Tag: दीपावली

  • जानिए कौन हैं भगवान चित्रगुप्त, क्यों भाई दूज के दिन की जाती है उनकी पूजा?

    जानिए कौन हैं भगवान चित्रगुप्त, क्यों भाई दूज के दिन की जाती है उनकी पूजा?

    दिवाली के 2 दिन बाद भैया दूज मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर उन्हें तिलक लगाकर उनके लम्बीं उम्र की कामना करती है. इस दिन पर भगवान चित्रगुप्त की पूजा भी की जाती है. कलम की पूजा भी भगवान चित्रगुप्त के साथ ही की जाती है. इस लेख में हम आपको भगवान चित्रगुप्त के बारें में सब बतायेंगे. अधिकतर लोगों को भगवान चित्रगुप्त के बारें में पता है.

    जानिए कौन हैं भगवान चित्रगुप्त

    हिंदू धर्म से जुड़ी धार्मिक प्रथाओं के अनुसार भगवान चित्रगुप्त का जन्म ब्रहाा जी के चित्त से हुआ था. भगवान चित्रगुप्त को देवताओं के लेखपाल और यमराज के सहायक के रूप में ही पूजा जाता है. भगवान चित्रगुप्त का काम मनुष्य के अच्छे बुरे कर्मों का लेखा जोखा रखना है. माना जाता है कि मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार ही फल की प्राप्ति होती है. मनुष्य के जीवन काल के दौरान उसके कर्मों के बारें में लिखा जाता है. जिसका ध्यान भगवान चित्रगुप्त ही रखते हैं. इसी कारण उन्हें मृत्यु के देवता यमराज का सहायक कहा जाता है.

    इस वजह से मनाया जाता है भैया दूज

    भाई दूज के अवसर पर यम ने अपनी बहन यमुना को एक वरदान दिया था. इस वरदान के अनुसार भाई दूज के दिन जो भाई अपनी बहन के यहाँ जाकर, बहन के हाथों माथे पर तिलक लगवायेगा और उसके घर भोजन करेगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा. इसलिए भाई दूज के दिन को यम द्दितीया भी कहा जाता है.

    यमराज के सहायक चित्रगुप्त है, जिसके कारण ही इस दिन उनकी पूजा भी होती है. भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने से बुद्दि, वाणी और लेखनी का आर्शीवाद मिलता है. कायस्थ कुल के लोगों को भगवान चित्रगुप्त का वंशज कहा जाता है. इसी वजह से इस वंश के लोग भगवान चित्रगुप्त का पूजा पूरे परिवार के साथ इस दिन करते हैं. इस दिन कलम की भी पूजा होती है.

  • सैनिको के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनाई एक और दिवाली, खुश हुई भारतीय सेना

    सैनिको के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनाई एक और दिवाली, खुश हुई भारतीय सेना

    आज देश भर में दिवाली मनाई जा रही है. हमारी सुरक्षा के लिए देश की सीमा पर खड़े सेना के जवान लेकिन फिर भी अकेले ही दिवाली मना रहे हैं. उनके साथ दिवाली मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नौशेरा गए. जहाँ पर उन्होने सेना के जवानो के साथ ये त्योहार मनाया. इसके साथ ही इस लेख में हम बतायेंगे की उन्होने वहाँ पर और क्या- क्या किया.

    सैनिको के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनाई दिवाली

    देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर बार की तरह इस बार की दिवाली भी सैनिको के साथ मनाई. उन्होने सैनिको को मिठाई खिलाई. इस दौरान उन्होंने कहा कि वो 130 करोड़ लोगो की दुआ अपने साथ लाए है. अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि-

    हमें बदलती दुनिया और युद्ध के बदलते तरीके के अनुरूप अपनी सैन्य क्षमताओं को ढालना और बढ़ाना होगा. जिन सीमावर्ती, तटीय क्षेत्रों में संपर्क एवं संचार की सामान्य सुविधा नहीं थीं, वहां अब सड़कें, ऑप्टिकल फाइबर हैं. इससे सेना की तैनाती की क्षमता और जवानों के लिए सुविधाएं बढ़ती हैं.

    इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमें स्वदेशी क्षमताए विकसित करनी होगी. जिससे विदेश से आ रहे हथियारों पर निर्भरता कम की जाए. जिससे देश की सेना और मजबूत हो जायेगी.

    पीएम ने सैनिको का बढ़ाया उत्साह

    नौशेरा में जवानो का उत्साह बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि-

    हमारे सैनिक ‘मां भारती’ के ‘सुरक्षा कवच’ हैं. सर्जिकल स्ट्राइक में यहां की ब्रिगेड ने जो भूमिका निभाई थी वह देश के हर नागरिक को गर्व से भर देता है. आज मैं फिर आप के बीच आया हूं, आज फिर मैं आपसे नई ऊर्जा, नई उमंग, नया विश्वास लेकर जाऊंगा. मैं अकेला नहीं आया हूं, 130 करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद आपके लिए लेकर आया हूं. आज शाम को दीपावली का एक दीपक आपकी वीरता, शौर्य, पराक्रम, त्याग और तपस्या के नाम पर भारत का हर नागरिक उस दीपक की ज्योत के साथ आपको अनेक-अनेक शुभकामनाएं भी देता रहेगा.