मां सरोज कोहली ने बताया विराट कोहली की जिंदगी किस दिन और कैसे बदली, रोने लगे थे दुनिया के सबसे बड़े बल्लेबाज

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक विराट कोहली ने अपने धाकड़ प्रदर्शन के दम पर तमाम रिकॉर्ड्स अपने नाम किए हैं. विराट कोहली आज जिस मुकाम पर हैं वहां तक पहुंचने में उन्हें कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा है.
काफी मशक्कत करनी पड़ी है तब जाकर आज कोहली वो बन सके हैं जिसे चाहने वालों की तादाद पूरी दुनिया में मौजूद है. विराट कोहली के जीवन की कई ऐसी बातें हैं जिन्हें शायद कोई नहीं जानता होगा. तो चलिए आज जानते हैं कोहली के जिंदगी की कुछ अंजान बातों के बारे में.
अपने पिता के बेहद करीब थे विराट कोहली
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदा धाकड़ बल्लेबाज विराट कोहली अपने परिवार में सबसे करीब अपने पिता के थे. विराट कोहली ने अपने पिता को बेहद कम उम्र में को दिया था. कोहली उस वक्त महज 18 साल के थे जब उनके पिता ने दुनिया को अलविदा कहा था. यहीं से कोहली की जिंदगी बदल गई थी. पिता के जाने से कोहली इस कदर टूट कर बिखर गए थे की वो खुद को संभालने और कुछ करने सोचने में असमर्थ हो गए थे.
विराट कोहली के जीवन की ये वो बातें हैं जिनके बारे में किसी को कोई खास सूचना नहीं है. अब जाकर विराट कोहली की मां सरोज कोहली ने इन बातों का खुलासा किया है और इस बात में खोल कर बात करते हुए बताया की कोहली पर उनके पिता की मौत का क्या असर हुआ था. विराट किस कदर बिखरे थे और उनमें उस दिन के बाद से क्या क्या बदलाव आए थे.
सरोज कोहली ने कही ये बात.
विराट कोहली की मां सरोज कोहली ने अब जाकर खुल कर बात करते हुए विराट कोहली पर उनके पिता की मौत के बाद क्या असर हुआ था इस बारे में बताए है. उन्होंने उस दिन की पूरी कहानी बताई और कहा,
‘विराट शाम में घर आया वो 40 रन पर नॉटआउट था. शाम को वो घर आकर सो गया काफी थका हुआ था, उसके पापा काफी बीमार थे, उनको ब्रेन हैमरेज हुआ था. रात को हमने देखा 2.30 बजे उसके पापा खत्म हो चुके थे. हमने विराट को बताया नहीं सुबह उठा जब उसने देखा तो वो रोने लग गया. कहता है कि अब मैं क्या करूं.’
इसके आगे अपनी बात में सरोज कोहली ने ये भी बताया की कैसे इस वाक्य ने पूरी तरह से विराट कोहली को बदल दिया. उन्होंने आगे कहा,
Tags: विराट कोहली, सरोज कोहली,“विराट ने अपने कोच राजकुमार शर्मा को फोन किया और उनसे पूछा कि सर अब मैं क्या करूं? उसके पापा का सपना था, उन्होंने ही विराट को इतनी मेहनत करवाई थी. विराट ने सोचा कि पापा का सपना पूरा हो रहा है अब मैंने इसे छोड़ना नहीं है. विराट ग्राउंड पर गया और उसने 98 रन बनाए. वहीं से वो पिता के अंतिम संस्कार में आया. बस यही वो मौका था जब वो एकदम से बदल गया.”
