एशिया कप शुरु होने से ठीक पहले विवादों में फंसा ये खिलाड़ी, सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाया बवाल अब सट्टेबाजी से जुड़े मामले की होगी जांच
एशिया कप शुरु होने से ठीक पहले विवादों में फंसा ये खिलाड़ी, सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाया बवाल अब सट्टेबाजी से जुड़े मामले की होगी जांच

एशिया कप (Asia Cup 2022) शुरु होने से ठीक पहले बांग्लादेश के सबसे बड़े क्रिकेट स्टार शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) फिर से विवादों से घिर गए हैं क्योंकि उनके देश के क्रिकेट बोर्ड ने सट्टेबाजी कंपनी के समर्थन में की गई उनकी हाल की सोशल मीडिया पोस्ट की जांच करने का फैसला किया है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2019 में भारतीय सट्टेबाज की भ्रष्ट पेशकश की रिपोर्ट नहीं करने पर शाकिब पर एक साल का प्रतिबंध लगाया था।

शाकिब अल हसन की पोस्ट ने मचाया बवाल

शाकिब अल हसन की पोस्ट ने मचाया बवाल

आपको बता दें कि हरफनमौला खिलाड़ी शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan)ने हाल ही में सोशल मीडिया पर पोस्ट के ज़रिए एक सट्टेबाज़ी से सम्बंधित कंपनी “बेटविनर न्यूज़” से हाथ मिलाने की घोषणा की है। जिसकी वजह से अब बवाल मच गया है।

बांग्लादेश में लागू होने वाले कानूनों के मुताबिक, सट्टेबाज़ी या जुए से सम्बंधित कई तरीकों की चीज़ों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। ऐसे में अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड शाकिब की इस पोस्ट का कच्चा चिट्ठा खोलने में लग गया है। हालांकि अब तक इस बात की कोई पुष्टी नहीं की गई है कि जिस कंपनी के साथ शाकिब ने पार्टनरशिप की है वह जुए से सम्बंधित एक्टिविटीज़ में भाग लेती है। लेकिन अगर ऐसा हुआ तो इस खिलाड़ी के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

बीसीबी अध्यक्ष ने इस मामले को लेकर दिया बड़ा बयान

बीसीबी अध्यक्ष ने इस मामले को लेकर दिया बड़ा बयान

बीसीबी अध्यक्ष नजमुल हसन ने इस पूरे मामले को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड सट्टेबाज़ी या जुए से सम्बंधित किसी भी चीज़ के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं देता और अगर शाकिब (Shakib Al Hasan) ने ऐसा किया है तो इस पूरे मामले की गंभीरता के साथ देखरेख की जाएगी। क्रिकबज से इस बारे में बात करते हुए नजमुल हसन ने कहा कि,

“दो चीज़े हैं, सबसे पहले अनुमति लेने का कोई मौका नहीं है क्योंकि हम अनुमति नहीं देंगे। यदि सट्टेबाज़ी से सम्बंधित कुछ भी है तो हम कोई अनुमति नहीं देंगे। इसका मतलब है कि उसने हमसे कोई अनुमति नहीं मांगी। दूसरा हमें ये जानना होगा कि क्या उन्होंने वास्तव में किसी डील पर हस्ताक्षर किए थे या नहीं।”

इतना ही नहीं इस सिलसिले में आगे बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि,

“आज की बैठक में ये मुद्दा उठाया गया और हमने कहा कि ये कैसे हो सकता है, क्योंकि ये असंभव है। अगर ऐसा होता है तो उससे तुरंत पूछे। उसे नोटिस दें और उससे पूछें कि ये कैसे हुआ क्योंकि बोर्ड इसकी अनुमति नहीं देगा। यदि ये सट्टेबाज़ी से सम्बंधित है तो हम इसकी अनुमति नहीं देंगे।”