IND vs SA: प्लेयर ऑफ़ द मैच चुने जाने के बाद युजवेंद्र चहल ने खोले अपने पत्ते, कहा- “आज ताकत के अनुसार गेंदबाजी की”

भारत और और अफ्रीका (IND vs SA) के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला विशाखापट्नम के वाईएस राजशेखर रेड्डी स्टेडियम (Dr ys Rajasekhara Reddy Stadium, Visakhapatnam) में खेला गया जहाँ भारत ने इस मुकाबले को 48 रनों से अपने नाम किया। और सीरीज में पहली जीत हासिल की। भारत को जीत दिलाने में स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) का अहम योगदान रहा, जिसके बाद उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।
प्लेयर ऑफ़ द मैच युजवेंद्र चहल
दरअसल टॉस जीतकर भले ही कप्तान टेम्बा बावुमा (Temba Bavuma) ने गेंदबाजी का फैसला किया था। लेकिन, उनका ये निर्णय तीसरे मुराबले में टीम के खिलाफ साबित हुआ और गेंदबाजों ने जमकर रन लुटाए। हालांकि आखिरी के कुछ ओवरों में जरूर अफ्रीकी गेंदबाजों ने मैच पर पकड़ बनाई थी। लेकिन, 5 विकेट पर भारत ने 179 रन बनाए लिए थे और जीत के लिए अफ्रीकी टीम को 180 रनों की दरकार थी।
180 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टेम्बा बावुमा की टीम की शुरूआत बेहद खराब रही। युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने अपनी गेंद की धार दिखाई और 4 ओवर की स्पेल में 20 रन देकर 3 बड़े विकेट हासिल किए। उनके इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें प्लेयर ऑफ मैच का अवॉर्ड दिया गया।
प्लेयर ऑफ़ द मैच बनने के बाद युजवेंद्र चहल ने क्या कहा?
प्लेयर ऑफ़ द मैच बनने के बाद युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने बताया कि आज उन्होंने तेज लेगब्रेक गेंदबाज़ी करने की कोशिश की। आज अपनी ताकत के मुताबिक गेंदबाजी की। उन्होंने कहा कि,
” मैंने तेज लेगब्रेक गेंदबाज़ी करने की कोशिश की, लेकिन आज एक अलग सीम पोज़िशन के साथ। मैं गेंद को टर्न और डिप कराना चाहता था, मैं आखिरी बार ऐसा नहीं कर सका इसलिए वे लाइन के माध्यम से हिट करने में सक्षम थे। मैंने कुछ टर्न लेने और गेंद की लाइन बदलने की कोशिश की। मैं आज अपनी ताकत के मुताबिक गेंदबाज़ी करने की कोशिश कर रहा था।”
युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने आगे कहा कि,
Tags: IND vs SA, प्लेयर ऑफ़ द मैच, युजवेंद्र चहल,”जब आप मध्यक्रम के बल्लेबाज़ों को बीच के ओवरों में आउट करते हैं तो उन पर दबाव होता है। बल्लेबाज़ इन दिनों काफी स्वीप और रिवर्स स्वीप करने की कोशिश करते हैं इसलिए हमें गेंदबाज़ों के रूप में इसके लिए भी तैयार रहना होगा। पिछले गेम में भी स्पिनरों को कुछ मदद मिली थी लेकिन मैंने उतनी अच्छी गेंदबाज़ी नहीं की। शुक्र है राजकोट में मैदान बड़ा है(हंसते हुए)!