महेंद्र सिंह धोनी ने खत्म कर दिया इन 5 स्टार भारतीय खिलाड़ियो का करियर, विश्व कप विजेता खिलाड़ी भा लिस्ट में शामिल
महेंद्र सिंह धोनी ने खत्म कर दिया इन 5 स्टार भारतीय खिलाड़ियो का करियर, विश्व कप विजेता खिलाड़ी भा लिस्ट में शामिल

टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी ने कई खिलाड़ियों का करियर बनाया है. रोहित शर्मा, विराट कोहली, शिखर धवन, सुरेश रैना, रवींद्र जडेजा और कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनका करियर धोनी की वजह से बना है. लेकिन आपको बता दें कि कई ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिनका करियर महेंद्र सिंह धोनी की वजह से खत्म हो गया. ये खिलाड़ी लाइमलाइट से अलग गुमनामी का जीवन जी रहे हैं।

क्रिकेट को अपना करियर बनाने वाले ये खिलाड़ी क्रिकेट के चमक-धमक में इस तरह खोए कि कभी भी सुर्खियों में ना आ सके। आज हम बात करेंगे ऐसे कुछ पुराने क्रिकटरों के बारे में जिनके बारे में शायद आप भूल भी गए हो।

महेंद्र सिंह धोनी ने खत्म कर दिया इन 5 स्टार खिलाड़ियो का करियर

गौतम गंभीर

टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने अपने क्रिकेट करियर के दौरान भारत की जीत में कई बार अहम योगदान दिया है . 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 में हुए 50 ओवर वर्ल्ड कप में गंभीर ने अपनी तूफानी पारी के दम पर टीम की झोली में जीत की सौगात डाली है . लेकिन कभी भी उनको इस बात का उतना क्रडिट नहीं दिया गया जितना उन्हें मिलना चाहिए था. इसके अलावा गंभीर अपने रिटायरमेंट के बाद कई बार महेंद्र सिंह धोनी पर बड़े आरोप लगाते रहे हैं. गंभीर ने कई बार ऐसा भी कहा है कि धोनी की वजह से उनके करियर को ग्रहण लगा है.

दिनेश कार्तिक

दिनेश कार्तिक के करियर पर ब्रेक लगने में महेंद्र सिंह धोनी का मुख्य रोल रहा है। दरअसल धोनी की वजह से कार्तिक को टीम में खास मौके नहीं मिल पाए थे. 17 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास डेब्यू करने वाले कार्तिक ने 2004 में विकेटकीपर के रूप में भारतीय टीम अपनी जगह बनाई. हालांकि 2004 में जैसे ही धोनी ने टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था तब से कार्तिक बाहर हो गए.

नमन ओझा

कार्तिक के जैसे ही नमन ओझा का करियर भी महेंद्र सिंह धोनी की वजह से ही खत्म हो गया. ओझा को उसी वक्त टीम में जगह मिलने वाली थी जब धोनी ने अपना डेब्यू था, लेकिन फिर माही की वजह से उन्हें जगह नहीं मिल पाई. बाद में श्रीलंका के खिलाफ उन्हें 2010 में पहली बार भारत के खिलाफ खेलने का मौका मिला. इसके 5 साल बाद 2015 में श्रीलंका के ही खिलाफ उन्होंने अपना पहला टेस्ट खेला. लेकिन 2019 तक विकेटकीपिंग पद पर अपना कब्जा जमाने वाले धोनी ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिलने दिए.

पार्थिव पटेल

पार्थिव पटेल को भी महेंद्र सिंह धोनी से पहले बतौर विकेटकीपर टीम में शामिल किया गया था. लेकिन जैसे ही धोनी ने टीम में एंट्री मारी पार्थिव को भी ज्यादा मौके नहीं मिले. पार्थिव ने इसी बीच आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन धोनी जैसे खिलाड़ी की जगह टीम में ले पाना मुश्किल था. पार्थिव ने अपने करियर में कुल 25 टेस्ट मैच खेले.

दीपदास गुप्ता


बंगाल की ओर से खेलने वाले दीपदास गुप्ता भी एक अच्छे विकेटकीपर थे. लेकिन जैसा बाकी खिलाड़ियों के साथ हुआ वैसा ही उनके साथ भी हुआ. महेंद्र सिंह धोनी ने जैसे ही टीम में अपनी जगह बनाई दास गुप्ता कहीं गुम ही हो गए. उनका करियर टीम इंडिया के लिए महज एक साल का रहा. फिलहाल वो एक मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर हैं.

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