भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई (BCCI) अगले साल 2023 में वनडे विश्व कप (ODI WORLD CUP) 2023 की मेजबानी करने वाली हैं, लेकिन इसस पहले ही केंद्र सरकार के एक फैसले से बीसीसीआई को तगड़ा नुकसान हो सकता हैं। आईसीसी (ICC) के नियमों के अनुसार मेजबान देशों को अपने देश में टूर्नामेंट आयोजित कराने के लिए कर में रियायत लेनी होती हैं। लेकिन भारत में ऐसा अब तक नहीं हुआ हैं, यानि की केंद्र सरकार के चलते बीसीसीआई (BCCI) को तगड़ा नुकसान करोड़ों रूपयो का झेलना पड़ सकता हैं। आइए आपको इस मामले के बारे में डिटेल में बताते हैं-
केंद्र सरकार के फैसले से फंस सकती हैं बीसीसीआई
वनडे वर्ल्ड कप 2023 भारत में आयोजित होने वाला हैं, जिसके लिए अगर केंद्र सरकार राजस्व पर 21.84 प्रतिशत कल अभिभार लगाने के अपने फैसले पर अडग रहती हैं तो फिर बीसीसीाई (BCCI) को 955 करोड़ का तगड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता हैं। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई अधिकारी ने कहा हैं-
“आईसीसी को अब भारत में कर अधिकारियों से 2023 के आयोजन के लिए अपने प्रसारण राजस्व के लिए 20% (अधिभार को छोड़कर) कर आदेश प्राप्त हुआ है। बीसीसीआई वर्तमान में वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के साथ काम कर रहा है और इस 20 के खिलाफ प्रतिनिधित्व किया है 10 % (अधिभार को छोड़कर) उच्चतम स्तर पर कर आदेश और उम्मीद है कि 10% (अधिभार को छोड़कर) कर आदेश जल्द ही आने वाला है”
“यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि भारत में 2023 के आयोजन के लिए ICC द्वारा किए गए किसी भी कर की लागत को ICC से BCCI के राजस्व के हिस्से के साथ समायोजित किया जाएगा। BCCI के राजस्व पर प्रभाव ICC, अगर ICC द्वारा 21.84% विदहोल्डिंग टैक्स ऑर्डर प्राप्त होता है, तो यह USD 116.47 मिलियन है।” 2023 विश्व कप की कुल लागत 533.29 मिलियन अमेरीकी डॉलर है।”
2016 में बीसीसीआई को हुआ 193 करोड़ का नुकसान
भारत ने साल 2016 में टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी, इस वक्त भी केंद्र सरकार द्वारा कोई छूट नहीं मिली थी। जिसके चलते बोर्ड को 193 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ था। बीसीसीआई अधिकारी ने इस बारे में बात करते हुए कहा-
“आईसीसी के प्रसारण भागीदार को भारत सरकार के संबंधित विभाग द्वारा 2016 के आयोजन के लिए 10.92% के कम विदहोल्डिंग टैक्स की अनुमति दी गई थी। यह 10.92% लगभग 23.5 मिलियन अमरीकी डालर की राशि थी। 23.5 मिलियन अमरीकी डालर की यह राशि बाद में थी आईसीसी के राजस्व में बीसीसीआई के हिस्से से कटौती की गई। तब से बीसीसीआई द्वारा इस कटौती का कानूनी रूप से विरोध किया जा रहा है।”
