निर्वाचन आयोग ने फिर से रोड शो और रैलियों पर बैन की बढ़ाई सीमा, इन पर दी कुछ छूट

By RAHUL SINGH On February 7th, 2022
EC

यूपी समेत 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग(Election Commission of India ) ने लगाए गए प्रतिबंध को बढ़ा दिया है. EC ने विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी रैलियों, रोड शो, वाहन रैलियों पर पूरी तरह से पाबंदी जारी रखी है. वहीं EC ने बंद भवनों में जनसभाओं और खुले स्थानों पर होने वाली बैठकों में काफी छूट दे दी है. इतना ही नहीं डोर टू डोर प्रचार करने वालों की ज्यादा से ज्यादा संख्या 20 ही रहेगी. चुनाव आयोग कोरोना को देखते हुए इस चुनाव में इतनी सख्ती बरत रहा है.

जानकारी के मुताबिक इस कोरोना(corona) महामारी के बीच फरवरी और मार्च में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनाव करवाने जा रहा है. कोरोना के चलते आयोग ने गाइडलाइन तय की है, जिससे किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

जिला अधिकारियों के नामित मैदानों पर की जा सकेंगी रैलियां

EC ने कहा, ‘खुले मैदान में रैलियां केवल जिला अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से नामित मैदानों में आयोजित की जा सकेगा. वहीं एसडीएमए की सभी शर्तों के अनुपालन के अधीन हैं. इन मैदानों का आवंटन जिला प्रशासन द्वारा ई-सुविधा पोर्टल के माध्यम से पहले आओ पहले पाओ के आधार पर समान रूप से किया जाएगा. मैदानों की क्षमता जिला प्रशासन की ओर से काफी पहले से तय की जाएगी और सभी पक्षों को इसकी सूचना दे दी जाएगी.’

उसने कहा, ‘कई प्रवेश और निकास बिंदु होने चाहिए जिससे भीड़ न हो क्योंकि लोग आ रहे हैं और कार्यक्रम स्थल से निकल रहे हैं. सभी एंट्री गेट पर हाथ स्वच्छता और थर्मल स्क्रीनिंग प्रावधान होना चाहिए. एंट्री गेट के साथ-साथ रैली क्षेत्र के भीतर भी पर्याप्त संख्या में हैंड सैनिटाइज़र रखे जाने चाहिए. बैठने की व्यवस्था में पर्याप्त शारीरिक दूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए और हर टाइम सभी को मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए.

कोरोना प्रोटोकॉल करें सख्ती से पालन

EC ने कहा कि सभी लोगों को ‘हर समय शारीरिक दूरी के मानदंडों, मास्क पहनने और अन्य निवारक उपायों का पालन पूरी तरह से करना पड़ेगा. वहीं खुली जमीन की बैठकों में लोगों को पर्याप्त समूहों में समायोजित किया जाना चाहिए और ऐसे समूहों को अलग-अलग व्यवस्था द्वारा अलग किया जाना चाहिए. आयोजक इस व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे और नोडल अधिकारी भी इसका पालन करेंगे.

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