पाकिस्तान (PAKISTAN) के मशहूर अंपायर असद रऊफ (ASAD RAUF) जिन्होने साल 2000 से लेकर 2013 तक कुल 170 अंतराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग की हैं। पाकिस्तान इस वक्त बहुत ही बुरे दौर से गुजर रहा हैं, देश में महंगाई इतनी बढ़ गई हैं कि बड़े से बड़ा व्यक्ति इस से परेशान नजर आ रहा हैं। श्रीलंका (SRILANKA) भी इसस वक्त कुछ इसी दौर से गुजर रहीं हैं।
हाल ही में विश्व विजेता खिलाड़ी रोशन महानामा (ROSHAN MAHANAMA) की चाय बांटते हुए तस्वीर वायरल हुई थी। पूर्व पाकिस्तानी अंपायर असद ने अपने आप को क्रिकेट से बिल्कुल ही दूर कर लिया हैं। वह इन दिनों लाहौर के लांडा बाजार में जूते बेचने का काम कर रहे हैं।
इस कारण जूता बेचते नजर आए पूर्व पाकिस्तानी अंपायर

पाकिस्तान (PAKISTAN) इस वक्त बहुत ही बुरे दौर से गुजर रहा हैं। देश में महंगाई इतनी बढ़ गई हैं कि लोगों को काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा हैं। हाल ही में पूर्व पाकिस्तानी अंपायर असद रऊफ (ASAD RAUF) की एक दुकान में जूते बेचते हुए तस्वीर सोशल मीडिया में काफी वायरल हुई हैं। पाकिस्तानी समाचार चैनल पाकटीवी को दिए गए इंटरव्यू में बात करते हुए अपने इस काम के बारे में जानकारी दी हैं, उनका कहना हैं कि-
“यह मेरे लिए नहीं है, यह मेरे कर्मचारियों का दैनिक वेतन है, मैं उनके लिए काम करता हूं, मैंने अपने पूरे जीवन में कई खेलों में अंपायरिंग की है। अब देखने वाला कोई नहीं बचा है। मैं 2013 से खेल के संपर्क में नहीं हूं, क्योंकि एक बार जब मैं कुछ छोड़ देता हूं तो मैं इसे पूरी तरह छोड़ देता हूं।”
असद रऊफ ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायरिंग करने के साथ-साथ भारत के आईपीएल (IPL) लीग में भी काम किया हैं। रऊफ साल 2016 में बीसीसीआई (BCCI) द्वारा बैन कर दिए गए थे। रऊफ के ऊपर मुंबई की एकस मॉडल को धोखा देने का भी आरोप लगा हैं। कहा जाता हैं कि उन्होने मॉडल से शादी करने का वादा किया था, लोकिन वो वादा करके भाग गए थे।
हर काम पर चरम पर पहुंचने की मेरी आदत हैं- असद रऊफ
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पाकिस्तान के पूर्व अंपायर अब क्रिकेट से पूरी तरह दूर हो चुके हैं। असद रऊफ अब दुकान पर जूते बेचने का कार्य कर रहे हैं। इस काम को कर के क्या वो खुश हैं इस पर जवाब देते हुए उन्होने कहा-
“मैं जो भी काम करता हूं उसके चरम पर पहुंचना मेरी आदत है। मैंने एक दुकानदार के रूप में काम शुरू किया, मैं अपने चरम पर पहुंच गया हूं। मैंने क्रिकेट खेला, मैं चरम पर पहुंच गया। और फिर जब मैंने एक अंपायर के रूप में शुरुआत की, तो मैंने कहा खुद से कहा कि मुझे यहां भी चरम पर पहुंचने की जरूरत है।”
“मुझे कोई लालच नहीं है। मैंने बहुत सारा पैसा देखा है, और मैंने दुनिया को प्रोटोकॉल के साथ देखा है। मेरा एक बेटा एक विशेष बच्चा है। दूसरा अमेरिका (यूएस) से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वापस आया है।”

