फिल्मफेयर अवार्ड में 7 कैटेगरी में नॉमिनेट हुई Vivek Agnihotri की फिल्म द कश्मीर फाइल्स, डायरेक्टर ने अवॉर्ड को मारी लात

By Deepansha kasaudhan On April 27th, 2023
Vivek Agnihotri

बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर फिल्म का डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) को लोग उनकी फिल्म द कश्मीर फाइल्स के जरिए जानते हैं। उनकी यह फिल्म पिछले साल सिनेमाघरों में रिलीज की गई थी और इस फिल्म को लोगों की तरफ से काफी अच्छी प्रतिक्रिया भी मिली थी। इस फिल्म ने लोगों को रुलाया और उन्हें एहसास दिलाया कि अपने घर को खोना क्या होता है। यह कहा जा सकता है कि डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) की फिल्म द कश्मीर फाइल्स को दर्शकों ने पसंद किया और यह देश की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म की लिस्ट में भी आती है।

“विवेक अग्निहोत्री को भुगतना पड़ेगा THE KASHMIR FILES बनाने का खामियाजा”

Vivek Agnihotri ने अवॉर्ड लेने से किया इंकार

बता दें कि, विवेक अग्निहोत्री की फिल्म द कश्मीर फाइल्स को 68वें फिल्मफेयर अवार्ड में 7 कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया है। लेकिन अब इसी बीच डायरेक्टर का कहना है कि, उन्हें यह सब नहीं चाहिए। विवेक अग्निहोत्री ने फिल्म फेयर को मुंह पर ही मना कर दिया है। सिर्फ इतना ही नहीं डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने अवार्ड लेने से मना करने का कारण भी बताया है।

उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया काउंटर पर अपनी बात को रखते हुए लिखा कि, मुझे मीडिया से पता चला कि द कश्मीर फाइल्स को 7 कैटेगिरी में नॉमिनेशन मिला है। लेकिन मैं इन अनैतिक और सिनेमा के विरुद्ध अवॉर्ड्स को नम्रता से न करता हूं। इसका कारण भी बताता हूं।

Vivek Agnihotri ने बताया कारण

डायरेक्टर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए लिखा कि, फिल्मफेयर के मुताबिक स्टार्स के अलावा किसी का कोई चेहरा नहीं है। किसी के होने ना होने से फर्क नहीं पड़ता, फिल्म फेयर की अनैतिक दुनिया में मास्टर डायरेक्टर जैसे संजय लीला भंसाली और सूरज बड़जात्या की कोई चेहरे नहीं है। भंसाली की पहचान आलिया भट्ट से होती है, सूरज की मिस्टर अमिताभ बच्चन से और अनीस बजमी की कार्तिक आर्यन से। ऐसा नहीं है कि फिल्म फेयरअवार्ड से किसी फिल्मकार की इज्जत बढ़ती है। लेकिन यह शर्मिंदगी का सिस्टम खत्म होना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि, इसलिए मैं बॉलीवुड के इस भ्रष्ट, अनैतिक और चापलूसी भरे अवॉर्ड को नकारता हूं। मैं ऐसा कोई अवॉर्ड नहीं लूंगा। मैं ऐसे भ्रष्ट और दबाव डालने वाले वाले सिस्टम का हिस्सा बनने से इनकार करता हूं जो राइटर, डायरेक्टर, दूसरे HOD और क्रू मेंबर्स को स्टार्स से नीचा और उनका गुलाम समझता है। जो लोग जीतेंगे उन्हें मेरी तरफ से बधाई।

अच्छी बात ये है कि मैं अकेला नहीं हूं। धीरे-धीरे एक समानांतर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री खड़ी हो रही है। तब तक सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए। मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए। दुष्यंत कुमा।

विवेक अग्निहोत्री को अपनी बात के लिए कमाल आर खान उर्फ केआरके का सपोर्ट मिला है। केआरके ने कमेंट करते हुए लिखा कि, ‘भाई साहब सही निर्णय लिया है, बहादुर निर्णय है ये, आपको मेरा सलाम।’ इसके अलावा कई लोग डायरेक्टर की बात का खुलकर सपोर्ट कर रहे हैं।

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