उमरान मलिक के पिता आज भी लगाते हैं फल की दुकान, जानिए क्या है वजह

आईपीएल (IPL) सिर्फ क्रिकेट के रहस्य और रोमांच का प्रतीक ही नहीं बल्कि परदे के पीछे यह समाजिक तानेबाने को जोड़ने का भी काम कर रहा है। इसी में एक नाम जम्मू कश्मीर के तेज बॉलर उमरान मलिक (UMRAN MALIK) है। इनके पिता अब्दुल रशीद (ABDUL RASHID) अपने बेटे के लिए रमजान के पाक महीने में दिन भर में 10 बार नमाजें अदा कर दुआएं कर रहे हैं। बता दें कि उमरान मलिक (UMRAN MALIK) के पिता जम्मू के गुज्जर नगर में फल का ठेला लगाते हैं।

गरीबी में पले बढ़े हैं उमरान मलिक लेकिन पिता ने आज भी नहीं छोड़ी दुकान

उमरान मलिक (UMRAN MALIK) का ताअल्लुक एक गरीब परिवार से है। उनके अपने क्रिकेट करियर में काफी संघर्ष करना पड़ा है। अब जब उमरान मलिक(UMRAN MALIK) करोड़पति हो गए हैं फिर भी पिता अब्दुल रशीद फल बेचने का ही काम करते हैं। उनका मानना है कि इसी दुकान से घर परिवार चला है। बेटा जरूर करोड़पति हो गया है लेकिन वो अपना काम नहीं छोड़ सकते हैं। उमरान के पिता कहते हैं कि

” अब मेरी दुकान अब्दुल राशिद शॉप से उमरान मलिक के पापा की दुकान बन गई है। इस दुकान की मदद से ही मैं अपने परिवार को खाना खिला पाता था। हांं, मेरा बेटा पूरे देश में एक जाना माना नाम बन गया है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि मैं काम करना छोड़ दूंगा”।

उमरान मलिक के पिता ने कहा कि उमरान सिर्फ मेरा नहीं बल्कि देश का बेटा

उमरान (UMRAN MALIK)  के पिता का कहना है कि

“उमरान मलिक मेरा बेटा नहीं है। अब वो भारत का बेटा है। अगर अल्लाह ने चाहा तो वो भारत का नाम रौशन करेगा। मैं रमजान के पावन महीने में अपने बेटे के लिए दिन में 10 बार नमाज अदा कर रहा हूं”।

बता दें कि उमरान  (UMRAN MALIK) इस बार सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की ओर से खेल रहे हैं। आईपीएल (IPL) में सबसे तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इस सीजन में 153.3 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी की है। इसके लिए उनको 1 लाख रुपए का ईनाम भी मिला है। इस वर्ष आईपीएल (IPL) के मेगा ऑक्शन में उनको 4 करोड़ रुपए में खरीदा गया था।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *