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  • Asad Ahmed के बाद  UP में हुआ एक और एनकाउंटर, रात के अंधेरे में पुलिस ने पैरों में मारी गोली

    Asad Ahmed के बाद UP में हुआ एक और एनकाउंटर, रात के अंधेरे में पुलिस ने पैरों में मारी गोली

    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से एक और बड़ी खबर आ रही है। बता दें कि, उत्तर प्रदेश में दिनदहाड़े एक कॉलेज की छात्रा की हत्या का मामला सामने आया है। युवती जब कॉलेज से एग्जाम देकर घर वापस लौट रही थी इसी दौरान 2 लोगों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार है। हालांकि पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। वहीं वारदात के 10 घंटे बाद पुलिस के साथ एनकाउंटर में एक आरोपी घायल हो गया जबकि दूसरा आरोपी अभी भी फरार है।

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    रोशनी से शादी करना चाहता था राज

    खबरों के अनुसार ऐसा कहा जा रहा है कि, रोशनी नाम की युवती राम लखन पटेल कॉलेज में बीए की छात्रा थी और वह सोमवार को एग्जाम देकर घर लौट रही थी। इसी दौरान 2 आरोपियों ने उसे गोली मार दी। जिससे मौके पर ही युवती रोशनी की मौत हो गई, फरार आरोपी के साथ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पचोखरा रोड पर हत्यारों से एसओजी पुलिस की मुठभेड़ हो गई। जिसमे राज अहिरवार घायल हो गया जबकि दूसरा आरोपी फरार हो गया।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐसा कहा जा रहा है कि आरोपी राज और छात्रा एक दूसरे को जानते थे और राज उससे शादी करना चाहता था लेकिन युवती ने शादी से इंकार कर दिया था और उससे दूरी बना ली थी। जिसकी वजह से आरोपी राज ने अपने कजिन के साथ मिलकर यूपी को गोली मार दी।

  • Atique Ahmed को सबसे पहले इस अधिकारी ने किया था गिरफ्तार, पूर्व डीएसपी बोलें खत्म नहीं हुआ अतीक का साम्राज्य

    उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन अतीक अहमद (Atique Ahmed) और उसके भाई अशरफ अहमद की बीते शनिवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हमलावरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले अतीक (Atique Ahmed) के बेटे असद को एसटीएफ (STF) ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। अतीक अहमद (Atique Ahmed) हत्याकांड के बाद कई लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई है। कई लोगों ने इसे सही बताया है, तो कई लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं।

    Atique Ahmed को लेकर की बात

    अब इसी बीच अतीक अहमद को सबसे पहले गिरफ्तार करने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस से डीएसपी के पद से साल 2015 में रिटायर हुए धीरेंद्र राय ने एक खास बातचीत में बात की और उन्होंने अतीक की कहानी बताई है। जब अपराध की दुनिया में उसका बोलबाला हुआ करता था।

    पूर्व डीएसपी धीरेंद्र राय ने कहा कि, इस तरह की घटना हमेशा सभ्य समाज के लिए निंदनीय रही है और इसकी निंदा भी की जानी चाहिए। हालांकि जिस तरीके से यह अचानक घटना घटी और बाद में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया यह पूरी तरीके से प्लान मर्डर था और इस पूरी घटना का स्विच कहीं और है। हत्या में जिन इंपोर्टेड हथियारों के इस्तेमाल किए गए हैं उसे सामान्य आदमी नहीं पा सकता।

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    पूर्व डीएसपी बोलें खत्म नहीं हुआ Atique Ahmed का साम्राज्य

    धीरेंद्र राय ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि, अतीक और अशरफ की मौत के बाद यह नहीं कहा जा सकता है कि उसका पूरा आपराधिक साम्राज्य खत्म हो गया है क्योंकि उसके चार बेटे हैं और दो बेटे क्रिमिनल मामले में जेल में बंद हैं। साथ ही उमेश पाल हत्या में षड्यंत्र रचने के मामले में उसकी उसकी बीबी भी अभी फरार है। जिसको पुलिस पकड़ नहीं सकी है।

    उन्होंने आगे बताया कि, अतीक और अशरफ ने अपने जीवन काल में इस तरह के जघन्य अपराध कराए हैं और किए हैं। बहुत से लोग उनके इस तरह के दुश्मन होंगे जो उनको मारना चाह रहे होंगे। यह तो जांच ही तय कर पाएगा कि यह किस कारण से हुआ है लेकिन मैं इससे सहमत नहीं हूं कि अतीक की हत्या करने वाले शूटर जो कह रहे हैं वह सही है। तीनों आदमी अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं।

    एक घटना को याद करते हुए धीरेंद्र राय ने बताया कि, साल 1986 में प्रयागराज के सिविल लाइन इलाके में अशोक साहू नामक युवक की अतीक अहमद के भाई ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड की जांच मुझे मिली। इस मामले में मैंने अतीक अहमद और उसके पिता को गिरफ्तार किया था और दोनों लोग जेल गए थे।

    बाद में मेरा तबादला सीबीआई में हो गया। जब मैं इस केस की जांच कर रहा था, तो एक बार अतीक अहमद की तरफ से हमारे घर पर एक फोन आया और कहा गया कि, मैं आपका शुभचिंतक हूं और अतीक अहमद के बारे में मैं आपको कुछ बताना चाहता हूं। उस समय रात के 1:30 बज रहे थे। लोगों द्वारा जिस दुकान से हमारा सामान आता था उस दुकान पर जाकर भी मेरे बेटे के बारे में पूछा गया था। मुझे मालूम हो गया था किन लोगों के द्वारा यह कार्य किया जा रहा है।

  • Akanksha Dubey मामले में इन दो लोगों के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

    भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री आकांक्षा दुबे (Akanksha Dubey) ने बीते दिनों बनारस के एक होटल के कमरे में सुसाइड कर लिया था। अभिनेत्री ने सुसाइड किया है ये साजिश के तहत हत्या की गई है। इस पूरे मामले की पुलिस जांच कर रही है। अभिनेत्री आकांक्षा दुबे (Akanksha Dubey) की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे है। एक अभिनेत्री कैसे अचानक सुसाइड जैसा बड़ा कदम उठाती है?

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    Akanksha Dubey की मां ने दर्ज कराया केस

    अब इसी बीच आकांक्षा दुबे मामले को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि, आकांक्षा दुबे की मौत सुसाइड की वजह से हुई है। वाराणसी के डिश्नल सीपी ने बताया कि, भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मौत होटल में सुसाइड की वजह से हुई। मौत वाली रात वो एक पार्टी से लौटी थी। इंस्टाग्राम पर उसके कुछ वीडियो है जिनमे वो अपसेट और रोती नजर आ रही है। दरवाजा अंदर से बंद था इसमे किसी तरह की क्रिमिनल एक्टिविटी नहीं शािमल है।

    Akanksha Dubey मामले में पुलिस का आया बयान

    पुलिस ने ये भी खुलासा किया है कि अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मां ने शिकायत दर्ज कराई है और केस को रजिस्टर कर लिया गया है। इस शिकायत में समर सिंह और संजय सिंह दो लोगों का नाम है। ये दोनों ही भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े है। पुलिस ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच की जा रही है।

    इसके अलावा बीते दिनों अभिनेत्री की मां ने खुलासा किया था कि समर सिंह के भाई ने अभिनेत्री को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसके अलावा कई तरह के आरोप अभिनेत्री की मां ने लगाया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आकांक्षा दुबे की मौत के बाद से समर सिंह लापता है।

  • पोस्टमार्टम के बाद Akanksha Dubey का हुआ अंतिम संस्कार, भाई ने बताया बाॅयफ्रेंड समर सिंह ने पोस्ट डिलीट की

    भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री आकांक्षा दुबे (Akanksha Dubey) की वाराणसी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। अभिनेत्री की मौत के बाद परिवार समेत भोजपुरी इंडस्ट्री में गम का माहौल है। आकांक्षा दुबे (Akanksha Dubey) की मौत के बाद कई तरह की सवाल खड़े हो रहे है। अब इसी बीच आकांक्षा दुबे (Akanksha Dubey) की मां ने दो लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है जिसकी जांच चल रही है।

    Akanksha Dubey का अंतिम संस्कार

    बता दें कि आकांक्षा दुबे की मौत रविवार को हुई थी। अब उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद आकांक्षा दुबे के पार्थिव शरीर को वाराणसी में सोमवार की रात मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान अभिनेत्री के परिवार के लोग और शुभचिंतक शामिल थे।

    वहीं सूत्रों के अनुसार इस मामले के आरोपितों के करीबी शुभचिंतक बनकर मौजूद रहे। आकांक्षा दुबे आत्महत्या मामले में भोजपुरी गायक सिमर सिंह और उसके भाई संजय सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं दोनों की गिरफ्तारी के लिए यूपी के कई जिलों में क्राइम ब्रांच की टीम पहुंची है। सूत्रों के हवाले से आई खबरों में कहा जा रहा है कि अगर आरोपित पुलिस की पकड़ में नहीं आया तो पुलिस उसके रिश्तेदारों को हिरासत में ले सकती है।

    बीते दिन यानी सोमवार को अपर पुलिस आयुक्त संतोष सिंह ने मीडिया को बताया कि, शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराया गया। खबर के अनुसार शुरूआती रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। वहीं होटल के कमरे की फाॅरेंसिक रिपोर्ट का भी पुलिस इंतजार कर रही है जिसके बाद भी कुछ साफ हो पाएगा।

    पुलिस इस पूरे मामले में कंफर्म कर रही है कि ये सुसाइड का केस है। इसके बाद अब पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर क्या कारण है कि अभिनेत्री ने सुसाइड किया है। पुलिस मोबाइल फोन की जांच कर रही है जिससे ये पता चल सके कि मौत से पहले अभिनेत्री ने किन किन लोगों से बात की थीं उस रात क्या हुआ था। इसके अलावा पुलिस इस मामले के आरोपित समर सिंह और उसके भाई संजय सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट भी चेक कर रही है।

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    Akanksha Dubey के भाई का दावा

    आकांक्षा के भाई हरिओम दुबे ने दावा किया है कि, समर सिंह ने इंस्टा पर कई पोस्ट को डिलिट कर दिया है। अगर वो दोषी नहीं है तो उनको ऐसा नहीं करना चाहिए था। बता दें कि समर सिंह अभिनेत्री की मौत के बाद से लापता है और उसका मोबाइल स्विच आफ है।

     

  • UP POLICE: आक्रामक से अत्याचारी होती जा रही मुख्यमंत्री योगी की पुलिस, 2024 के लोकसभा चुनाव पर दिख सकता है असर

    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की पुलिस (POLICE) का रूप तब तक ठीक था जब तक वो अपराधियों पर आक्रामक थी लेकिन अब उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) न सिर्फ अपराधियों पर बल्कि जनता पर भी अत्याचारी होती जा रही है. उत्तर प्रदेश पुलिस (UP POLICE) का रुख अब इतना सख्त हो गया है की वो खुद को खुदा मानने लगी है. क्या इसका सीधा असर ‘योगी सरकार’ की छवि पर पड़ेगा.

    वर्दी में यूपी पुलिस मज़बूत और जनता मज़बूर

    आक्रामक से अत्याचारी होती जा रही मुख्यमंत्री योगी की पुलिस

    उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) की बर्बरता बढ़ती जा रही है. हालही में उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) ने सारीं हदें पार करदीं हैं. योगी सरकार की पुलिस सभी अपराधियों से सख्ती से निपटती आई है. उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) का बड़ा रोल रहा है जनता के बीच सरकार का विश्वास बनाने में. उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) ने योगी सरकार के कार्यकाल में 7500 से ज्यादा एनकाउंटर किए जिसमें 132 अपराधी भी मारे गए हैं.

    नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट की माने तो लगभग हर रोज़ 5 एनकाउंटर हुए हैं. इसी कड़ी में यूपी सरकार ने ही अपराधियों के घरों में बुलडोज़र चलवाने की शुरुवात भी की थी जिसके बाद से जनता के बीच एक अच्छा मैसेज गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को 2022 के चुनाव में बुलडोज़र बाबा की उपाधि भी दी गयी थी. कहीं कहीं अपराधियों पर उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) का सख्त रुख जनता को पसंद आया जिसकी वजह से दोबारा जनता ने सरकार पर 2022 के चुनाव में भी भरोसा दिखाया.

    अत्याचार की सारी हदें पार जनता के साथ हो रहा ऐसा व्यवहार

    उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) जनता के जान-माल की सुरक्षा की जगह जनता की दुश्मन बन गयी है. कोरोना (Covid-19) काल में एक पुलिस वाले ने सब्जी विक्रेता को इतना मारा की आखिर में उसकी मौत ही हो गयी. उन्नाव का ये 17 साल का बच्चा अपना पेट पालने के लिए सब्ज़ी बेच रहा था. उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) की भयानक दास्ताँ उस वक़्त की है जिस वक़्त भारत लॉकडाउन से जूझ रहा था. उस वक़्त ऐसे परिवार भी थे की अगर वो रोज़ न कमाते तो भूख से ही उनके परिवार वालों की मौत हो जाती.

    उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) पर ये भी आरोप है की ललितपुर ज़िले में गैंगरेप की शिकायत लेकर गयी लड़की के साथ थाने भी पुलिस ने बलात्कार किया. उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) की बढ़ती बर्बरता जनता के लिए घातक साबित होती जा रही है. BCI (Bar Council Of India) ने उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) के लिए कहा था की, “यूपी पुलिस के अत्याचारों की कोई भी सीमा नहीं बची है” क्योंकि एटा में एक वकील के ऊपर भी पुलिस ने अपनी बर्बरता दखाई थी.

    निष्कर्ष:

    सभी बातों का निष्कर्ष ये है योगी सरकार को अपनी पुलिस (Police) पर ध्यान देने की सख्त ज़रूरत है. पुलिस के इस अत्याचारी सुभाव से न सिर्फ महिलाएं बल्कि हर वो शख्स प्रताड़ित है जो पुलिस की बर्बरता का शिकार हो जाता है. अगर पुलिस इसी तरह जनता पर कहर बरपाती रही तो इसका खमियाजा सरकार को 2024 के लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा. पुलिस सिस्टम धीरे धीरे जनता को निगलता जा रहा है.

     

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