इंग्लैंड (England) टीम के शानदार आलराउंडर और कप्तान मोईन अली (Moeen Ali) ने आधिकारिक तौर पर टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) से अपने संन्यास (Retirement) की घोषणा कर दी है. इस खबर को सुनने के बाद उनके फैंस गहरे दुख में आ गये है. हालांकि अपने संन्यास को लेकर इस बार अली ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है. मोईन ने इस बार ये साफ कर दिया है कि वो अब टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलेंगे.
मोईन अली ने 2021 में की थी संन्यास की घोषणा
मोईन अली ने की टेस्ट क्रिकेट से सन्यास की घोषणा
मोईन अली की कप्तानी में हाल ही में इंग्लैंड ने पाकिस्तान से टी20 सीरीज जीतने में शानदार सफलता हासिल की है. अब उनके टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा से उनके फैंस गम में आ गये है. हालांकि अली ने पिछले साल ही अपने संन्यास के बारे में बता चुके थे, लेकिन इस बार उन्होंने इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है. अब मोईन अली ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर अपना नजरिया साफ कर दिया है. मोईन के फैंस अब उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए नहीं देख पाएंगे.
मोईन अली का टेस्ट करियर
Lord’s Cricket Ground
मोईन अली (Moeen Ali) का टेस्ट करियर (Test Career) भी काफी शानदार रहा है. मोईन ने 64 टेस्ट मैचों में 28.3 के एवरेज से 2914 रन बनाने के साथ 14 अर्धशतक और 5 शतक भी जमाए है. अली ने अपने टेस्ट करियर में सर्वश्रेष्ठ 155 रनों की नाबाद पारी भी खेल चुके है.
इसके साथ उन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से अपने करियर में 195 विकेट लिये है. गेंदबाजी में उनका सर्वश्रेष्ठ 53 रन देकर 6 विकेट लिये थे. मोईन ने अपने टेस्ट करियर का आगाज लार्ड्स के ग्राउंड (Lord’s Cricket Ground) में श्रीलंका (Sri Lanka) के खिलाफ किया था. अब उनके संन्यास से उनकी टीम को एक बड़ा झटका लग सकता है.
टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) में एक से बढ़कर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए गए हैं और तोड़े गए हैं। हर खिलाड़ी मैदान पर जब उतरता है तो यही सोचता है कि वह कोई ना कोई रिकॉर्ड तोड़ेगा और एक नया रिकार्ड बनाएगा। क्रिकेट मैच में कई सारे रिकॉर्ड तोड़े गए हैं और बनाए गए हैं। लेकिन अभी तक टेस्ट क्रिकेट में 400 रनों का किसी खिलाड़ी ने भी रिकॉर्ड नहीं तोड़ा है। 2004 में वेस्टइंडीज के खिलाड़ी ब्रायन लारा ने इंग्लैंड के खिलाफ 400 रनों का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया था।
आज तक इस रिकॉर्ड को इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी ने नहीं तोड़ पाया है। लेकिन क्रिकेट के कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जो यह रिकॉर्ड तोड़ने का दम रखते हैं आने वाले दिनों में हो सकता है यह खिलाड़ी ब्रायन लारा का रिकॉर्ड तोड़ दे। आइए देखते हैं उन तीन खिलाड़ियों की लिस्ट…
रोहित शर्मा
भारतीय टीम के वर्तमान कप्तान रोहित शर्मा भी मैदान पर बल्लेबाजी करने उतरते हैं तो अच्छे- अच्छे गेंदबाजों के पसीने छूट जाते हैं। रोहित शर्मा ब्रायन लारा का व्यक्तिगत 400 रनों का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। क्योंकि रोहित शर्मा के नाम दोहरा शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। रोहित शर्मा भारतीय टीम के बेहतरीन खिलाड़ी माने जाते हैं।
ऋषभ पंत
भारतीय टीम के बेहतरीन खिलाड़ी ऋषभ पंत ब्रायन लारा का टेस्ट क्रिकेट में 400 रनों का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। ऋषभ पंत ने भारतीय टीम में एक से बढ़कर एक बेहतरीन पारियां खेली हैं। ऋषभ पंत भारतीय टीम के सबसे शानदार खिलाड़ी माने जाते हैं। ऋषभ पंत ब्रायन लारा का रिकॉर्ड तोड़ने की हिम्मत रखते हैं। ऋषभ पंत ने t20, वनडे और टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करके नाबाद पारियां खेली हैं।
डेविड वॉर्नर
ब्रायन लारा का व्यक्तिगत 400 रनों का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के बेहतरीन खिलाड़ी डेविड वॉर्नर तोड़ सकते हैं। डेविड वॉर्नर ने अपने देश के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया है। डेविड वॉर्नर ने पाकिस्तान के खिलाफ 2019 में 335 रनों की नाबाद पारी खेली थी। इस दौरान डेविड वॉर्नर ब्रायन लारा का रिकॉर्ड तोड़ने में सिर्फ 65 रन ही दूर थे वरना यह रिकॉर्ड उनका अपने नाम करते । डेविड वॉर्नर ब्रायन लारा का रिकॉर्ड तोड़ने की ताकत रखते हैं।
टेस्ट क्रिकेट में एक से बढ़कर एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं वहीं टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट (Joe Root) ने कई सारे रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। वही आपको बता दें कि इस वक्त पाकिस्तान के बेहतरीन कप्तान बाबर आजम शानदार प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्हें को लेकर श्रीलंका के खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने ने बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान के बाबर आजम इस वक्त एक अलग ही ऊंचाइयां छू रहे हैं वह बहुत जल्द टेस्ट क्रिकेट में एक नई ऊंचाइयां छू सकते हैं।
बाबर आजम जल्द ही तोड़ सकते हैं जो रूट का रिकॉर्ड
पाकिस्तान के बेहतरीन खिलाड़ी और कप्तान बाबर आजम को लेकर श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने बहुत बड़ा बयान दिया है महिला जयवर्धने ने कहा है कि इस वक्त बाबर आजम के पास इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट का रिकॉर्ड तोड़ने का बाबर के पास बहुत अच्छा मौका है वह बहुत जल्द ही जो रूट को पीछे छोड़ सकते हैं और नंबर 1 के बल्लेबाज बन सकते हैं।
आपको बता दें जो रूट ने टेस्ट बल्लेबाजी की रैंकिंग में पिछले साल ही सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर का पुरस्कार हासिल किया है उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि,” बाबर आजम के पास मौका अच्छा है तीनों प्रारूपों में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं वह कुदरती और बेहतरीन प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं किसी भी हालत में खेल सकते हैं। यह इस पर निर्भर करता है कि कौन कब कितना खेल सकता है लेकिन बाबर आजम ऐसा कर सकते हैं।”
तीनों प्रारूपों में रैंकिंग में शीर्ष 3 में पहले खिलाड़ी बाबर
बाबर आजम ने कहा है कि वह बेहतरीन खिलाड़ी हैं तीनों प्रारूपों में रैंकिंग में शीर्ष 3 में शामिल अकेले ही खिलाड़ी हैं। उनकी वनडे और टी-20 रैंकिंग भी वन नंबर पर है वही टेस्ट रैंकिंग में तीसरे नंबर पर हैं। वह तीनों फॉर्मेट में बेहतरीन खेलते नजर आते हैं टी20 और वनडे क्रिकेट में रैंकिंग रखना बरकरार आसान नहीं है क्योंकि कई अच्छे खिलाड़ी लगातार वहां पर अच्छा खेलते नजर आ रहे हैं। वही आपको बता दे बाबर आजम कभी घबराते नहीं है चाहे वह किसी भी फॉर्मेट में खेल रहे हो। बाबर आजम जल्द ही जो रूट का रिकॉर्ड तोड़ देंगे।
क्रिकेट की दुनिया में तीनो फॉर्मेट में सबसे अच्छा फ़ॉर्मेट टेस्ट क्रिकेट को माना जाता है। टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करना खिलाड़ियों के लिए बहुत मुश्किल होता है. टेस्ट क्रिकेट में ही खिलाड़ियों की असली परीक्षा होती है. खिलाड़ियों को धैर्य के साथ खेलना होता है. क्योंकि तब तक पिच की स्थिति में काफी बदलाव हो चुके होते हैं। जो की गेंदबाजों के लिए काफी सहायक साबित होते हैं। इसलिए जो बल्लेबाज चौथी पारी में सबसे ज्यादा रन बनाता है उसकी बल्लेबाजी को बहुत सराहना मिलती है।
हालाँकि कई ऐसे दिग्गज बल्लेबाज आये हैं जिन्होंने ये कारनामा कर के दिखाया है। उन्होंने चौथी पारी में भी अपनी आतिशी बल्लेबाजी से सबके होश उड़ा दिए हैं। ऐसा कर दिखने वाले कई दिग्गज सामने आये हैं। इन्होने अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उनके इस कारनामे के कारण क्रिकेट इतिहास के पन्नो पर उनका नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जा चुका है।
आज हम ऐसे ही कुछ विशेष बल्लेबाजों के बारे में बात करने वाले हैं। जिन्होंने चौथी पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को जीत की सौगात दी है आज भी इन दिग्गजों के इन कारनामों के चर्चे होते हैं। तो आइये पढ़ते हैं इन बेहतरीन खिलाड़ियों के बारे में।
1.सचिन तेंदुलकर
इस लिस्ट में पहले नंबर जिस खिलाड़ी का नाम नजर आ रहा है वो हैं क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar)। इन्होंने भी ये कारनामा कर दिखाया है। इन्होने अपने टेस्ट करियर में कई बार चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की है और टीम को जीत भी दिलाई है। इसलिए यह लिस्ट में पहले नंबर पर है।
सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर में 200 मैच में 329 पारियां खेली. जिसमें उन्होंने 53.79 की औसत से 15921 रन बनाए हैं. जिसमें 68 बार अर्द्धशतक और 51 बार शतक जड़ा है. इस बीच सचिन ने 6 बार 200 रनों का आकड़ा भी पार किया है.
भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने चौथी पारी में 60 पारियां खेली. जिसमें उन्होंने 36.93 की औसत से 1625 रन बनाए. जिसमें 7 अर्द्धशतक और 3 शतक शामिल है. सचिन ने इंग्लैंड के चेन्नई में नाबाद 103 रन बना अपनी टीम को जीत दिलायी थी. इससे पहले सचिन ने अपना एक शतक चौथी पारी में पाकिस्तान के खिलाफ बनाया था.
2. ग्रीम स्मिथ
लिस्ट में दूसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका टीम के दिग्गज कप्तान और बल्लेबाज ग्रीम स्मिथ (graeme smith) का नाम भी दर्ज है। इन्होंने भी चौथी पारी में बहुत ही शानदार बल्लेबाजी की है. इस खिलाड़ी ने चौथी पारी में अपने दमदार बल्लेबाजी के दम पर टीम को जीत दिलाने में अहम् भूमिका निभाई है। कई बार इनकी टीम अपना हरा हुआ मैच इनके भरोसे जीत प्राप्त कर लेती थी।
ग्रीम स्मिथ ने अपने टेस्ट करियर में दक्षिण अफ्रीका के लिए 117 मैच में 205 पारियां खेली. जिसमें उन्होंने 47.76 की औसत से 9265 रन बनाए. जिसमें 38 बार अर्द्धशतक और 27 बार शतक भी जड़ा. ग्रीम स्मिथ ने 5 बार 200 रनों का आकड़ा भी पार किया.
स्मिथ ने चौथी पारी में बल्लेबाजी करते हुए 41 पारियां खेली. जिसमें उन्होंने 51.97 की औसत से 1611 रन बनाए. जिसमें 9 अर्द्धशतक और 4 शतक शामिल है. इस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 बार चौथी पारी में शतक लगा कर अपनी टीम को जीत दिलाया था.
3. एलिस्टर कुक
इंग्लैड के एलिस्टर कुक (Alastair cook) का नाम सफल कप्तानों में से एक हैं। इस लिस्ट में इनका नाम भी दर्ज है। इन्होने कई टेस्ट मैचों के चौथी पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाने में अहम् भूमिका निभाई है। हालाँकि अब इन्होंने क्रिकेट जगत को अलविदा कह दिया है। लेकिन इनका यह कारनामा आज भी क्रिकेट प्रेमियों को याद रहता है।
सर एलिस्टर कुक ने अपने टेस्ट करियर में इंग्लैंड की टीम के लिए 161 मैच की 291 पारियां खेली है. जिसमें उन्होंने 45.35 की औसत से 12472 रन बनाए. जिसमें 57 बार अर्द्धशतक और 33 शतक जड़ा है. जिसमें 5 दोहरा शतक भी शामिल हैं.
कुक ने चौथी पारी में बल्लेबाजी करते हुए 53 पारियां खेली. जिसमें उन्होंने 35.80 की औसत से 1611 रन बनाए. जिसमें उन्होंने 9 अर्द्धशतक और 2 शतक लगाए हैं. इस खिलाड़ी ने एक बार बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगा कर अपनी टीम को 9 विकेट से मैच जीता दिया. इस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी चौथी पारी में 100 रन बनाया है.
4. शिवनारायण चंद्रपाल
वेस्टइंडीज क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज शिवनारायण चंद्रपाल (Shivnarine chanderpal) का नाम भी इन धुरंधर खिलाड़ियों में शामिल है। इन्होने भी अपने बल्लेबाजी से कई रिकॉर्ड बनाये हैं. इस खिलाड़ी ने नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए कई मैच अपने टीम को जिताए हैं. टेस्ट मैच में के चौथी पारी में इन्होंने ऐसा ही करके दिखाया है। उन्होंने अकेले अपने दम पर मैच जिताया है।
शिवनारायण चंद्रपाल ने अपने टेस्ट करियर में वेस्टइंडीज की टीम के लिए 164 मैच की 280 पारियां खेली. जिसमें उन्होंने 51.37 की औसत से 11867 रन बनाए थे. जिसमें उन्होंने 66 बार अर्द्धशतक और 30 शतक जड़ा है. जिसमें उन्होंने 2 दोहरा शतक भी लगाया है.
चंद्रपाल ने चौथी पारी में बल्लेबाजी करते हुए 49 पारी खेली. जिसमें उन्होंने 41.58 की औसत से 1580 रन बनाए. जिसमें उन्होंने 11 बार अर्द्धशतक और 2 बार शतक लगाया है. इस खिलाड़ी ने एक शतक इंग्लैंड के खिलाफ बनाया है. शिवनारायण चंद्रपाल ने अपना स्तर अपने खेल से बहुत बढ़ाया था.
5. राहुल द्रविड़
भारतीय क्रिकेट की बल्लेबाजी के दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) को भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सफलतम खिलाड़ी में से एक हैं। इस खिलाड़ी ने भी चौथी पारी में विस्फोटक बल्लेबाजी का नजराना पेश करते हुए कई बार मैच जिताऊ पारी खेली है।
राहुल द्रविड़ ने अपने टेस्ट क्रिकेट करियर में भारतीय टीम के लिए 164 मैच की 286 पारियां खेली हैं. जिसमें राहुल द्रविड़ ने 52.31 की औसत से 13288 रन बनाए हैं. जिसमें उन्होंने 63 बार अर्द्धशतक और 36 बार शतक लगाया है. इस खिलाड़ी के नाम 5 दोहरे शतक भी लगाए हैं.
द्रविड़ ने चौथी पारी में बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम के लिए 56 पारियां खेली है. जिसमें 40.84 की औसत से 9 अर्द्धशतक और 1 शतक लगाया है. इस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 72 रनों की पारी खेल कर अपनी टीम को दो दशक के बाद ऑस्ट्रेलिया में जीत दिलाया था. न्यूजीलैंड के खिलाफ इस खिलाड़ी ने शतक लगा कर भारतीय टीम को हार से बचाया था.
इयान चैपलः वनडे (ODI) और टी-20 (T20) क्रिकेट प्रारूपों के आने के बाद टेस्ट क्रिकेट के स्तर में थोड़ी कमी जरूर आई थी। लेकिन आज टेस्ट क्रिकेट वापस से बुलंदियों को छूने की राह पर निकल पड़ा हैं। आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप (ICC TEST CHAMPIOSHIP) ने टेस्ट क्रिकेट के स्तर को बढ़ाने के लिए और कारगार काम किया हैं। आस्ट्रेलिया (AUSTRALIA) के पूर्व कप्तान इयान चैपल (IAN CHAPPEL) ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया हैं।
चैपल का कहना हैं कि अगर टीमें टेस्ट क्रिकेट में 90 ओवर नहीं फेंक पाती हैं तो कप्तानों को निलंबित कर देना चाहिए। साथ ही उन्होने टेस्ट क्रिकेट में कई नियमों को वापस लाने की भी मांग की हैं।
इयान चैपल ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर दिया बड़ा बयान
हाल ही में इंग्लैंड (ENGLAND) और भारत (INDIA) के बीच पिछले साल खेले गए सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच खेला गया। जिसमें भारत को 7 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी। इस मैच में भारत पर धीमी ओवरगति के लिए 40 प्रतिशत का जुर्माना भी लगा था और साथ ही में आईसीसी ने दो अंक भी काट लिए थे। आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल (IAN CHAPPEL) ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट को लेकर एक बड़ा बयान दिया हैं। इयान चैपल ने ईएसपीएनक्रिकइंफो के कॉलम के जरिए उन्होने बात रखी। उनका कहना हैं-
“प्रशासक कुछ समझौता कर सकते थे और मांग कर सकते थे कि खिलाड़ी छह घंटे में 90 ओवर फेंके बिना किसी कटौती को स्वीकार करें। इयान चैपल ने अपने ईएसपीएनक्रिकइन्फो कॉलम में लिखा है कि अगर यह लक्ष्य हासिल नहीं होता है तो एक कप्तान को बिना किसी सवाल के निलंबित कर दिया जाना चाहिए।”
“दशकों से अधिक दरों में गिरावट आ रही है और फिर भी उन्हें लगभग नजरअंदाज कर दिया गया है क्योंकि टी 20 की पैसा बनाने की क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। एक दिन में 90 ओवरों की मूल रूप से सिफारिश की गई थी क्योंकि एक टीम के लिए उस समय में इतनी गेंदबाजी करना बहुत संभव है।”
बैकफुट नो बॉल नियम पर वापस लौटना चाहिए- इयान चैपल
इयान चैपल ने आगे अपने कॉलम में लिखते हुए धीमी ओवर दरों से बचने के लिए आवश्यक बदलाव करने को कहा और साथ ही कुछ बदलावों का सुझाव भी दिया। चैपल ने बैक-फुट नो-बॉल नियम की वापसी की भी मांग की, उन्होने आगे लिखा-
“समझौता करने के लिए कई क्षेत्र हैं। प्रशासक साइटबोर्ड पर विज्ञापन को समाप्त कर सकते हैं, संभावित सीमाओं को फिर से खेलना, पेय और दस्ताने की निरंतर फेरी को कम करना और ओवरों के दौरान अनावश्यक मिड-पिच चैट को समाप्त करना। वे बैकफुट नो-बॉल नियम (एक ड्रैग समस्या के बिना) पर भी लौट सकते हैं, जिससे खेल के एक उबाऊ पहलू को खत्म करने के साथ-साथ दरों में सुधार भी हो सकता है।”
“इसमें कोई संदेह नहीं है कि आधुनिक समय के बेहतर बल्ले कप्तानों के लिए फील्ड-प्लेसमेंट सिरदर्द पैदा करते हैं। फिर भी, मैदान के अक्सर बेहूदा फैलाव ने टीमों को या तो बल्लेबाजों को आउट करने या दरों में सुधार करने में मदद नहीं की है, “इयान चैपल ने निष्कर्ष निकाला।”
टेस्ट मैच मे खेला हर खिलाड़ी का सपना होता है। हर खिलाड़ी चाहता है कि मुझे टेस्ट मैच में खेलने का मौका मिले। क्या आप लोग जानते हैं कि पहला टेस्ट मैच कब खेला गया? 15 मार्च 1877 में क्रिकेट की दुनिया का पहला टेस्ट क्रिकेट खेला गया था। यह मैच 19 मार्च तक खेला गया था। इस पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आमने-सामने पहली बार उतरी थीं। टेस्ट मैच काफी सहूलियत भरा और धीरे-धीरे खेला जाता है।
टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) में आज के समय में तो बल्लेबाज इस तरह से धुआंधार बैटिंग करते हैं जैसे कोई वनडे खेला हो। आज हम इस आर्टिकल में कुछ ऐसे धुरंधर खिलाड़ियों के बारे में बात करने जा रहे हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में एशिया के बाहर 100 से कम गेंदों में शतक जड़ दिया है। इन्होंने अपना नाम टॉप सूची में दर्ज करा लिया है। आइए जानते हैं उन तीन क्रिकेटर के बारे में…..
ऋषभ पंत
भारतीय टीम के विकेटकीपर ऋषभ पंत इन दिनों बेहद अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं। ऋषभ पंत इन दिनों इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे हैं पांचवें टेस्ट मैच में शानदार शतक जड़ा है। यह शतक ऋषभ पंत ने 89 गेंदों में लगाया है। ऋषभ पंत इन दिनों धुआंधार बैटिंग करते नजर आ रहे हैं। इस संबंध में अपने नाम कुल 5 शतक किए हैं। इन्होंने 4 तो एशिया के बाहर लगाए हैं। लेकिन इस शतक ने तो कमाल ही कर दिया यह शतक इन्होंने अंग्रेजी टीम की सरजमी पर लगाया है।
वीरेंद्र सहवाग
भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग की बैटिंग के तो आज भी लाखों लोग दीवाने हैं। वीरेंद्र सहवाग ने 2006 में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक शतक जड़ा था जिसे उन्होंने 78 गेंदों में ही पूरा कर दिया था। वही वीरेंद्र सहवाग टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज माने जाते हैं क्रिकेट करियर में वीरेंद्र सहवाग में एक बार नहीं बल्कि 7 बार शतक जड़ा है वह भी 100 से कम गेंदों में लगाया है। आज भी क्रिकेट की दुनिया में इनके चर्चे होते हैं।
मोहम्मद अजहरुद्दीन
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलविदा कह चुके भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद अजहरुद्दीन का भी इस लिस्ट में नाम आता है इन्होंने सबसे पहला शतक इंग्लैंड के खिलाफ लगाया था इस शतक को उन्होंने 88 गेंदों में ही पूरा कर लिया था। यह शतक अंग्रेजों की सरजमी पर लगाया गया था। वहीं आपको बता दें ऋषभ पंत ने सिर्फ इन को टक्कर देने में सिर्फ 1 गेंद ही पीछे छोड़ दे युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत ने जब शतक लगाया तो अजहरुद्दीन का नाम लोगों के होंठों पर आ गया।
भारतीय टीम (INDIAN TEAM) अभी इंग्लैंड (ENGLAND) के साथ पिछले साल खेली गई टेस्ट सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच खेल रही हैं। आपको बता दें कि रवि शास्त्री (RAVI SHASTRI) के कोचिंग के कार्यकाल में ही भारत इस सीरीज में 2-1 से आगे हैं। रवि शास्त्री ने अपने कार्यकाल में भारत को कई बड़ी उपलब्धियों तक पहुंचाया हैं। हाल ही में शास्त्री ने भारतीय टीम में अपने कोचिंग के कार्यकाल को लेकर और भारत के नए कोच राहुल द्रविड़ (RAHUL DRAVID) के लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी हैं।
जब मैंने काम संभाला तब टीम सर्वश्रेष्ठ नहीं कर रही थी- रवि शास्त्री
भारत (INDIA) के सफल कोच रवि शास्त्री (RAVI SHASTRI) ने भारतीय टीम को अपने कार्यकाल में एक अच्छे दौर में पहुंचाया हैं। हाल ही में भारत इंग्लैंड के साथ एडजेब्सटन (EDGBASTON) में टेस्ट मैच खेल रही हैं। इस टेस्ट मैच के दूसरे दिन यानि 2 जुलाई को रवि शास्त्री ने स्काई स्पोर्ट्स के साथ बात करते हुए अपने कोचिंग के कार्यकाल के बारे में खुल कर बात की।
“मुझे लगता है कि यह बहुत फायदेमंद था, यह एक धन्यवाद रहित काम हो सकता है क्योंकि आपको अपने जीवन के हर दिन केवल 1.4 बिलियन लोगों द्वारा आंका जाता है। इससे कोई छिपा नहीं है, पीछे छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। आप गोली का सामना करते हैं, प्रदर्शन मायने रखता है दिन-ब-दिन। आपको जीतना है। उम्मीदें बड़ी हैं, लेकिन जिस तरह से लड़कों ने प्रतिक्रिया दी।”
“जब मैं अपने कार्यकाल को देखता हूं, जब मैं वहां सात साल था, मुझे गर्व है कि मेरे पास एक टीम थी जिसने जवाब दिया जिस तरह से उन्होंने किया। जब मैंने पदभार संभाला, तो वे सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट नहीं खेल रहे थे, जैसा कि रैंकिंग दिखाएगा, लेकिन अंत में, वे खेल के सभी प्रारूपों में वहीं थे”
रेड बॉल क्रिकेट में टीम ने शानदार किया हैं- रवि शास्त्री
पूर्व भारतीय कोच ने आगे बात करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भले ही भारत विश्व कप ना जीती हो। लेकिन टेस्ट क्रिकेट और वाइट बॉल क्रिकेट में टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया हैं। शास्त्री ने आस्ट्रेलिया में जीती दो सीरीज को याद कर कहा इससे बढ़िया कुछ भी नहीं हो सकता हैं।
“कुछ भी हो, उन्होंने मेरे उस कार्यकाल में विश्व कप नहीं जीता, लेकिन अन्यथा दुनिया भर में विभिन्न देशों में रेड-बॉल क्रिकेट और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में कुछ अद्भुत प्रदर्शन हुए। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो सीरीज जीतने से बढ़कर कुछ नहीं है। पिछले साल इंग्लैंड में श्रृंखला का नेतृत्व करते हुए, यह केक पर आइसिंग है।”
“टीम को रेड बॉल क्रिकेट खेलने पर गर्व था, इसके लिए विराट की तारीफ की जानी चाहिए। उन्होंने सामने से नेतृत्व किया, वह उसी अंदाज में खेलना चाहते थे, तेज गेंदबाजों ने जवाब दिया। आप उस दौर में जडेजा, ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों को विकसित होते हुए देख सकते थे।”
मेरे बाद राहुल द्रविड़ सबसे बेहतर इंसान हैं- रवि शास्त्री
रवि शास्त्री के कोच पद छोड़ने के बाद राहुल द्रविड़ (RAHUL DRAVID) को भारत के सीनियर टीम के कोच के रूप में चुना गया। शास्त्री का कहना हैं कि उनके बाद राहुल द्रविड़ टीम की कोचिंग के लिए सबसे बेहतर हैं। शास्त्री ने राहुल द्रविड़ के बारे में बात करते हुए कहा-
“मेरे बाद संभालने के लिए राहुल से बेहतर इंसान कोई नहीं, गलती से मुझे वो नौकरी मिल गई जो मैंने राहुल से कह दी। मैं कमेंट्री बॉक्स में था; मुझे वहां जाने के लिए कहा गया और मैंने अपना काम किया। लेकिन राहुल एक ऐसे व्यक्ति हैं जो सिस्टम के माध्यम से आए हैं, उन्होंने कड़ी मेहनत की है। वह अंडर-19 टीम के कोच रहे हैं और उन्होंने इस भारतीय टीम को संभाला है और मुझे लगता है कि जब टीम जवाब देना शुरू करेगी तो वह इसका आनंद लेंगे”
क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहा पर बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ दोनों को ही उनके प्रदर्शन के लिए सरहाना मिलती है और वही मैच में अच्छा प्रदर्शन ना करने पर दोनों को आलोचनाये भी सहनी पड़ती है. जहाँ कभी कभी मैच में बॉलर की बल्लेबाज़ के द्वारा पिटाई वजह बनती है तो वही बल्लेबाज़ का बिना रन बनाये आउट हो जाना. लेकिन इस लेख में हम आपको आज एक ऐसा अनसुना किस्सा सुना रहे है जिसमें बल्लेबाज़ के 0 रन पर आउट हो जाने पर दर्शको ने बल्लेबाज़ को खड़े हो कर सलाम किया. क्या है पूरा मामला आइये जानते है.
एक ऐसी ऐतिहासिक साझेदारी जिससे देख कर हैरान हुए दर्शक
बता दें की साल 1999 में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम अपने इंग्लैंड दौरे पर थी. अगस्त के पहले हफ्ते में दोनों टीमों के बीच टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला गया था. ये मैच में इंग्लैंड की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. इंग्लैंड टीम की स्थिति मैच में बहुत खराब चल रही थी टीम ने 152 रन के अंदर अपने 8 विकेट गिर दिए थे. .
बता दे की पिच पर आने वाला हर बल्लेबाज कुछ देर में आउट होकर पवेलियन लौट जा रहा था लेकिन फिर छठे नंबर पर आए मार्क रामप्रकाश बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए एक छोर पर टिके हुए थे. लेकिन कोई भी बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे रहा था. आठ विकेट गिर चुके थे और इंग्लैंड क्रिकेट टीम पारी के अंत की ओर बढ़ रही थी. तभी 10वें नंबर पर पीटर सच बल्लेबाजी करने उतरे। उन्होंने मार्क रामप्रकाश के साथ मिलकर 31 रनों की साझेदारी की जो 16 ओवर तक चली थी.
जब दर्शको ने बल्लेबाज़ के लिए खड़े होकर बजाई तालियां
अपनी टीम इंग्लैंड की तरफ से खेलते हुए रामप्रकाश अपना अर्धशतक पूरा कर चुके थे और उनके साथ देने वाले बल्लेबाज पीटर सच का बड़ा योगदान था क्योंकि जब बाकी सभी बल्लेबाज आउट हो रहे थे तब पीटर एक घंटे से ज्यादा समय तक पिच पर टिके रहे थे ताकि रामप्रकाश टीम के लिए रन बना सकें. लेकिन पीटर की पारी भी खत्म हुई, वह न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के स्पिनर डेनियल विटोरी की गेंद पर आउट हो गये.
बता दें की 72 मिनट तक बल्लेबाजी करने वाले पीटर ने 51 गेंदों में 0 रन ही बनाए थे. बता दें की जब-जब गेंद खेलने की बारी आई पीटर ने सिर्फ गेंद को रोकने का काम किया और अपना विकेट नहीं गंवाया उन्होंने पूरा समय मार्क रामप्रकाश को दिया. पीटर जब 0 रन पर आउट होकर पवेलियन लौट रहे थे. तब दर्शकों ने उनके लिए खड़े होकर तालियां बजाईं और उनकी क्रिकेट की इस पारी को सलाम भी किया.
बल्लेबाजी में 0 पर आउट हुए पीटर ने गेंदबाजी में किया कमाल
मार्क राम ने इस पारी में 227 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 69 रनों की पारी खेली और वही इंग्लैंड की टीम 109.1 ओवर बल्लेबाजी करते हुए 199 रनों पर ऑलआउट हो गई. जवाब देने उतरी न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम की तरफ से नाथन एस्टल ने 101 रन बनाये तो वही क्रेग मैकमिलन ने नाबाद 107 रन की पारी खेली. नाथन और क्रेग के जड़े हुए शतक के मदद से टीम ने 9 विकेट खोकर 496 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करते हुए पारी घोषित कर दी. इस दौरान 0 पर आउट होने वाले स्पिनर पीटर सच ने सर्वाधिक 4 विकेट झटके.
Test Cricket – क्रिकेट की दुनिया में तीनो फॉर्मेट में सबसे अच्छा फ़ॉर्मेट टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) को माना जाता है। टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करना खिलाड़ियों के लिए बहुत मुश्किल होता है. टेस्ट क्रिकेट में ही खिलाड़ियों की असली परीक्षा होती है. खिलाड़ियों को धैर्य के साथ खेलना होता है।
टेस्ट मैच भी हैं जिन्हे भूल पाना आसान नहीं लगता। ऐसी शानदार परियां देखने को मिली है जिन्होंने सबके होश उड़ा दिए हैं। अपने घातक पाई के डैम पर कई बार खिलाड़ियों ने खेल के रुख को ही बदल के रख दिया है। उन पारियों ने ना सिर्फ मैच को बदला बल्कि उस खिलाड़ी का करियर भी उसके बाद बड़ा हो गया।
आज इस आर्टिकल के जरिये हम आपको प्लेयर्स के ऐसे ही कुछ खास परियों के बारे में बताने वाले हैं। जहाँ खिलाड़ियों ने अपने दम पर हारी हुई बाजी को जीत की तरफ अग्रसर किया है। जिसके बाद यह क्रिकेट इतिहास के पन्नो पर सुनहरे अक्षरों से लिखा जा चुका है।
1.ब्रूस मिचेल
यह वाकया उस वक़्त का है जब दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच 1947 में 4 मैच की टेस्ट सीरिज खेला जा। जिसमें इंग्लैंड की टीम ने शुरुआती 3 मैच पहले ही जीत कर गेम में बढ़त हाशिल कर ली थी ली। उसके बाद दक्षिण अफ्रीका का पूरा ध्यान 4-0 से क्लीन स्वीप का था।
चौथे मैच में इंग्लैंड की टीम ने दक्षिण अफ्रीका को चौथी पारी में 451 रनों का विशाल स्कोर सामने रखा था। लेकिन उसके बाद अब दक्षिण अफ्रीका के लिए ब्रूस मिचेल (Bruce Mitchell) ने विस्फोटक अंदाज में टीम को संभाला और अपने टीम को आख़िरकार 4-0 से मिल रही हार का रुख पलट के रख दिया।
ब्रूस मिचेल ने मैच में नाबाद 189 रन बनाये। जिसके कारण उनकी टीम जीत के करीब पहुँच गयी थी। दक्षिण अफ्रीका ने चौथी पारी में 7 विकेट गँवा कर 423 रन बना लिए थे। लेकिन आखिरकार ये मैच ड्रा पर छुट गया। लेकिन आज तक मिचेल की उस पारी को याद किया जाता है।
आईपीएल 2022 (IPL) का 15वां सीजन हाल ही में भारत में सफलतापूर्वक खत्म हुआ। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग का इंतजार हर क्रिकेट फैंस को बेसब्री से होता हैं। आईपीएल की सफलता को देखते हुए अब क्रिकेट से जुड़े हर देश ने अपनी खुद की टी-20 लीग शुरू कर रही हैं। आईसीसी के चेयरमैन ग्रेग बार्कले ने हाल ही में बड़ा बयान दिया हैं कि देशों के अपने घरेलू लीग शुरू करने से टेस्ट क्रिकेट को खतरा हो सकता हैं। लीगों की वजह मैचों की संख्या से कम हो सकती हैं।
आईपीएल जैसे लीगो में बढ़ोत्तरी से अंतराष्ट्रीय मुकाबलों में कमी आएगी- ग्रेग बार्कले
आईसीसी के चेयरमैन ग्रेग बार्कले से आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए इस पर प्रश्न पूछा गया। इसका जवाब देते हुए चेयरमैन ने कहा-
“यह एक अच्छा प्रश्न है। आईपीएल और इस तरह की कुछ अन्य घरेलू लीग के मैचों में बढ़ोतरी के साथ नई लीग भी शुरू होगी। लेकिन ऐसी घरेलू प्रतियोगिताएं सदस्य देशों के अधिकार क्षेत्र में है। वे इसे अपनी इच्छानुसार चला सकते हैं। लेकिन इसका अधिक आयोजन और लंबी अवधि तक चलने का मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय टीमों के बीच द्विपक्षीय मुकाबलों में कमी आयेगी। हम जानते हैं कि साल में सिर्फ 365 दिन होते हैं।”
भारत में आईपीएल के सफलता को देखकर हर देशों के क्रिकेट बोर्ड ने अपने देश में घरेलू लीग आयोजित करने में दिलचस्पी दिखाई हैं। आस्ट्रेलिया ने बिग बैश लीग (बीबीएल), पाकिस्तान ने पाकिस्तान सुपर लीग, बांग्लादेश प्रीमियर लीग और कैरेबियन प्रीमीयर लीग की शुरूआत की गई हैं। अगले साल यूएई भी अपनी घरेलू लीग यूएई टी-20 शुरू करने वाली हैं।
आईसीसी चेयरमैन ग्रेग बार्कले ने भारत के आईपीएल लीग की प्रशंसा
अपने साक्षत्कार में आगे बात करते हुए आईसीसी के चेयरमैन ग्रेग बार्कले ने भारत द्वारा आयोजित आईपीएल की प्रशंसा करते हुए कहा कि-
” चकाचौंध से भरपूर यह लीग मझे पसंद है। मैं दो साल तक यात्रा करने में सक्षम नहीं रहा। भारत में वापस आना बहुत अच्छा है। आईपीएल के लिए यह मेरी पहली यात्रा है। सेमीफाइनल (प्लेऑफ) और फाइनल मुकाबले है। मुझे आईपीएल पसंद है, यह एक शानदार प्रतियोगिता है। मुझे लगता है कि भारत और बीसीसीआई ने क्रिकेट के साथ कुछ अद्भुत किया है। यह एक ऐसी प्रतियोगिता है, जिसे देखना और उसका हिस्सा बनना सम्मान की बात है।”
मीडिया अधिकारों के बारे में बात करते हुए आईसीसी के चेयरमैन ग्नेग बार्कले ने कहा-
“2024-2031 चक्र के लिए आईपीएल के मीडिया अधिकार जारी होने के बाद मीडिया अधिकार निविदा जारी करेगी। मैं इसे लेकर काफी उत्साहित हूं कि मीडिया अधिकारों को लेकर काफी रुचि है। मुझे लगता है कि कुछ बहुत ही विश्वसनीय ‘पार्टियां’ हैं, जो आईसीसी के साथ काम करने में सक्षम होगी और वे सभी क्रिकेट के विकास में सकारात्मक योगदान देने में सक्षम होंगे।”