भारतीय टीम के 3 बड़े उपकप्तान जो कभी नहीं कर पाए कप्तानी, इस दिग्गज आलराउंडर का नाम भी शामिल

भारतीय टीम (Indian Team) के लिए खेलने का सपना हर खिलाड़ी देखता है जिसमें कुछ खिलाड़ी सफल होते है तो कुछ के हाथ केवल असफलता ही लगती है। कई बार खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में जगह तो मिल जाती है लेकिन वो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नहीं खेल पाते है। इन सबके बीच कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिन्हें टीम की कप्तानी करने का मौका भी मिलता है। हालाँकि कई बार खराब प्रदर्शन के कारण खिलाड़ियों को कप्तानी चली भी गयी है।
जब कोई खिलाड़ी टीम में शामिल होता है तो वो इसके साथ कप्तान के तौर पर खेलने की भी इच्छा रखता है। देश का नेतृत्व कप्तान के रूप में करना बहुत बड़े सम्मान की बात होती है। हालाँकि बहुत कम खिलाड़ी होते हैं जिन्हें ये सम्मान अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में नसीब हो पाता है।
जब प्लेयर को उपकप्तान बनाया जाता है तो उनकी उम्मीदें और भी बढ़ जाती हैं। क्योंकी जब आप टीम के उपकप्तान बन जाते हैं तो आप कप्तान बनने के सबसे करीब पहुँच जाते हैं। बहरहाल कुछ ही खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिन्हें सीधे कप्तान बना दिया गया था। आज हम ऐसे 3 दिग्गज खिलाड़ी के बारे में बात करने वाले हैं जिन्हे उपकप्तान तो बनाया गया लेकिन कप्तानी की बागडौर नहीं सौंपी गयी।
1. युवराज सिंह –

भारतीय टीम के दिग्गज आलराउंडर खिलाड़ी युवराज सिंह (Yuvraj Singh) का नाम इस लिस्ट में सबसे पहले दर्ज है। सीमित ओवर क्रिकेट में दिग्गज के तौर पर आंका जाता है। युवराज सिंह की पहचान भारतीय क्रिकेट में एक बहुत बड़े मैच विनर के रूप में होती थी। युवराज सिंह ने भारतीय टीम के लिए 2008 में बतौर उपकप्तान भी खेला है।
जिसके बाद वो 2010 तक भारतीय टीम के उपकप्तान रहे लेकिन उसके बाद भी कभी टीम के कप्तान नहीं बन पाए. युवराज सिंह ने भारतीय टीम के लिए लगभग 400 अंतराष्ट्रीय मैच खेले। 2011 विश्व कप और 2007 टी20 विश्व कप में भी इनका मुख्या योगदान रहा है।
युवराज सिंह ने भारतीय टीम के लिए भले ही कप्तानी ना ही हो लेकिन वो आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब और पुणे वारियर्स इंडिया के लिए बतौर कप्तान खेल चुके हैं। किंग्स इलेवन पंजाब की टीम की कप्तानी करते हुए उन्होंने अपने टीम को सेमीफाइनल में पहुँचाया था।
2. वीवीएस लक्ष्मण –

लिस्ट में दूसरे नंबर पर वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) का नाम आता है। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में वीवीएस लक्ष्मण का नाम हमेशा प्रशंसनीय है। टीम इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में लक्ष्मण के योगदान ने कई मुकाबलों में टीम को जरूरी जीत दिलाई है।टेस्ट क्रिकेट में इनका कद बहुत ऊँचा नजर आता है।
और 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच की उस पारी कौन भूल सकता है, जहां उन्होंने टीम को संभालते हुए दूसरी पारी में 281 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। बता दें वीवीएस लक्ष्मण ने भारतीय टीम की उपकप्तानी 2011 में इंग्लैंड के टेस्ट सीरीज से संभाली थी। उसके बाद कुछ समय तक वो टीम के उपकप्तान रहे लेकिन कभी भी इस खिलाड़ी को टीम की कप्तानी नहीं मिल पायी।
इस खिलाड़ी को एकदिवसीय क्रिकेट में ज्यादा मुकाबले खेलने का अवसर नहीं मिला। बावजूद इसके उन्होंने टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। फिर भी उन्हें कभी कप्तान नहीं बनाया गया। हालाँकि आईपीएल के पहले सीजन में ये खिलाड़ी डेक्कन चार्जर्स हैदराबाद का कप्तान के तौर पर टीम में मौजूद थे। लेकिन उसके बाद वो चोटिल हो गये और कप्तानी ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट को दे दी गयी थी।
3. हरभजन सिंह –

दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) भी इस लिस्ट में नजर आ रहे हैं। विश्व क्रिकेट में जब भी कुछ महान ऑफ स्पिनरों के बारे में चर्चा हो रही होगी तो हरभजन सिंह का नाम सबसे पहले लिया जायेगा। इनकी गेंदबाजी के आगे दिग्गज बल्लेबाज भी घुटने टेकने को मजबूर हो जाते थे। अपनी गेंदबाजी के दम पर हरभजन सिंह ने कई मैचों में भारतीय टीम को जीत की तरफ अग्रसर किया है।
हरभजन सिंह ने भारतीय टीम की कप्तानी वनडे क्रिकेट में मिला था। बता दें हरभजन सिंह 2011 में जब टीम वेस्टइंडीज दौरे पर गयी थी तो टीम में उपकप्तान के तौर पर जुड़े हुए थे। हालाँकि उसके बाद भी वो कप्तानी के शिखर तक पहुंचने में असफल रहे थे।
क्रिकेट के दोनों फ़ॉर्मेट में बहुत बड़े मैच विनर माने जाने वाले हरभजन सिंह ने भारतीय टीम की कप्तानी भले ही नहीं संभाली लेकिन वो आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए कप्तानी कर चुके हैं। मुंबई इंडियंस के लिए ही हरभजन सिंह ने चैंपियंस लीग में भी संभाली थी और खिताब जीताया था।
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