वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम (West Indies cricket team) बीते 2 सालों में वनडे फॉर्मेट में लगातार संघर्ष करती हुई नजर आ रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पा रही है। अब इसी समस्या पर गौर करते हुए टीम के मुख्य कोच फिल सिमन्स (Phil simmons) ने बताया है कि टीम इंडिया (Team India) के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में उनकी टीम खेल के इस विभाग में सुधार करना होगा।
ऐसे में इंग्लैंड को 2 सीरीज में रौंदकर आ रही भारत के खिलाफ विंडीज कितना खरा उतरती है ये तो मैच के दौरान ही पता चलेगा। लेकिन, उससे पहले सिमन्स (Phil simmons) ने और क्या कुछ कहा है आइये जानते हैं।
सामने आई वेस्टइंडीज की बड़ी कमजोरी
अगर वेस्टइंडीज टीम के आंकड़ों पर एक नजर दौड़ाएं तो वनडे विश्व कप 2019 के बाद इस टीम ने 39 पारियों में से सिर्फ 6 पारियों में ही पूरे 50 ओवर का खेल संपन्न कर पाई है। जबकि पिछली 13 वनडे सीरीजों की बात करें तो अब तक सिर्फ 4 सीरीज अपने नाम की है।
वहीं 9 सीरीज में शिकस्त का सामना करना पड़ा है। हैरानी की बात ये थी कि सिमन्स (Phil simmons) की कोचिंग वाली इस टीम को इसी साल के शुरूआत में घरेलू सरजमीं पर आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ भी मुंह की खानी पड़ी थी।
क्रीज पर टिकना होगा चुनौती
सिमन्स ने भारत के खिलाफ पहले वनडे की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से इस बारे में बात करते हुए कहा,
”अहम बात यह है कि हम पूरे 50 ओवर तक कैसे बल्लेबाजी करते हैं। हमें पारी संवारकर और साझेदारी निभाकर पूरे 50 ओवर तक बल्लेबाजी करनी होगी। किसी को क्रीज पर टिककर पारी संवारनी होगी और शतक जड़ने पर ध्यान देना होगा। बल्लेबाजी में हमें ऐसा करना ही होगा।”
सिमन्स (Phil simmons) साल 2019 के बाद से ही वेस्टइंडीज टीम के मुख्य कोच हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनके खिलाड़ियों को यहां की अनुकूल पिचों पर भारत के मुकाबले ज्यादा मिलेगी। इस बारे में बात करते हुए सिमन्स ने कहा,
”हमें जितना बेहतर विकेट मिलेगा। उतना ही हमारे बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए अच्छा होगा।”
फील्डिंग को लेकर चिंता में नहीं हेड कोच
हालांकि सिमन्स (Phil simmons) अपने फील्डिंग और गेंदबाजी विभाग को लेकर कुछ खास चिंतित नहीं है। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा,
”गेंदबाजी और फील्डिंग में लगातार सुधार हो रहा है। फील्डिंग में हम अपनी टीम को अव्वल दर्जे का मानते हैं। हमारे गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। उन्हें रन गति पर अंकुश लगाने और विकेट लेने पर ध्यान देना होगा। ऐसा करके ही हम विरोधी टीम को कम स्कोर पर आउट करके जीत दर्ज कर सकते हैं।”
