टीम इंडिया: भारतीय क्रिकेट टीम में चयन होना जितना मुश्किल माना जाता हैं, उससे कई गुना ज्यादा मुश्किल हैं ख़ुद को मिली जगह संभाल कर रखना, क्योंकि प्लेइंग 11 के बाहर भी ऐसे कई दिग्गज़ खिलाड़ी होते हैं, जो अपने बलबूते टीम में जगह बनाने के बेताब रहते हैं. भारत टीम में 4 खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जिनका टेस्ट करियर मानो खत्म ही हो गया. अब उनके लिए भारतीय टेस्ट टीम के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं. फिर भी इन 4 खिलाड़ियों ने अभी तक संन्यास लेने का मन नहीं बनाया हैं उन्हें आज भी उम्मीद हैं की वह फिर से टीम के लिए खेल सकेंगे. आइए नज़र डालते हैं इन गुमशुदा नामो पर…
1. मुरली विजय

इंडियन टीम के लिए टेस्ट डेब्यू करने वाले मुरली विजय ने कई सालों तक टीम इंडिया के लिए लाज़वाब प्रदर्शन करके दिखाया हैं. मुरली विजय आख़िरी बार वर्ष 2018 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम के लिए खेलते दिखें थे, लेकिन मुरली विजय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अच्छा प्रदर्शन करने में सफल नहीं हुए थे, और इसी कारण उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया. आपको बता दें कि मुरली विजय ने अपना टेस्ट डेब्यू नवंबर 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही किया था और अपना आखिरी मैच भी वह दिसंबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया के लिए ही खेलते हुए देखें गए थे.
मुरली विजय के टेस्ट करियर पर नज़र डाले तो उन्होंने 61 टेस्ट मैचों में 38.29 की औसत के साथ 3982 रन जड़े. इस दौरान उनके बल्ले ने कमाल करते हुए कुल 12 शतक और 15 अर्धशतक ठोके. 37 वर्षीय मुरली विजय टीम में वापसी कर पाए इसकी उम्मीद ना के बराबर हैं. इसका एक मुख्य कारण है, कि वो घरेलू क्रिकेट भी नहीं खेल रहे हैं.
2. करुण नायर

अब बात करते हैं मैदान से गायब हुए करुण नायर के बारे में, नायर ने इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में तिहरा शतक जड़ा था, तब ऐसा लगा मानो ये खिलाड़ी लंबी रेस का घोड़ा हैं, लेकिन हुआ कुछ उल्टा. तिहरे शतक बनाने के बाद उन्होंने काफी ख़राब प्रदर्शन किया वह एक ऐसी पारी कभी नहीं खेल पाए जो लोगो को याद रहे, उनका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा, इसलिए उनको टीम से बाहर कर दिया गया.
नायर ने अपना टेस्ट डेब्यू इंग्लैंड के खिलाफ नवंबर 2016 में किया था, और उसके बाद वो आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मार्च 2017 में खेलते हुए नज़र आए थे. उन्होंने अपने करियर में महज़ 6 टेस्ट मैच ही खेले हैं, और 62.33 की औसत के साथ 374 रन ही बनाए हैं. टेस्ट में उनका हाई स्कोर 303 रन रहा जो उनकी एक मात्र बेहतरीन पारी थी.
3. ऋद्धिमान साहा

बात की जाए ऋद्धिमान साहा की तो, वह एक अच्छे विकेटकीपर हैं. उन्होंने वर्ष 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में अपना पादर्पण किया था. उसके बाद से अब तक वह 40 टेस्ट मैच ही खेल पाए हैं. 37 साल के ऋद्धिमान साहा को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट ने चयनकर्ताओं को बता दिया हैं कि ऋद्धिमान साहा उनके भविष्य की योजनाओं में शामिल नहीं होंगे.
उन्हें श्रीलंका के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज से ही बाहर कर दिया गया था. अब यह खिलाड़ी दोबारा टेस्ट टीम में वापसी कर पाए यह संभव नहीं दिख रहा. साहा के टेस्ट करियर को देखें तो उन्होंने 40 टेस्ट में 29.41 की औसत से 1353 रन बटोरे हैं. इस दौरान उनके बल्ले ने 3 शतक और 6 अर्धशतक ठोके हैं.
4. ईशांत शर्मा

एक समय पर जिस खिलाड़ी की तेज और आक्रमक गेंदबाजी की चर्चे थे वहीं आज देखें तो उस खिलाड़ी का करियर मानो ख़त्म ही हो चुका हैं, हाँ ! हम बात कर रहे हैं ईशांत शर्मा के बारे में. ईशांत शर्मा आखिरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर 2021 में खेलते हुए दिखें थे. उस दौरान वह एक भी विकेट लेने में सफल नहीं हुए थे. न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर 2021 में खेले गए कानपुर टेस्ट के बाद ईशांत शर्मा को फिर कभी भारतीय रीमा में खेलने का अवसर नहीं दिया गया हैं.
टीम इंडिया में लगातार कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और सिराज जैसे गेंदबाज टेस्ट फॉर्मेट में जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में इशांत शर्मा का पत्ता कट ही गया. ईशांत शर्मा के करियर के बारे में देखें तो उन्होंने 100 से अधिक टेस्ट मैच खेले हैं. जिसमें कुल 311 विकेट झटके हैं. अब आईपीएल में भी उन्हें अवसर नहीं मिल रहा हैं, इस बात से यह साफ जाहिर होता हैं की संन्यास के सिवाय और कोई रास्ता नहीं बचा हैं इस खिलाड़ी का.
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