WPL 2023: पुणे के अनाथालय में रहने वाली ‘लैला’ को ‘यूपी वॉरियर्स’ ने बनाया अपना मेंटर, खूबसूरती में भी करती हैं सबको फेल

लिसा स्थलेकर

बात आईपीएल की हो या महिला प्रीमियर लीग (WPL) की फैंस अपनी टीम और फेवरेट प्लेयर्स को लेकर काफी एक्साइटेड रहते हैं। डब्लूपीएल में लखनऊ की फ्रेंचाइजी यूपी वॉरियर्स के नाम से खेलने वाली लिसा स्थलेकर इन दिनों चर्चा में हैं। इस बार वीमेंस आईपीएल पहली बार आयोजित होने वाला है। वह इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी के तौर पर खेलेंगी।

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के लिए खेलती हैं लिसा स्थलेकर

ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम ने पुणे के अनाथालय की लैला को अपना मेंटर बनाया है। वहीं लिसा स्थलेकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया का परचम लहराया। ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम की शानदार ऑलराउंडर खिलाड़ी लिसा अपने गेम के कारण सबके बीच जानी जाती हैं। 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद लिसा स्टालेकर ने कमेंट्री को अपना करियर बना लिया, जिसमें वह एक अलग पहचान बना चुकी हैं। पुणे में पैदा होने वाली लिसा के लिए ऑस्ट्रेलिया तक का समय अच्छा नहीं था।

जब अनाथ आश्रम में रही थीं लिसा

लिसा स्थलेकर को उनके जैविक माता पिता अनाथ आश्रम में छोड़ गए थे। गरीबी के चलते उन्होंने ऐसा कदम उठाया था। उस अनाथ आश्रम में लिसा को लैला नाम मिला। बाद में उन्हें को भारतीय मूल के डॉ. हरेन और उनकी अंग्रेज पत्नी सू ने गोद ले लिया था और वे बच्ची को लेकर मिशिगन जाकर शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने उनका नाम लिसा रख दिया और सिडनी में सेटल हो गए।  इसी अनाथ आश्रम में लिसा स्थलेकर ने दौरा किया और उन्हें नवजीवन प्रदान किया था। लिसा ने ट्वीट किया,

‘अपने अनाथालय में वापस आना हमेशा इमोशनल होता है। सभी ने बहुत स्वागत किया। 12 साल पहले जिन स्टाफ को द को देखा था, उनमें से बहुत सारे स्टाफ से दोबारा मिलकर काफी खुश हूं’।

कुछ ऐसा है लिसा का करियर

लिसा स्थलेकर ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत वनडे मुकाबले से साल 2001 में की थी। इसके बाद लिसा ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 8 टेस्ट, 125 वनडे और  54 टी20 मुकाबलों में भाग लिया। वनडे इंटरनेशनल में लिसा ने 2728 रन बनाने के साथ ही 146 विकेट भी लिए। वहीं, टी20 इंटरनेशनल की बात करें तो कुल 729 रन बनाए और  60 विकेट भी लिए। बता दें कि लिसा के नाम टेस्ट मैचों में 416 रन बनाने के अलावा 23 विकेट दर्ज हैं। उन्होंने कई बार ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी भी की थी।