईआईटी मद्रास ने के दावे से आप रह जायेंगे हैरान

    COVID-19: भारत में फिर लौट रहा है कोरोना वायरस, आईआईटी मद्रास ने के दावे से आप रह जायेंगे हैरान

    भारत में कोरोना (COVID-19)  के मामलो ने फिर रफ्तार पकड़ ली है. देश में लगातार ग्राफ बढ़ता जा रहा है. इसके पहले जनवरी में कोरोना (COVID-19) के मामलो में बढ़ोतरी देखी गई थी. कोरोना के मामलो को मद्दे नज़र रखते हुए दिल्ली सरकार ने मास्क ना पहनने पर 500 रुपए का जुर्माना फिर से लगा दिया है. चीन में जिस तरह से कोरोना ने हाहाकार मचा रखा है. उसको देखते हुए सरकारें अपने अपने राज्यों को सतर्क कर रहीं हैं. लेकिन आईआईटी मद्रास के इस दावे ने एक बार फिर से सबकी चिंताएं बढ़ा दी हैं.

    आईआईटी मद्रास कि रिपोर्ट में चिंताजनक दावा

    COVID-19: फिर लौट आया कोरोना, आईआईटी मद्रास ने किया ये बड़ा दावा

    2020-21 में जिस तरह से कोरोना (COVID-19) ने तबाही मचाई थी उससे अभी देश उभरा भी नहीं था की अब आईआईटी मद्रास ने चौथी लहर आने का दावा कर दिया है. कोरोना (COVID-19) के बढ़ते मामलों को लेकर विशेषज्ञ अब चिंता जाहिर करने लगे हैं. इस बीच दिल्ली में हालात फिर से बिगड़ने लगे हैं. IIT मद्रास की रिपोर्ट की माने तो दिल्ली की आर वैल्यू इस हफ्ते बढ़कर 2.1 हो गई है. इसका सीधा मतलब ये है की दिल्ली में कोरोना (COVID-19) का संक्रमण प्रत्येक व्यक्ति दो अन्य लोगो को संक्रमित कर रहा है.

    आर वैल्यू यह दर्शाती है कि एक संक्रमित व्यक्ति अन्य कितने व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है. अगर यह एक से नीचे चला जाता है तो इसे महामारी खत्म होने का संकेत मान लिया जाता है. दिल्ली में चौथी लहर के संकेत के चलते मास्क अनिवार्य कर दिया गया है और मास्क ना लगाने वालों पर ₹500 का जुर्माना भी. आईआईटी मद्रास के अनुसार यह दिल्ली में (COVID 19) की संभावित चौथी लहर की शुरुआत है.

    क्या है आईआईटी कानपुर की भविष्यवाणी

    COVID-19: फिर लौट आया कोरोना, आईआईटी मद्रास ने किया ये बड़ा दावा

    भले ही भारत तीसरी (COVID-19) लहर के अंत की खुशी मना रहा है. लेकिन आईआईटी-कानपुर के शोधकर्ताओं की एक टीम ने भविष्यवाणी की है कि जून 2022 में कोरोना (COVID-19) की चौथी लहर देश में आएगी और चार महीने तक चलेगी, जो सितंबर-अक्टूबर में चरम पर होगी. भविष्यवाणी भविष्य की लहरों के अध्ययन और पूर्वानुमान के लिए संख्या पर आधारित है। जिम्बाब्वे के डेटा का उपयोग करके उन्होंने जो मॉडल विकसित बनाया है. उसका उपयोग करते हुए, वे कहते हैं कि चौथी लहर 22 जून से शुरू होगी, 23 अगस्त को अपने चरम पर पहुंच जाएगी और 24 अक्टूबर को समाप्त होगी.

    चौथी लहर से सावधान रहने के लिए आपको पुराने कोरोना (COVID-19) नियमों का पालन करना होगा. आपको मास्क लगाना होगा, दो गज की दूरी का पालन करना होगा, अपने हाथों को बराबर सैनिटाइज करते रहना होगा. इसके साथ ही आपको अपनी नाक के पास बार बार हाथ नहीं ले जाना है. आईआईटी कानपुर के अनुसार इससे बचा जा सकता है अगर हम सब मिल कर कोरोना नियमों का पालन करें तो.

  • IPL 2022: दिल्ली कैपिटल्स पर गहराती जा रहा है कोविड 19 की काली छाया, टीम से अलग हो गए हैं कोच रिकी पोंटिंग

    IPL 2022: दिल्ली कैपिटल्स पर गहराती जा रहा है कोविड 19 की काली छाया, टीम से अलग हो गए हैं कोच रिकी पोंटिंग

    आईपीएल 2022 (IPL 2022) में दिल्ली कैपिटल्स (DC) कोविड 19 (COVID 19) की काली छाया दिनोंं दिन बढ़ती जा  रही है। अब टीम के हेड कोच रिकी पोंटिंग (RICKY PONTING) ने टीम का साथ छोड़ दिया है। हालांकि पिछले मैच में कोविड 19 (COVID 19) से डरे सहमे खिलाड़ियों को समझा बुझाकर मैच जीत के लिए प्रेरित किया था। अब वो खुद ही कोविड 19 (COVID 19) के चलते टीम से अलग हो गए हैं।

    रिकी पोंटिंग के परिवार का एक सदस्य पाया गया है कोरोना पॉजिटिव

    रिकी पोंटिंग

    दरअसल बुधवार को दिल्ली कैपिटल्स (DC) के सभी सदस्यों व टीम के समस्त स्टाफ का कोविड 19 (COVID 19) का टेस्ट एंटीजन किट से किया गया था। इसमें रिकी पोंटिंग (RICKY PONTING) निगेटिव पाए गए थे। इसके बाद पूरी टीम से जुड़े सभी लोगों परिवारों का टेस्ट गुरुवार और शुक्रवार को किया गया।

    इसमें रिकी पोंटिंग (RICKY PONTING) के परिवार का एक सदस्य कोविड 19 का पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद रिकी पोंटिंग (RICKY PONTING) टीम से अलग हो गए हैं। अब आगे की जिम्मेदारी संयुक्त रूप से  शेन वाटसन, जेम्स होप्सस, प्रवीण आमरे व अजित अगरकर संभाल रहे हैं।

    कठिन हालात के बाद दिल्ली कैपिटल्स पंजाब किंग्स से जीता था मैच

    रिकी पोंटिंग

    दिल्ली कैपिटल्स (DC) की टीम पिछले 10 दिनों से कोविड 19 से जूझ रही है। सबसे पहले टीम के फिजियो पैट्रिक फरहार्ट में कोविड 19 (COVID 19) की पुष्टि हुई थी। इसके बाद एक के बाद 6 खिलाड़ियों व टीम के सदस्यों में कोविड 19 (COVID 19) की पुष्टि हुई। इससे टीम का मनोबल घटा है। बुधवार को मैच के खौफ से  खिलाड़ियों को उभारने में मदद की थी।

    इसका परिणाम यह रहा था कि दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी तीसरे मैच को संकट के बावजूद जीत लिया था। बता दें कि दिल्ली कैपिटल्स (DC) अब तक अपने 6 मैचों में 3 मैच जीत कर प्वाइंट्स टेबल में छठे पायदान पर है। हालांकि रिकी पोंटिंग ((RICKY PONTING)) के परिवार में कोविड संक्रमण के आ जाने बाद रिकी पोंटिंग अब टीम का हिस्सा नहीं है.

  • IPL 2022: दिल्ली कैपिटल्स की टीम में निकला कोविड केस, बाकी सभी टीमों पर भी मंडरा सकता है ये बड़ा खतरा

    IPL 2022: दिल्ली कैपिटल्स की टीम में निकला कोविड केस, बाकी सभी टीमों पर भी मंडरा सकता है ये बड़ा खतरा

    आईपीएल (IPL) के 15वें सीजन के बायोबबल में कोरोना (COVID 19) संक्रमण ने अपनी घुसपैठ बना ली है। इसने आयोजकों व बीसीसीआई (BCCI) को चिंंता में डाल दिया है। यह वर्ष 2022 के आईपीएल (IPL) में कोरोना का पहला मामला है। आईपीएल (IPL) ने 15 अप्रैल को बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। फिलहाल कोरोना (COVID 19) संक्रमित पाए गए दिल्ली कैपिटल्स के अहम सदस्य को क्वारंटीन कर दिया है।

    दिल्ली कैपिटल्स के फिजियो में हुई है कोरोना की पुष्टि

    COVID 19 संक्रमण की थर्ड वेब चल रही है लेकिन इसका बहुत असर भारत में नहीं है। इसका परिणाम यह है कि महाराष्ट्र सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग और माक्स से प्रतिबंधन हटा लिया है।

    जहां तक आईपीएल (IPL) का सवाल है कि तो यह इस बार बायोबबल के सुरक्षित वातावरण में हो रहा है। इसके बाद  भी शुक्रवार को आईपीएल की एक विज्ञप्ति के मुताबिक दिल्ली कैपिटल्स (DC) के फिजियो पैट्रिक फरहार्ट (PATRICK FARHART) में COVID 19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। फिलहाल उनको क्वारंटीन करते हुए दिल्ली मेडिकल्स टीम के हवाले कर दिया गया है।

    कोरोना की पुष्टि के बाद बीसीसीआई की बढ़ी चिंता

    कोरोना (COVID 19) की सेकेंड वेब में मचे हाहाकार के बाद तीसरी वेब अभी तक शांत है। सरकारी स्तर पर अभी भी उसको रोके जाने के प्रयास जारी हैं  लेकिन आईपीएल (IPL) के बायो बबल में दिल्ली कैपिटल्स में कोरोना की पुष्टि हो जाने के बाद बीसीसीआई (BCCI) की चिंता बढ़ गई है। बता दें कि पिछले वर्ष आईपीएल (IPL) के दौरान कोरोना की दूसरी वेब अपने चरम पर थी तो आईपीएल (IPL) को बीच में ही रोकना पड़ा था।

    इसके बाद बचे हुए मैच को यूएई के बायोबबल में कराया गया था लेकिन इस वर्ष हालात सामान्य होने से पूरा आईपीएल (IPL) भारत में ही कराने का निर्णय लिया गया। इसमें भी पूरी सावधानी बरती गई। सिर्फ महाराष्ट्र के 3 स्टेडियमों में समस्त लीग मैच कराने के साथ स्टेडियम में बायो बबल का सुरक्षित वातवारण तैयार कराया गया। इसके बाद अब जब  की पुष्टि हुई है तो एक बार फिर से पूरे आईपीएल (IPL) में हलचल है।

  • कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग में जीत के तरफ बढ़ा एक और कदम, ब्रिटेन ने मोल्नुपिराविर दवा को दी इजाजत

    कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग में जीत के तरफ बढ़ा एक और कदम, ब्रिटेन ने मोल्नुपिराविर दवा को दी इजाजत

    विश्व पिछले 2 वर्ष से कोरोना वायरस से जंग लड़ रहा है. जिसमें समय-समय पर जीत मिलती रहती है. लेकिन अभी ये जंग खत्म नहीं हुई है. जिसके कारण सभी को इसका सामना करना पड़ रहा है. लेकिन अब कोरोना वायरस से खिलाफ चल रही जंग में मनुष्य जाति को एक और जीत मिलती नजर आ रही है. ब्रिटेन ने एक दवा को इजाजत दे दी है.

    कोरोना वायरस से जंग में मिली एक और जीत

    ब्रिटेन ने कोरोना वायरस के सफल उपचार में मददगार कही जाने वाली दुनिया की पहली एंटीवायरल गोली को एक शर्त के साथ उपयोग को मंजूरी दे दी है. अभी ब्रिटेन ऐसा करने वाला पहला देश है. जिसने इस गोली से इलाज उपयुक्त माना है. हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि यह गोली कब तक बाजार में मौजूद होगी. 18 वर्ष और इससे अधिक उम्र के लोग ही इस गोली का उपयोग कर सकतें हैं. इसके लिए स्थिती गंभीर होने की आंशका होनी चाहिए तभी इस दवा का सेवन करने की अनुमति होगी.

    कई और देश दे सकते हैं इस दवा को इजाजत

    इस दवा का नाम मोल्नुपिराविर है. कोविड के हल्के फुल्के संक्रमण वाले लोगो को ये गोली दिन में 2 बार लेनी पड़ेगी. ये दवा कोरोना के लक्षणो को कम कर देती है. जिससे स्वस्थ होने में तेजी से मदद मिलती है. इस गोली से महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए जरूरी 2 तरीकों औषधि और रोकथाम में मददगार होगी. जल्द ही यूरोप और अमेरिका भी इस दवा को इजाजत दे सकते हैं.

    कई और देश भी इस दवा की समीझा कर रहे हैं. इसके लिए अमेरिका एक पैनल बलाने पर विचार कर रहा है. दवा निर्माता कंपनी मर्क ने इस गोली को विकसित किया है. आपको बता दें की अक्टूबर में ब्रिटिश अधिकारियों ने घोषणा की थी कि मोल्नुपिराविर की 480,000 खुराक हासिल की है. इन सर्दियों में इनसे हजारों लोगो का इलाज मिलेगा. इससे लोगो को घर में उपचार कराने में मदद मिलेगी.

  • कोरोना वायरस के दोबारा बढ़ते रफ्तार को देख WHO ने जताई चिंता, फरवरी तक यूरोप में जताई 5 लाख मौत की आशंका

    कोरोना वायरस के दोबारा बढ़ते रफ्तार को देख WHO ने जताई चिंता, फरवरी तक यूरोप में जताई 5 लाख मौत की आशंका

    कोरोना वायरस ने पिछले 2 सालों से दुनियाभर को परेशान कर रखा है. अब एक बार फिर से दुनियाभर में इस बीमारी का प्रकोप तेजी से फैल रहा है. जिसके कारण एक बार फिर से पूरा विश्व में चिंता बढ़ रही है. यूरोप में जिस तरह से दोबारा कोरोना का प्रकोप बढ़ रहा है. उसके बाद अब WHO ने बड़ा बयान देते हुए 5 लाख मौत सिर्फ यूरोप में ही होने की आंशका जताई है.

    कोरोना वायरस के बढ़ते रफ्तार को पर WHO ने जताई चिंता

    जिस अंदाज में यूरोप फिर से कोरोना के चपेट में आ रहा है. उससे विश्व भर में चिंता बढ़ रही है. इसी कारण ही अब WHO ने गंभीर चिंता जताई है. WHO के यूरोपीय इकाई के निदेशक हांस क्लूज ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि-

    “यूरोपीय क्षेत्र के 53 देशों में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की मौजूदा रफ्तार गंभीर चिंता का विषय है. अगर संक्रमण की मौजूदा रफ्तार ही बनी रही तो अगले साल फरवरी तक यहां कोविड-19 से 5 लाख लोगों की और मौतें हो सकती हैं.”

    आपको बता दें कि WHO का यूरोपीय क्षेत्र 53 देशों में फैला है और इसमें कुछ देश मध्य एशिया के भी हैं.

    यूरोप को बताया कोरोना का केंद्र

    कोरोना की शुरूआत में यूरोप सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र में शामिल था. जिसके बारें में बोलते हुए WHO के यूरोपीय इकाई के निदेशक हांस क्लूज ने कहा कि

    ” हम महामारी के दोबारा बढ़ने के एक और महत्वपूर्ण बिंदु पर हैं. यूरोप महामारी के केंद्र में वापस आ गया है, जहां हम एक साल पहले थे. अब अंतर यह है कि स्वास्थ्य अधिकारी वायरस के बारे में ज्यादा जानते हैं और आज इससे निपटने के लिए बेहतर उपकरण उपलब्ध हैं. कुछ जगहों पर बचाव के उपाय की अनदेखी और कम टीकाकरण दर इस ताज़ा उछाल की वजह हो सकते हैं. 53 देशों के क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने की दर पिछले हफ्ते के मुकाबले दोगुनी से अधिक हो गई है.”