SL vs AFG: वह 3 कारण जिसके चलते श्रीलंका को हारना पड़ा एशिया कप का पहला मुकाबला, टॉप-4 से हो सकती हैं अब बाहर?
SL vs AFG: वह 3 कारण जिसके चलते श्रीलंका को हारना पड़ा एशिया कप का पहला मुकाबला, टॉप-4 से हो सकती हैं अब बाहर?

एशिया कप 2022 का आगाज 27 अगस्त से यूएई (UAE) में हो चुका हैं। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला श्रीलंका (SRILANKA) बनाम अफगानिस्तान (AFGHANISTAN) के बीच 27 अगस्त को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम (DUBAI INTERNATIONAL STADIUM) में शाम 7ः30 बजे से खेला जा रहा था। अफगानिस्तान के कप्तान मोहम्मद नबी (MOH. NABI) ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था।

अफगानी टीम अपने फैसले पर पूरी तरह खड़ी उतरती नजर आयी। श्रीलंकाई टीम ने अफगानिस्तान के सामने 106 रनों का लक्ष्य रखा था। अफगान टीम ने शानदार तरीके से लक्ष्य का पीछा करते हुए 8 विकटों से जीत हासिल कर ली हैं। आइए आपको श्रीलंका की हार के 3 कारण बताते हैं-

1. पहले ही ओवर में 2 विकेट

श्रीलंका की टीम टॉस पहले ही हार चुकी थी, टी20 में हालांकि टॉस अहम इकाई होती हैं। लेकिन हारने के बाद भी टीमें उसे अपने पक्ष में कामयाब रहती हैं। श्रीलंका की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी, पहले ही ओवर में टीम ने 2 विकेट खो दिए। मात्र 3 रन के स्कोर पर टीम के दो बल्लेबाज एक 3 रन और दूसरा शून्य पर पवेलियन लौट चुका था। दो जल्दी विकेट ने टीम को बहुत घातक नुकसान पहुंचाया। जो भी बल्लेबाज आता था वह दबाव के चलते आऊट होता गया। कोई भी अच्छी पारी नहीं खेल सका। शुरूआती विकेट ने टीम को रन बनाने में कोई मदद नहीं की।

2. बल्ले से ज्यादा ही सावधानी बरत रही थी श्रीलंकाई टीम

बल्ले से श्रीलंका कुछ भी ताकत दिखा पाने मे नाकामयाब रही। भानुका राजपक्सा ने 38 और चमिका करूनार्तने ने 31 रनों से श्रीलंका को 105 रनों के स्कोर तक पहुंचाया। 5 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद। भानुका और गुनाथिलका के बीच साझेदारी पनपती नजर आ रही थी, लेकिन वो साझेदारी भी 49 रन के स्कोर पर टूट गई।

टीम के 6 बल्लेबाजों सिंगल डिजिट के स्कोर पर और 2 बल्लेबाज शून्य के स्कोर पर पवेलियन लौट चलें। अफगानिस्तान की गेंदबाजी के आगे हाथ श्रीलंका बिल्कुल भी नहीं खेल पा रही थी। दबाव के चक्कर में सावधानी बरतती नजर आ रही टीम विकटें खोती चली गई। जो उनके हार का कारण बन गई।

3. अफगानिस्तान को रोकने के लिए गेंदबाजों ने नहीं दिखाई कोई ताकत

टीम पहले ही 105 रन पर ऑलआऊट हो गई थी, यहां से जीत की उम्मीद बिल्कुल भी नहीं लगाई जा सकती थी, लेकिन श्रीलंका शायद अपने गेंदबाजी अटैक पर भरोसे में थी। सिर्फ शानदार गेंदबाजी ही यहां से उन्हें मुकाबला जीता सकती थी। लेकिन कोई भी गेंदबाज विकटें निकाल पाने में असक्षम था।

वानिंदु हसरंगा ने गुरबाज को 40 रन पर पवेलियन भेजा तब तक काफी देर हो चुकी थी। अफगानिस्तान ने अपने 10वें ओवर में जीत हासिल कर ली थी। बोर्ड पर रन का प्रेशर ना होने से बल्लेबाज आक्रमक से खेलते हुए नजर आए। श्रीलंकाई गेंदबाजों द्वारा कोई भी ताकत गेंदबाजों को रोकने के लिए नहीं देखी गई।