पृथ्वी शॉ की भारतीय टीम में वापसी के बाद फॉर्म ने कर दिया बड़ा खेल, 379 रनों से सीधे 40 रनों पर पंहुचे

By Adeeba Siddiqui On January 18th, 2023
पृथ्वी शॉ

भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ फिलहाल घरेलू क्रिकेट में जम कर अपना जलवा बिखेर रहे हैं. लंबे समय से पृथ्वी शॉ अपना प्रदर्शन दिखाते हुए भारतीय चयनकर्ताओं को अपनी ओर आकर्षित करने में लगे हुए थे, लेकिन सभी प्रयासों के बाद भी उन्हें चयनकर्ताओं द्वारा इग्नोर किया जा रहा है. लम्बे समय के इंतजार के बाद अब जाकर पृथ्वी शॉ को भारतीय टीम में दोबारा मौका मिल ही गया जिसका वो पिछले डेढ़ साल से इंतजार कर रहे थे.

रणजी ट्रॉफी में इन्होंने अपने जबरदस्त प्रदर्शन से विरोधी टीमों की हालत खराब कर दी है. असम के खिलाफ टूर्नामेंट में मुंबई की ओर से खेलते हुए इन्होंने तिहरा शतक जड़ा जिसके बाद हर तरह इन्हीं की चर्चा होने लगी और इन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की आगामी टी20 सीरीज में मौका दिया गया. आखिरी बार उन्होंने साल 2021 में अपना आखिरी मैच भारतीय टीम के साथ खेला था और उसके बाद से ही टीम से बाहर चल रहे थे.

दिल्ली के खिलाफ रहे फ्लॉप

जहां एक ओर रणजी ट्रॉफी में असम के खिलाफ अपना जलवा बिखेरते हुए 379 रनों का तिहरा शतक जड़ने वाले पृथ्वी शॉ को भारतीय टीम में लंबे समय बाद एंट्री मिली. वहीं दूरी ओर इस बेहतरीन प्रदर्शन के महज कुछ दिनों के बाद ही इनके फॉर्म में बड़ी गिरावट देखने मिली. कहां 379 रनों की पारी और कहा महज 40 रनों पर विकेट गवाना बेहद निराशाजनक रहा.

रणजी ट्रॉफी में मुंबई और दिल्ली के बीच खेले जा रहे मैच में वो मुंबई की ओर से ओपनिंग करते हुए कुछ खास कमाल नहीं करते दिखे. पृथ्वी शॉ के बल्ले से इस मैच में महज 40 रन निकले जो उनकी प्रतिभा और फॉर्म के बिल्कुल अनुकूल न थे. 40 रनों की पारी खेलते हुए पंत एलबीडब्ल्यू आउट हुए और पवेलियन लौट गए.

टिक कर खेलना है अहम

भारतीय युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के खिलाफ मुंबई की ओर से खेलते हुए कुछ खास कमाल नहीं किया और महज 40 रनों की पारी खेली. लेकिन उनके बल्ले से निकले ये 40 रन 9 चौकों की मदद से बने, ऐसे में ये तो साफ है की पारी भले ही छोटी रही मगर अच्छी रही. पृथ्वी शॉ इस मैच में पिच पर लंबे समय तक टिक कर खेलने में असमर्थ हुए.

टी20 फॉर्मेट के लिहाज से देखा जाए तो कहीं न कहीं ये पारी अच्छी रही. लेकिन टिक कर पिच पर लंबे समय तक बने रहना और अच्छा प्रदर्शन करना भी काफी अहम है क्योंकि वनडे और टेस्ट फॉर्मेट में इसी की आवश्यकता होती है और आने वाले समय में यानी साल 2023 में कई सारे वनडे और टेस्ट फॉर्मेट के मुकाबले भारतीय टीम को खेलने हैं.

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