भारत और न्यूजीलैंड की टीम के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी वनडे मैच खेला जा रहा है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में ये मैच खेला जा रहा है। इस मैच में टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने गेंदबाजी का फैसला किया है। वहीं, पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने सलामी बल्लेबाजी करते हुए 200 रनों की पारी की साझेदारी की। जिसमें टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने शतकीय पारी खेल एक शानदार पोजिशन हासिल किया है।
30वां शतक लगाकर टॉप 3 में आए रोहित
टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 30वां शतक लगाकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग की बराबरी की है। वह वनडे सीरीज में शतक लगाने के मामले में तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं।
आपको बता दे कि वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड टीम इंडिया के खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के नाम है। उन्होंने 49 शतक जमाए हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर विराट कोहली हैं, जो सचिन की बराबरी करने से तीन शतक दूर हैं। इन दोनों के बाद टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा और रिकी पोन्टिंग का नंबर है। रोहित शर्मा अपनी पारी के बाद आउट हो गए। उन्होंने 85 गेंदों पर 101 रनों की पारी खेली। इसके बाद 9 चौके और 6 छक्के शामिल हैं।
फॉर्म में लौट आए कप्तान
टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा न्यूजीलैंड सीरीज के वनडे मैच में अपने फॉर्म में वापस आते दिखाई दे रहे हैं। रोहित का वनडे में तीन साल बाद पहला शतक हैं। इससे पहले उन्होंने 19 जनवरी 2020 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक जमाया था। इस शतक के साथ रोहित ने श्रीलंका के पूर्व सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या की भी बराबरी कर ली है। जयसूर्या ने बतौर ओपनर वनडे में 28 शतक जमाए हैं। रोहित का भी ये बतौर ओपनर 28वां वनडे शतक है।
भारत-न्यूजीलैंड के बीच बीते दिन यानी 21 जनवरी को खेले गए मैच ने भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा का अच्छा प्रदर्शन देखने मिला. आज के इस मैच में उन्होंने 47 गेंदों का सामना करते हुए अर्धशतक जड़ा डाला. इस दौरान उनके बल्ले से 7 चौके और 2 छक्के निकले. रोहित शर्मा की ये अर्धशतकीय पारी काफी शानदार रही वहीं उनके वनडे करियर का ये 48वां अर्धशतक रहा. अपने इस अर्धशतक के साथ ही रोहित शर्मा ने अपने नाम एक बड़ा रिकॉर्ड कर लिया.
रोहित शर्मा का नया रिकॉर्ड
भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने आज न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में अपना कमाल दिखाया. उन्होंने इस मैच ने 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद के साथ अर्धशतक जड़ा. इसी के साथ उन्होंने अपने नाम एक नया रिकॉर्ड किया है. कप्तान रोहित शर्मा वनडे करियर में सबसे अधिक छक्के जड़ने वाले बल्लेबाजों की सूची ने चौथे स्थान पर आ गाज हैं.
यदि आज वो 4 छक्के और जड़ने में कामयाब हो जाते तो उनके हाथों श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ी सनथ जयसूर्या का रिकॉर्ड तोड़ डालते. रोहित शर्मा ने अपने वनडे करियर में 240 मैच खेलते हुए 233 इनिंग्स खेली और 267 छक्के इस दौरान उनके बल्ले से निकले हैं. वहीं बात करें श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ी सनथ जयसूर्या की तो वो 270 छक्कों के साथ लिस्ट में तीसरे स्थान पर मौजूद हैं.
शाहिद अफरीदी ने लगाई है छक्कों की भरमार
बात अगर वनडे फॉर्मेट में सबसे अधिक छक्के जड़ने वाले खिलाड़ियों की बात करें तो लिस्ट में सबसे ऊपर नाम पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और खिलाड़ी शाहिद अफरीदी का है. शाहिद अफरीदी ने अपने वनडे करियर में 398 मैचों की 369 इनिंग में 351 छक्के जड़े हैं. लिस्ट दूसरे नंबर पर देखें तो वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी क्रिस गेल मौजूद हैं जिन्होने 331 छक्के कड़े हैं.
इसी के साथ तीसरे नंबर पर श्रीलंका के सनथ जयसूर्या हैं. जिन्होंने 445 मैचों में 433 इनिंग्स में 270 छक्के जड़ें हैं. इसके बाद चौथे नंबर पर रोहित शर्मा मौजूद हैं वहीं उनके बाद लिस्ट में पांचवा स्थान महेंद्र सिंह धोनी ने 229 छक्के जड़ते हुए अपने नाम किया है.
एक अच्छा ऑलराउंडर खिलाडी अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाता है ऑलराउंडर खिलाड़ी टीम में संतुलन बनाने का काम करते हैं.ऐसे में सभी देशों की टीमें अपनी टीम के लिए एक ऐसा ऑलराउंडर खिलाड़ी चाहती है जो टीम के लिए रन तो बनाए हैं साथ में जब टीम को विकेट की दरकार हो तो समय पर टीम के लिए विकेट भी चटकाए. एक अच्छे ऑलराउंडर खिलाड़ी की ज़रूरत वर्ल्ड कप(WORLD CUP) जैसे बड़े टूर्नामेंट में हमेशा देखने को मिली है
एक अच्छी टीम की मजबूती कहीं न कहीं ऑलराउंडर खिलाड़ी के प्रदर्शन पर निर्भर करती है तो आइए आपको बताते है की ऐसे कौन से 5 ऑलराउंडर खिलाड़ी है जिन्होंने वर्ल्ड कप(WORLD CUP) में गेंद से लिए है 10 से ज्यादा विकेट और बल्ले से बनाये है 300 से अधिक रन.
5. शाकिब अल हसन(SHAKIB AL HASAN)
विश्व के सबसे बेह्तर कहे जाने वाले बांग्लादेश क्रिकेट टीम के आलराउंडर शाकिब अल हसन(SHAKIB-AL-HASAN) का नाम इस लिस्ट में होना तो बनता है. शाकिब हमेशा से ही वर्ल्ड कप (WORLD CUP) में बांग्लादेश के लिए मैच विंनिग पारियां खेलते हुए दिखे है सभी ही फॉर्मेट में टीम के लिए वह भरपूर योगदान देते है.
शाकिब ने वर्ल्ड कप(WORLD CUP) 2019 में अपने बल्ले से 542 रन बनाए थे और टूर्नामेंट में शीर्ष स्कोर करने वालों में शामिल थे। सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से विश्वकप में 11 विकेट झटके थे.उनके इस प्रदर्शन को देखते हुए उनका नाम इस लिस्ट शामिल है.
4. नील जॉनसन (NEIL JOHNSON)
नील जॉनसन (NEIL JOHNSON) का अंतरराष्ट्रीय करियर महज 2 साल का रहा लेकिन इतने कम समय में जॉनसन ने जिंबाब्वे(ZIMBABWE) क्रिकेट की तस्वीर बदलकर रख दी थी अपने 2 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने अपने खेल से ऐसी छाप छोड़ी की आज भी उन्हें एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में याद किया जाता है और उनका साल 1999 वर्ल्ड कप (WORLD CUP) का वो यादगार प्रदर्शन भला कौन भूल सकता है.
आपको बता दें की नील के लिए 1999 क्रिकेट वर्ल्ड कप(World Cup) काफी अच्छा गया था.जहां उन्होंने जिम्बाब्वे के लिए मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए कुल 367 रन बनाए थे। साथ ही इस वर्ल्ड कप में अपनी गेंदबाजी से उन्होंने 12 विकेट भी लिए थे. विश्व कप 1999 के दौरान वो तीन बार मैन ऑफ द मैच चुने गए थे. दक्षिण अफ्रीका को विश्व कप में जिंब्बावे ने 48 रन से मात दी थी और जीत के हीरो जॉनसन रहे थे। उस मैच में उन्होंने 76 रन बनाने के अलावा 27 रन देकर 3 विकेट लिए
3. कपिल देव (KAPIL DEV)
भारत को पहला वर्ल्ड कप (WORLD CUP) दिलाने वाले पूर्व कप्तान खिलाडी कपिल देव (KAPIL DEV) इस लिस्ट में 3 नंबर पर है. उन्होंने टीम के लिए बतौर ऑलराउंडर काफी अच्छा प्रदर्शन किया था.भारत क्रिकेट के इतिहास में आज भी उन्हें उनकी वर्ल्ड कप की शानदार पारी के लिए जाना जाता है.
आपको बता दे की 1983 वर्ल्ड कप(World Cup) में कपिल ने टूर्नामेंट में नाबाद 175 के उच्चतम स्कोर के साथ पूरे टूर्नामेंट में 303 रन बनाए थे और इसके साथ कपिल ने मध्यम तेज गेंदबाजी करते हुए विश्व कप 1983 में विपक्षी टीमों के कुल 12 विकेट चटकाए थे.
2. सनथ जयसूर्या (Sanath Jayasuriya)
क्रिकेट जगत के सबसे बेहतरीन खिलाडियों में से एक श्रीलंका (SRI LANKA) के ऑलराउंडर खिलाडी सनथ जयसूर्या (SANATH JAYASURIYA) को इस लिस्ट में नंबर 2 का स्थान मिला है. 2003 वर्ल्ड कप (World Cup) के दौरान जयसूर्या बेहतरीन फॉर्म में थे.सनथ वर्ल्ड कप(WORLD CUP) में बतौर विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते है.
2003 वर्ल्ड कप (World Cup) में उन्होंने टीम के लिए गेंद और बल्ले दोनों से ही बेहतरीन प्रदर्शन किया था.आपको बता दे की वर्ल्ड कप में जयसूर्या ने कुल 321 रन बनाए थे और उन्होंने अपनी फिरकी गेंदबाजी से टूर्नामेंट में 10 खिलाड़ियों को पवेलियन वापस भेजा था.
1. युवराज सिंह (YUVRAJ SINGH)
क्रिकेट जगत में सिक्सर किंग के नाम से जाने जाए वाले भारतीय टीम के ऑलराउंडर खिलाडी युवराज सिंह(YUVRAJ SINGH) को इस लिस्ट में उनके वर्ल्ड कप(WORLD CUP) के सबसे अच्छे प्रदर्शन के चलते उन्हें लिस्ट में पहला स्थान दिया गया है.
आपको बता दे की युवराज ने 2011 वर्ल्ड कप (WORLD CUP) भारत को जिताने में अहम भूमिका निभाई थी जिसके कारण उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट का ख़िताब भी दिया गया था. युवराज ने इस विश्वकप में एक शतक और चार अर्धशतक की मदद से 362 रन बनाए थे.साथ ही उन्होंने अपनी फिरकी गेंदबाजी से भारत के लिए 15 अहम विकेट भी झटके थे.
क्रिकेट मैच के दौरान शतक लगाना कोई आसान काम नहीं होता है। जब कोई भी क्रिकेटर क्रिकेट मैच के दौरान शतक लगाता है। तो उसे बहुत ही खास एहसास का अनुभव होता है। अगर कोई खिलाड़ी शतक के बिल्कुल करीब पहुंच जाए और वह बिना शतक बनाए आउट हो जाए तो वह बहुत ही निराश हो जाता है। आज हम आपको इस आर्टिकल में क्रिकेट की दुनिया के पांच ऐसे दुर्भाग्यशाली खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो वनडे क्रिकेट मैच (Odi Cricket Match ) के दौरान 99 के स्कोर पर आउट हो गए हैं।
1. ग्रीम स्मिथ
आपको बता दें कि श्रीलंका के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ग्रीम स्मिथ साल 2022 में एक वनडे मैच के दौरान 99 रनों की पारी 106 गेंदों पर खेली थी। ग्रीम स्मिथ इस मैच में 99 रन बनाकर रन आउट हो गए थे। ग्रीम स्मिथ शतक लगाने में मात्र 1 रन दूर रह गए थे।
2. सनथ जयसूर्या
श्रीलंका टीम के बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने इंग्लैंड के खिलाफ साल 2003 में मात्र 1 रन से शतक लगाने से चूक गए थे। आपको बता दें कि सनथ जयसूर्या ने इस दौरान 83 गेंदों में शानदार 99 रन की पारी खेली थी।
3. एडम गिलक्रिस्ट
ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने साल 2003 के वर्ल्ड कप के दौरान श्रीलंका के खिलाफ मात्र 1 रन से शतक लगाने को चूक गए थे। एडम गिलक्रिस्ट ने इस मैच में 99 रनों की शानदार और विस्फोटक पारी खेली थी।
4. इयोन मोर्गन
इंग्लैंड टीम के सीमित ओवरों के पूर्व कप्तान मोरगन ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 99 रनों की शानदार पारी खेली थी। लेकिन इयोन मोर्गन 99 रनों की शानदार पारी खेलकर आउट हो गए थे।
5. सचिन तेंदुलकर
भारतीय टीम के पूर्व महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को आज क्रिकेट का भगवान कहा जाता है। सचिन तेंदुलकर भारत ही नहीं बल्कि विश्व के महान खिलाड़ियों में से एक हैं। आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर कई बार नर्वस 90 का शिकार हो चुके हैं। भारतीय टीम के बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ शानदार 99 रनों की पारी खेली थी लेकिन वह मात्र 1 रन से शतक लगाने को रह गए थे।
वैसे तो दर्शको ने हमेशा से ही क्रिकेट को वक़्त के साथ बदलते हुआ देखा है लेकिन अगर बात करे खिलाड़ियों के आक्रमक खेल की तो उसकी खास वजह है टी-20 और सुपर लीग में खिलाड़ियों का खेलना और शायद यही कारण है की अब खिलाड़ी एकदिवसीय फ़ॉर्मेट में कुछ इसी तरह का आक्रमक खेल खेलना पसंद करते है.
हालांकि कुछ ऐसे दिग्गज खिलाड़ी भी है जो टी-20 के आने से पहले ही अपने आक्रमक खेल के लिए जाने जाते है तो आइये आपको रूबरू कराते है उन 5 खिलाड़ियों से जिनके नाम है एकदिवसीय फ़ॉर्मेट के पहले ओवर में ही सबसे ज्यादा चौके लगाने का रिकॉर्ड…..
5. एडम गिलक्रिस्ट(ADAM GILCHRIST)
साल 1996 में ऑस्ट्रेलिया(AUSTRALIA) के लिए एकदिवसीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले विकेटकीपर और बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट(ADAM GILCHRIST) शुरुआत से ही अपनी आक्रमक पारियों के लिए जाने जाते है और अपने पहले ओवर से ही चौको की लाइन लगा देते थे चाहे जितना भी अच्छा गेंदबाज़ क्यों ना हो वह गिलक्रिस्ट को गेंद करते वक़्त घबराता ही था.
आपको बता दें की गिलक्रिस्ट ने 287 एकदिवसीय मैच खेले हैं. जिसमें उन्होंने 35.89 के औसत से 9619 रन बनाये हैं. उनका 96.95 का स्ट्राइक रेट उनकी आक्रमकता को दर्शाता है. इसके साथ गिलक्रिस्ट ने 55 अर्द्धशतक और 16 शतक भी लगाये हैं. गिलक्रिस्ट ने अपने एकदिवसीय करियर में कुल 1162 चौके मारें हैं. जिसमें से 71 चौके उन्होंने अपने पहले ओवर में ही जड़े थे.
क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमे अच्छे खिलाड़ी होने पर पैसा और शौरत तो मिलती ही है साथ में खिलाड़ी की लोकप्रियता भी बढ़ती है. जिसके चलते दर्शक और खिलाड़ियों के फैन्स उनको अपना देवता बना लेते है शायद यही कारण है की क्रिकेटर अपने खेल से संन्यास के बाद राजनेता बन जाते है.आज हम अपने इस लेख में आपको ऐसे ही 14 खिलाड़ियों के बारे में बतायेंगे जो क्रिकेटर के बाद राजनेता बने.
14. लक्ष्मी रत्न शुक्ला
साल 1999 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने वाले आलराउंडर खिलाड़ी लक्ष्मी रतन शुक्ला(LAXMI RATAN SHUKLA) इस लिस्ट में 14 नंबर पर है. साल 2016 में क्रिकेट को अलविदा खेने के बाद लक्ष्मी ने पॉलिटिक्स की दुनिया में कदम रखा. उन्होंने वेस्ट बंगाल की मौजूदा सीएम ममता की पार्टी से चुनाव लड़ा हालांकि साल 2021 में उन्होंने पॉलिटिक्स से भी दूरी बना ली और इंडियन क्रिकेट के विकास में योगदान देने का फैसला किया.
हर खिलाड़ी की चाहत होती है कि वो अपने देश के लिए खेले। ऐसा ही एक मामला श्रीलंका वूमेन क्रिकेट बोर्ड(SRI LANKA WOMEN CRICKET BOARD) के सामने आया था, जिसमें बोर्ड के कुछ सदस्यों ने इंटरनेशनल में जगह दिलाने के बदले महिला खिलाड़ियों को शारीरिक संबंध बनाने की बात कही थी। इसकी शिकायत वूमेन टीम के सदस्यों ने की थी। 8 साल बाद अब वूमेन टीम को न्याय मिला है। आइए जाने क्या है पूरा मामला…..
श्रीलंका को उठानी पड़ी थी काफी जिल्लत
वर्ष 2014 में श्रीलंका (SRI LANKA)की महिला खिलाड़ियों ने सलेक्शन के बदले शारीरिक संबंध का मामला उठा कर पूरे क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया था। इसमें चयनकर्ताओं पर आरोप लगा था कि जो संतुष्ट कर देगा उसको ही राष्ट्रीय टीम में स्थान मिलेगा।
इस खबर पर श्रीलंका (SRILANKA) को काफी जिल्ल्त उठानी पड़ी थी। साथ ही उस समय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पूर्व क्रिकेटर व कप्तान सनथ जयसूर्या समेत तीन अधिकारियों को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। इस पर सनथ जयसूर्या ने पूरे मामले की जांच शुरू की थी। अब जाकर इस पूरे मामले से पर्दा उठ पाया है।
श्रीलंका वूमेन टीम को आठ साल बाद लेकिन मिला न्याय
श्रीलंका के चयनकर्ताओं पर लगे महिला उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप में सनथ जयसूर्या (SANATH JAI SURYA) समेत अफसरोंं को जांच करने में आठ माह का समय लग गया है। अब यह रिपोर्ट सामने आ चुकी है। इसमें स्पष्ट है कि नेशनल टीम (NATIONAL TEAM) सेलेक्शन के बदले शारीरिक संबंध बनाए जाने की बात कही गई थी। पूरे प्रकरण में तीन अधिकारी शामिल थे, इसमें से दो यौन उत्पीड़न व एक को अनुचित व्यवहार का दोषी पाया गया हैै।
सनथ जयसूर्या (SANATH JAI SURYA) की कमेटी ने पाया कि किसी भी व्यक्ति से किसी तरह के शारीरिक संबंध बनाने का सबूत नहीं मिला। जयसूर्या की इस रिपोर्ट के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने दोषी पाए गए तीनों चयनकर्ताओं को तुरंत बर्खास्त कर दिया। इस तरह श्रीलंका की महिला खिलाड़ियों को इंसाफ मिला।