टीम इंडिया के पास कई बड़े क्रिकेटर हैं। ऐसे क्रिकेटर टीम इंडिया के लिए काफी अच्छा परफॉर्मेंस कर रहे हैं। उनमें से एक नाम है उमेश यादव का। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव (Umesh Yadav) के चोटिल होने से टीम को बड़ा झटका लगा है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा (India vs Australia 2nd) क्रिकेट टेस्ट मैच मेलबर्न में खेला गया लेकिन वे तीसरे दिन दूसरी पारी में गेंदबाजी करते हुए चोटिल हो गए थे।
वे चौथे टेस्ट में शामिल नहीं हुए। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज उमेश यादव इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलते हैं। वह टीम इंडिया के तेज गेंदबाज हैं, वह टीम के शानदार गेंदबाज हैं लेकिन क्या वाकई उमेश यादव हमेशा से क्रिकेटर बनना चाहते थे, जानिए उनकी पूरी जिंदगी के बारे में….
2010 में खेली थी शानदार गेंदबाज
टीम इंडिया के शानदार गेंदबाज उमेश यादव ने टीम इंडिया के लिए 2010 में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज से की थी। उन्होंने गेंदबाजी के साथ टेस्ट क्रिकेट में भी डेब्यू कर लिया था। वह क्रिकेट के कारण अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए, वो ग्रेजुएशन करना चाहते थे लेकिन क्रिकेट के कारण वो अपना ग्रेजुएशन पूरा नहीं कर पाए। पर यहां सवाल उठता है कि क्या वाकई उमेश यादव वाकई क्रिकेटर बनना चाहते थे।
View this post on Instagram
फौजी बनना चाहते थे उमेश यादव
दरअसल, क्रिकेटर उमेश भारतीय सेना में शामिल होना चाहते थे। उन्होंने सेना में भर्ती होने के लिए ट्राई भी किया लेकिन रिजेक्ट हो गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस कांस्टेबल की नौकरी के लिए अप्लाई किया लेकिन किन्हीं वजहों से केवल दो प्वॉइंट से चूक गए।
बार-बार रिजेक्शन के बाद, उमेश ने उस समय क्रिकेट में करियर बनाने का फैसला किया। लेकिन शायद ही ऐसा सोचा होगा कि वे आज जिस मुकाम पर हैं वहां तक पहुंच जाएंगे। इसलिए उनके क्रिकेट बहुत अहमियत रखता है। जब वे हर जगह से रिजेक्शन झेल रहे थे तब क्रिकेट उनका सहारा बना और आज सभी उनके मुकाम को जानते हैं।

