5 भारतीय खिलाड़ी जिन्हे अंडर 19 में नहीं मिली जगह, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में बिखेरा अपना जलवा
5 भारतीय खिलाड़ी जिन्हे अंडर 19 में नहीं मिली जगह, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में बिखेरा अपना जलवा

भारतीय टीम (INDIAN TEAM) का एक ऐसा भी खिलाड़ी है जिसने 1-2 नहीं बल्कि अपने देश को 3-3 विश्वकप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह किसी भी खिलाड़ी के गौरव की बात तो है ही, साथ ही भारतीय टीम (INDIAN TEAM)के लिए भी यह गौरव का विषय है। क्या आप नहीं जानना चाहेंगे कि वो कौन महान खिलाड़ी कौन है, जिसके नाम यह रिकॉर्ड्स हैं। जानिए कौन है वो खिलाड़ी….

 युवराज सिंह हैं भारतीय टीम को तीन विश्वकप जीतने वाले महान खिलाड़ी

भारतीय टीम

भारतीय टीम (INDIAN TEAM) के युवराज सिंह (YURAJ SINGH) ही एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिसने एक दो नहीं बल्कि 3-3 विश्वकप भारतीय टीम के नाम किया। उन्होंने वर्ष 2000 में अंडर 19 का विश्वकप जीता। उस समय टीम के कप्तान मो. कैफ (MOHD KAIF) हुआ करते थे।

युवराज सिंह (YURAJ SINGH)ने इस टूनामेंट में 8 मैच खेले थे जिसमें 33 के औसत से 203 रन बनाये थे, इसमें शानदार 2 अर्द्धशतक शामिल थे। गेंद से इस खिलाड़ी ने 11.50 के औसत से 12 विकेट चटकाए थे। इसके साथ फील्डिंग में भी युवराज सिंह (YURAJ SINGH) ने कमाल किया था, जिसके कारण भारतीय टीम (INDIAN TEAM) इस टूनामेंट को जीत गयी थी, युवराज सिंह मैन ऑफ़ द टूनामेंट बने थे।

भारतीय टीम की जीत में युवराज सिंह ने टी 20 2007 व विश्वकप 2011 की जीत में निभाई थी अहम भूमिका

युवराज सिंह (YURAJ SINGH) ने टी 20 के 2007 के विश्वकप में टीम के सदस्य हुआ करते थे। उनके 6 गेंदों पर 6 छक्कों की चर्चा आज भी होती। उन्होंने इंग्लैंड (ENGLAND) के खिलाफ खेलते हुए यह कारनामा अंजाम दिया था। उन्होंने 5 मैचों में 148 रन बनाए थे, इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सर्वाधिक 70 रन बनए थे।

इसके साथ विश्वकप 2011 में युवराज सिंह (YURAJ SINGH) ने भारतीय टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। उन्होंने 90.50 की औसत से 362 रन बनाए थे, जिसमें 1 शतक व 4 अर्द्धशतक शामिल थे। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 15 विकेट भी लिए थे। उनके इस आलराउंडर प्रदर्शन की वजह से टीम विश्वकप जीतने में कामयाब हो सकी थी।

 

 

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