विराट कोहलीः भारतीय टीम (INDIAN TEAM) ने कल पाकिस्तान (PAKISTAN) को एशिया कप 2022 (ASIA CUP) के दूसरे मुकाबले में 5 विकेट से शिकस्त देकर अपने टूर्नामेंट की शानदार शुरूआत की हैं। भारत अब अपने अगले मैच में हांग-कांग (HONG-KONG) के खिलाफ जीत दर्ज कर टॉप-4 में अपनी जगह पक्की करना चाहेगी।
जीत के बाद भी भारतीय टीम और कप्तान रोहित शर्मा (ROHIT SHARMA) को कई चीजों को लेकर आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर (SUNIL GAVASKAR) ने भी भारतीय टीम पर नाराजगी जाहिर की हैं।
भाग्य विराट कोहली का साथ दे रहा था- सुनील गावस्कर

पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम की गेंदबाजी तो शानदार नजर आयी। लेकिन बल्लेबाजी क्रम से काफी ज्यादा गलतियां देखने को मिली हैं। ओपनिंग बैट्समेन केएल राहुल (KL RAHUL) तो पहले ही गेंद पर आऊट हुए। कप्तान रोहित शर्मा (ROHIT SHARMA) भी 12 रन बनाकर पवेलियन लौटे और फिर विराट कोहली (VIRAT KOHLI) 34 रन बनाकर आऊट होते दिखें।
सुनील गावस्कर ने इंडिया टूडे के साथ बात करते हुए विराट कोहली और रोहित शर्मा की बल्लेबाजी को लेकर एक बड़ा बयान दिया हैं।
“राहुल ने सिर्फ एक गेंद खेली, इसलिए आप उससे कुछ नहीं आंक सकते। रोहित और कोहली को कुछ देर बल्लेबाजी करने का मौका मिला, उन्होंने रन बनाए। लोग विराट कोहली की फॉर्म पर बात कर रहे थे, मैं ये कहता रहता था कि उनका भाग्य साथ नहीं दे रहा है। लेकिन आज के मैच में उनका भाग्य साथ दे रहा था, उनका कैच छूटा, विकेट के करीब से गेंद गई, लेकिन वह इस सब का लाभ नहीं उठा सके और स्कोर को बड़ा नहीं कर सके।”
विराट और रोहित ने जो शॉर्ट खेले उसकी जरूरत नहीं थी- सुनील गावस्कर

सुनील गावस्कर ने आगे बात करते हुए कहा कि रोहित और विराट कोहली दोनों खिलाड़ी अपने गलत शॉर्ट सेलेक्सन के चलते ही विकेट खोते नजर आए। सुनील गावस्कर ने इस शॉर्ट सेलेक्शन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते दिखें हैं। उन्होने कहा हैं दोनों ने जो शॉर्ट खेले उसकी जरूरत थी ही नहीं, ऐसे स्टेज पर छक्का मारने का प्लान गलत था-
“उन्होंने कुछ फाइन शॉट्स खेले। लोगों को उम्मीद थी कि जिस तरह की शुरुआत विराट कोहली को मिली है उसे वह बड़े स्कोर में तब्दील करेंगे, 60-70 रन की पारी खेलेंगे। लेकिन रोहित शर्मा के आउट होने के तुरंत बाद वह भी आउट होकर पवेलियन चले गए। दोनों ही ऐसे शॉट खेलते हुए आउट हुए जिसे छोड़ा जा सकता था।”
“उस समय इस तरह के शॉट्स की जरूरत नहीं थी, क्योंकि जरूरी रन रेट 19-20 का नहीं था, उन्हें उस स्टेज पर छक्के मारने की नहीं सोचना चाहिए था। उनके लिए जरूरी था कि वे आगे बढ़ें, 70-80 तक पहुंचें और फिर शायद बड़े शॉट्स के लिए जाएं। इस खेल से यही सीखना चाहिए।”

