3 दिग्गज खिलाड़ी जिन्होंने महेंद्र सिंह धोनी की सफलता में निभाई है अहम भूमिका, वर्ना आज छोटे-मोटे खिलाड़ी होते माही

By Satyodaya Media On June 11th, 2022
3 दिग्गज खिलाड़ी जिन्होंने महेंद्र सिंह धोनी की सफलता में निभाई है अहम भूमिका, वर्ना आज छोटे-मोटे खिलाड़ी होते माही

क्रिकेट इतिहास के महान कप्तानों की लिस्ट में एक नाम सबसे ऊपर देखने को मिलेगा। यहाँ हम बात कर रहे हैं इंडियन टीम के सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) की। बतौर कप्तान और खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी अपने नाम कई उपलब्धियां दर्ज की हैं। धोनी सफलता की उस उचाई पर खड़े हैं जहा किसी खिलाड़ी के लिए पहुंचना तो दूर सोच पाना भी मुश्किल नजर आता है।

कहते हैं किसी इंसान की सफलता में उसके मेहनत के साथ -साथ कुछ सहयोगी भी जरूर होते हैं। वैसे ही धोनी के क्रिकेट करियर की सफलता में भी उनके कुछ सहयोगी खिलाड़ियों ने अहम् भूमिका निभाई है। आज इस आर्टिकल में हम ऐसे ही तीन मुख्य खिलाड़ियों पर चर्चा करने वाले हैं जिन्हे धोनी की सफलता में विशेष योगदान दिया है। कह सकते हैं की धोनी इनके कारन ही आज इस बुलंदी को छू पाए हैं।

1. गौतम गंभीर

धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप (T20 worldcup) और 2011 वर्ल्डकप अपने नाम किया था। इन दोनों टूर्नामेंट में जीत के साथ ही धोनी लोगो के दिलों पर राज करने लगे। उनकी चारो तरफ वाह -वाही होने लगी। हालाँकि गौर करने वाली बात ये है की दोनों ही बार फाइनल में भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा रन गौतम गंभीर(Gautam Gambhir) ने ही बनाये थे। गौतम गंभीर ने 2007 टी20 विश्व कप के फाइनल में 54 गेंदों में 75 रनों की पारी खेली थी.

जिसके बाद भारतीय टीम ने ख़िताब अपने नाम किया. 2011 विश्व कप के फाइनल में भी गंभीर ने सचिन और सहवाग के आउट होने जाने के बाद भी पारी को संभाला और 97 रनों की दमदार पारी खेल कर जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में गंभीर ने कई बार मैच को जिताने का दमखम दिखाया। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा की धोनी की सफलता में गंभीर ने काफी सहयोग दिया है।

2. युवराज सिंह

बड़े टूर्नामेंट के खिलाड़ी कहे जाने वाले युवराज सिंह (Yuvraj Singh) भी इस लिस्ट में शामिल हैं। 2007 टी20 विश्व कप जीता और फिर उसके बाद 2011 विश्व कप दोनों में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट का ख़िताब युवराज सिंह के माथे पर ही सजा था। इनके घातक परियों ने टीम इंडिया को जीत की तरफ अग्रसर करते हुए कप जीताया था। 2007 से 2011 तक युवराज सिंह के बल्लेबाजी और गेंदबाजी का बोलबाला रहा था।

धोनी की कप्तानी के दौर में वो युवी वो तुरुप का इक्का थे जो कभी फ़ेल नहीं होता था। उन्हें बड़ा मैच विनर कहा जाता था। मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए महेंद्र सिंह धोनी और युवराज की जोड़ी मैदान पर मैच खत्म करके ही वापिस लौटती थी। देखा जाये तो माही की कप्तानी का साम्राज्य स्थापित करने में युवराज ने मुख्य योगदान दिया है।

3. महेंद्र सिंह धोनी के साथ थे सौरव गांगुली

2004 में खिलाड़ी के तौर पर टीम इंडिया में जगह देने वाले सौरव गांगुली (sourav ganguly) भी इस लिस्ट में शामिल हैं। गांगुली धोनी को अपनी टीम में जोड़ना चाहते थें। जिसके लिए उन्होंने चयनकर्ताओं से बात कर माही को मौका दिया। टीम में मौका मिलने के बाद धोनी पहले 4 मैच में बेहद ख़राब प्रदर्शन दिखा पाए। जिसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ गांगुली ने उन्हें अपनी जगह नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा।

जहाँ महेंद्र सिंह धोनी ने विष्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 148 रन की जबरदस्त पारी खेली थी। धोनी को जब भी अपने कप्तान की जर्रूरत पड़ती तब गांगुली उनका खुलकर समर्थन करते नजर आते थे। गांगुली के इस विशेष मौके की वजह से ही धोनी अपने क्रिकेट करियर में सफल हो पाए थे। और भारत को एक सफल कप्तान मिल पाया था जिसने भारतीय क्रिकेट इतिहास को पूरी तरह से बदल कर रख दिया. जिसके कारण ही महेंद्र सिंह धोनी के सफलता में उनका योगदान अहम माना जाता है.

Tags: गौतम गंभीर, महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, सौरव गांगुली,
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