कप्तान के तौर पर महेंद्र सिंह धोनी द्वारा लिए गए वो 4 बड़े फैसले, जिसने भारतीय क्रिकेट की बदल दी पूरी तस्वीर

महेंद्र सिंह धोनी (MS DHONI) क्रिकेट की दुनिया के सबसे चमकते सितारे हैं। महेंद्र सिंह धोनी (INDIAN TEAM) के सबसे सफल कप्तान हैं इसमें कोई संदेह कर ही नहीं सकता। अपनी कप्तानी में उन्होने भारत (INDIA) को हर टूर्नामेंट जीतवाया हैं और उनके अलावा यह कारनामा ना उनसे पहले और ना उनके बाद आज तक कोई कर पाया है। एक कप्तान के तौर पर हर व्यक्ति कभी ना कभी दबाव महसूस करता ही हैं, बेशक धोनी ने भी कभी दबाव महसूस किया होगा। लेकिन धोनी ने अपने दबाव के पल को भी स्वर्णिम अक्षरों में लिखा हैं।
एक कप्तान के तौर पर धोनी ने कई बड़े फैसले किए जिन फैसलों ने भारत को एक नई दिशा दी साथ ही में विश्व विजेता जैसी टीम बनने में भी मदद की। आज हर युवा धोनी को अपना इंसपिरेशन मानते हैं। उनसे ही प्रेरित होकर कई युवाओं ने क्रिकेट को अपना भविष्य चुना हैं। आज हम आपको धोनी द्वारा लिए उन चार फैसलों के बारे में बताने वाले जिसने भारतीय क्रिकेट को पूरी तरह बदल दिया।
1. 2011 वर्ल्ड कप के दौरान खुद को बल्लेबाजी क्रम में प्रमोट करना

महेंद्र सिंह धोनी (MS DHONI) ने साल 2004 में अपना वनडे डेब्यू किया था। इसके बाद साल 2007 में धोनी भारत के कप्तान के रूप में नियुक्त हुए। धोनी ने कप्तानी संभालते ही भारत को 2007 में पहला टी20 विश्व कप दिला दिया था। धोनी ने टी20 विश्व कप (T20 WORLD CUP) के बाद भारत को 28 साल बाद साल 2011 में वनडे वर्ल्ड कप दिलाया था। 2011 विश्व कप (2011 WORLD CUP) का वो मंजर कभी भुले कोई नहीं भुल सकता हैं। जब धोनी ने छक्का मारकर भारत को वर्ल्ड कप दिलाया था।
धोनी ने फाइनल मुकाबले में खुद को प्रमोट किया था, धोनी युवराज सिंह (YUVRAJ SINGH) जैसे बल्लेबाज से पहले पांच नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरे थे। धोनी का यह फैसला भारत के हक में गिरा, कप्तान धोनी ने 79 गेंदों में 8 चौके और 2 छक्कों की मदद से 91 रन बनाए और भारत को 275 के लक्ष्य तक लेकर गए। कप्तान धोनी के इस फैसले ने भारत का इतिहास ही बदल दिया था।
2. 2007 टी20 वर्ल्ड कप में जोंगिदर शर्मा को आखिरी ओवर देना

साल 2007 में आईसीसी द्वारा पहली बार टी20 विश्व कप की नींव रखी गई थी। इस विश्व कप के पहले टूर्नामेंट को भारत (INDIA) ने जीत कर इतिहास रच दिया था। इस विश्व कप के फाइनल में पहुंचने वाली टीम पाकिस्तान (PAKISTAN) ही थी। फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को 157 रनों का लक्ष्य दिया था। आखिरी ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए 13 रनों की दरकार थी।
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आखिरी ओवर में गेंद जोगिंदर शर्मा को थमाई थी। जोगिंदर शर्मा (JOGINDER SHARMA) द्वारा डाले गए ओवर में भारत को एक विकेट मिली जिससे लक्ष्य का बचाव कर लिया गया। भारत ने 5 रनों से फाइनल मुकाबला जीतकर विश्व कप अपने नाम किया था। धोनी ने जोंगिंदर शर्मा जैसे कम अनुभव वाले खिलाड़ी पर भरोसा जताकर कप्तान के रूप में सबसे बड़ा काम किया था। धोनी के इस फैसले ने भारत को विश्व विजेता बनाया।
3. महेंद्र सिंह धोनी ने हमेशा जताया खिलाड़ियों पर भरोसा

महेंद्र सिंह धोनी हमेशा अपने साथी खिलाड़ियों को प्रेरणा देते हुए नजर आते हैं। आज कल हम धोनी को छोटे-छोटे युवाओं को आईपीएल के दौरान सीख देते हुए देखते हैं। महेंद्र सिंह धोनी ने अपने कप्तान के तौर पर कई बड़े खिलाड़ियों को निखारा हैं। जिनमें मुरली विजय (MURLI VIJAY), रविंद्र जडेजा (RAVINDRA JADEJA) और सुरेश रैना (SURESH RAINA) जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
शुरूआती दिनों में यह तीनों खिलाड़ी खराब प्रदर्शन से जूझते थे, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी हमेशा इन खिलाड़ियों को बैक करते हुए नजर आते हैं। धोनी इनको अपना पूरा समर्थन देते थे। मुरली विजय ने टेस्ट क्रिकेट में मुकाम हासिल करना शुरू किया था। साथ ही सुरेश रैना भारतीय टीम में भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज बन चुके थे। रविंद्र जडेजा जो आज भी भारतीय टीम के लिए तीनों प्रारूपों में सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी निभाते हुए नजर आ रहे हैं।
4. वनडे में कप्तानी करते हुए रोहित शर्मा को सलामी बल्लेबाज की दी जिम्मेदारी

मौजूदा भारतीय कप्तान रोहित शर्मा (ROHIT SHARMA) आज दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज के रूप में शामिल हैं। हिटमैन द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड में कोई आस-पास भी नजर नहीं आता हैं। हम आपको बता दें कि रोहित भी अपने करियर के शुरूआती दिनों में वनडे क्रिकेट में बल्लेबाज के रूप में संघर्ष करते हुए नजर आते थे। लेकिन महेंद्र सिंह धोनी ने फिर उनसे ओपनिंग करवाने की ठानी, एक सलामी बल्लेबाज के रूप में रोहित ने एक अलग पहचान बनाई जिसे आज हम सब देख रहे हैं।
रोहित ने वनडे क्रिकेट में तीन बार दोहरा शतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया हैं। एक सलामी बल्लेबाज के रूप में रोहित शर्मा ने 138 पारियों में अब तक 7148 रन बनाए हैं, जिसमें 31 अर्धशतक और 27 शतक भी शामिल हैं। रोहित शर्मा की इस उपल्बधि के पीछे सबसे बड़ा कारण महेंद्र सिंह धोनी ही हैं। धोनी के इस फैसले ने भारत को ही नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट को सबसे बेहरतरीन बल्लेबाज दिया हैं।
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