विदेशी लीग में हिस्सा लेने से भारतीय खिलाड़ियों को हो सकते हैं ये 4 महत्वपूर्ण फायदें ,BCCI को दे देनी चाहिए अनुमति
विदेशी लीग में हिस्सा लेने से भारतीय खिलाड़ियों को हो सकते हैं ये 4 महत्वपूर्ण फायदें ,BCCI को दे देनी चाहिए अनुमति

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत की थी ,जिसके बाद से यह दुनिया के सबसे ज्यादा सफल टी20 लीग में से एक है। भारत की इस मशहूर लीग में दुनिया भर के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों को किसी विदेशी लीग में खेलने की इजाजत नहीं देती है।

जिस भी देश में टी-20 क्रिकेट लीग होता है। वह सभी देश बीसीसीआई से भारत के खिलाड़ियों को भेजने का आग्रह कर चुके हैं, लेकिन बीसीसीआई किसी भी कीमत पर अपने खिलाड़ियों को विदेशी लीग में भेजने को तैयार नहीं है.आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं की भारतीय खिलाड़ियों के विदेश में खेलने से क्या फायदे हो सकते हैं।

1 -विदेशी पिच पर खेलने में मिलेगी सहायता !

बीसीसीआई अगर भारतीय क्रिकेटर्स को विदेशी टी-20 लीग में खेलने की इजाजत देती है , तो उन्हें विदेशी पिचें अच्छी तरह से समझने में मदद मिलेगी। गौरतलब है की भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी पिचों पर संघर्ष करते हुए देखा गया है। ऐसे में अगर इन्हे विदेशी लीग खेलने का मौका मिला तो पिच की परख करने में दिक्क्त नहीं आएगी। जिससे की विदेशों में खेले जाने वाले मुकाबलों में भारतीय प्लेयर्स अच्छा प्रदर्शन दिखा पाएंगे।

2-दूसरे देश के प्लेयर्स की ताकत और कमजोरी दोनों का कर सकते हैं आकलन !

विदेशी लीगों में दुनिया भर के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इस दौरान किसी एक नेशनल टीम के प्लेयर लीग के अलग – अलग टीम में जुड़ जाते हैं। ऐसे में जब एक ही देश का एक बल्लेबाज बल्लेबाजी कर रहा होता है और तो उसके सामने अपना ही कोई खिलाड़ी फील्डिंग कर रहा होता है। जिससे की उसकी कमिया आसानी से सामने आ जाती है। विदेशी टी-20 लीग में खेलने से भारतीय गेंदबाजो को विदेशी बल्लेबाजों के कमजोरी और ताकत दोनों का अंदाजा हो जायेगा।

3 -खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को मिलेगी मजबूती !

टीम के खिलाड़ियों को दूसरे देश के प्लेयर्स के साथ बात करने और अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। टी20 लीग के दौरान कई खिलाड़ियों को परिपक्क्व होते हुए देखा गया है। ऐसे में भारतीय टीम के युवा खिलाडियों को भी अगर ऐसा मौका मिलता है तो वो अपने फॉर्म में सुधार कर पाएंगे। और वही सीनियर प्लेयर्स से काफी कुछ सिखने को मिल सकता है।

4 – कमाई का अच्छा जरिया –

जिस तरह विदेशी खिलाड़ी भारतीय टी20 लीग में खेलकर मनचाहा पैसा कमाते हैं. उसी तरह अगर बीसीसीआई भी भारतीय क्रिकेटरों को विदेशी लीग खेलने का मौका दे तो युवा खिलाड़ी भी विदेशों से पैसा कमाकर भारत ला सकते हैं. स्टार खिलाड़ियों के, तो टी20 लीग में करोड़ों के कॉन्ट्रैक्ट होते हैं. इसलिए खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फायदा कमाई का होगा.
हर खिलाड़ी पैसा कमाना चाहता है. इसलिए विदेशी टी20 लीग खेलकर पैसा कमाने का ऑप्शन भारतीय खिलाड़ी के लिए काफी अच्छा रहने वाला है.

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