सचिन तेंदुलकर 36 घंटे तक सो नहीं सके फिर अगले ही मैच में काल बन कर बरसे, जानिए पूरी कहानी

By Sameeksha dixit On August 24th, 2022
सचिन तेंदुलकर 36 घंटे तक सो नहीं सके फिर अगले ही मैच में काल बन कर बरसे, जानिए पूरी कहानी

क्रिकेट में हर खिलाड़ी मैदान पर अपना पसीना बहता हैं. लेकिन कुछ खिलाड़ी मैदान के बहार भी अपनी अपना दिन रात एक करते हैं. ऐसे ही दृढ संकल्पी खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर थे, उनके बारे में कहा जाता हैं, अगर उन्होंने कुछ ठान लिया तो वो अपने लक्ष्य को हासिल करके ही दम लेते थे. हम बात कर रहे हैं, उस समय की ज़ब शारजाह में भारतीय टीम द्वारा श्रीलंका और जिंबाब्वे के साथ ट्राई सीरीज खेली जा रही थी. फाइनल में होने वाले मुकाबले में जिम्बाब्वे और भारत दोनों आपस में भिड़ने को तैयार हो चूके थे.

लेकिन उससे ठीक पहले एक लीग मैच भी खेला जाना था, इस मैच में जिंबाब्वे द्वारा पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को 205 रनों का लक्ष्य रखा गया और भारतीय बल्लेबाजों पर जिंबाब्वे के तेज गेंदबाज हेनरी ओलंगा ने तूफानी गेंदबाजी की. उन्होंने मात्र 28 रनों पर भारत के तीन अहम बल्लेबाजों सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली का विकेट झटका.

भारत को करना पड़ा हार का सामना

इस मुकाबले में गांगुली 1 रन, द्रविड़ 3 रन, और सचिन तेंदुलकर 11 रनों पर अपने विकेट खो चूके थे. इन तीनों ही बल्लेबाजों को हेनरी ओलंगा अपना शिकार बनाया. इस मैच के दौरान ओलंगा द्वारा 46 रन खर्च किए और बदले में 4 विकेट हासिल किए, जिसकी बदौलत भारत महज़ 13 रनों से मैच हार गया.

इस मैच पर बारीकी से नज़र डाले तो, ओलंगा की एक बाउंसर गेंद पर सचिन तेंदुलकर अपना बल्ला लगा बैठे, जिसमें वह सिर्फ 12 गेंदों पर 11 रन बनाकर कैच आउट हुए.

सोनी सिक्स पर अजय जडेजा ने इस किस्से का जिक्र करए हुए बताया कि

” सचिन तेंदुलकर उस मैच के दौरान जब आउट हुए थे, तो सचिन उस रात और जब तक अगला मैच नहीं हुआ तब तक उनके दिमाग में सिर्फ एक ही बात चलती रही थी. वह सो नहीं सका उसके बाद सचिन एक अलग ही अवतार में नजर आए “

उन्होंने सोचा कि जो कुछ भी हुआ है, वह ठीक नहीं हुआ है. उन्होंने ठंडे दिमाग से इस बात पर विचार किया और अगले मैच का इंतजार भी किया. उसके बाद उनके द्वारा जो जवाब दिया गया, शायद ही हेनरी ओलंगा कभी भूल पाए.

इस सीरीज का फाइनल मुकाबला ठीक 36 घंटे बाद होने वाला था. सचिन द्वारा इस मैच के दौरान कुछ ऐसा किया गया, जो सभी को हैरान करने वाला था. इस मैच के दौरान सचिन जख्मी शेर की तरह मैदान पर उतरे, और जिंबाब्वे के गेंदबाजों पर काल बन कर बरस पड़े. जिम्बाब्वे द्वारा इस मैच में 9 विकेट के नुकसान पर 196 रन का स्कोर बनाया गया था. जिसके जवाब में सलामी बल्लेबाज सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर द्वारा जिंबाब्वे के गेंदबाजों की खाल उधेड़ कर रख दी.

सचिन ने लिया हार का बदला

पिछले मैच के दौरान मिली हार का बदला लेने के लिए सचिन तेंदुलकर पूरी तरह तैयार थे, उन्होंने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की फिर 92 गेंदों पर नाबाद 124* रनों की धमाकेदार पारी खेलते हुए भारत केवल 30 ओवरों में इस मैच को जीत लिया. अपनी इस पारी के दौरान सचिन ने 12 चौके और छक्के भी ठोके, इतना ही नहीं, बल्कि 6 ओवरों में हेनरी ओलंगा की गेंदबाजी में सचिन ने 50 रन ठोक दिए. सचिन और ओलंगा की यह कहानी क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित घटनाओ में से एक हैं. एक इंटरव्यू के दौरान ओलंगा ने कहा कि

“सचिन को मैंने नो बॉल पर आउट किया, मुझमे इतना ज्यादा पंप्ड था, कि मैंने जैसे ही अगली बॉल बाउंसर में डाली, सचिन उसी दौरान प्वाइंट पर कैच दे बैठे। मैं महसूस करता हूं की इसी बात के चलते सचिन बहुत अधिक गुस्से में आ गए थे।”

READ MORE: मैच जीतने की खुशी में Babar Azam ने कर दी बड़ी गलती, सोशल मीडिया पर लोगों ने उड़ाया मजाक

Tags: ज़िम्बावे क्रिकेट टीम, टीम इंडिया, सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली,
Exit mobile version