भारतीय क्रिकेट (Indian Cricket Team) टीम द्वारा कई दिग्गज खिलाड़ी वनडे में वर्ल्ड क्रिकेट को दिए गए हैं। वनडे में बहुत से खिलाड़ी ऐसे भी रहे जो कि निचले क्रम में बल्लेबाजी करने के लिए उतरते थे और कुछ ऐसे भी खिलाड़ी हुए जिन्हें इस स्थिति में बल्लेबाजी करने का कभी मौका ही नहीं मिला और वह टीम से बाहर होने के बाद कभी वापस ही नहीं लौटे।
आज के इस आर्टिकल हम आपको ऐसे 3 भारतीय खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे जिन्हें वनडे क्रिकेट में बल्लेबाजी करने का कभी मौका ही नहीं मिला। जो एक गेंद खेलने के लिए तरस गए लेकिन मौका ही नहीं मिला।
आरपी सिंह
90 के दशक में भारतीय टीम के लिए मात्र दो मैच खेलने वाले खिलाड़ी थे रुद्रप्रताप सिंह (RP Singh) जिनका जन्म लखनऊ में हुआ था और वह एक दाएं हाथ के बल्लेबाज होने के साथ-साथ बाएं हाथ के मीडियम पेसर गेंदबाज भी थे। 1986 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू करने वाले रुद्र प्रताप सिंह को कभी बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला हालांकि उनके नाम 1 विकेट दर्ज है। भारत के लिए सिर्फ एक ही प्रारूप में खेलने वाले रूद्र प्रताप सिंह को दो मैचों के बाद भारतीय टीम में वापसी करते नहीं देखा गया।
मनप्रीत गोनी
साल 2008 में कराची में हांगकांग के खिलाफ डेब्यू करने वाले भारतीय खिलाड़ी मनप्रीत गोनी (Manpreet Gony) के पास अच्छे शॉट लगाने की पूरी क्षमता थी पर फिर भी वह भारत के लिए मात्र दो वनडे मैच ही खेले। इन्हें भी बल्लेबाजी करने का कभी मौका नहीं मिला पर इनके नाम दो विकेट दर्ज हैं। भारतीय टीम में डेब्यू करने का मौका उन्हें आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन करने के कारण मिला था।
जयदेव उनादकट
साल 2013 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने वाले जयदेव उनादकट (Jaydev Unadkat) ने जिंबाब्वे के खिलाफ हरारे में अपना पहला वनडे मैच खेला था। जयदेव उनादकट द्वारा अब तक 7 वनडे मैच खेले गए हैं जिसमें उन्होंने 8 विकेट अपने नाम किए हैं पर उन्हें आज तक कभी बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। जयदेव उनादकट अभी कम उम्र के खिलाड़ी है जिसके चलते भारतीय टीम में वापसी करने का मौका उन्हें मिल सकता है।
