कामनवेल्थ गेम्स (Common Wealth Games) में एक बार फिर से भारत के स्टार लॉन्ग जंपर मुरली शंकर ने देश को सिल्वर मेडल जिताया है। श्रीशंकर काॅमनवेल्थ गेम्स के पुरुष लंबी कूद इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं। हम ही आपको बता दें इन से पहले 1978 में कॉमनवेल्थ गेम्स में सुरेश बाबू ने ब्रोंज मेडल जीता था। श्री शंकर ने यह मेडल पांचवें प्रयास में अपने नाम किया है दरअसल उन्होंने 8.80 मीटर की दूरी के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया है।
इस खिलाड़ी ने जीता गोल्ड मेडल
वही आपका बता दे सिल्वर मेडल भारत के नाम हुआ तो वही बहामास के लेकुआन नेर्न ने अपने नाम गोल्ड मेडल किया है। नेर्न दूसरी कोशिश में8.08 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास करके या मेडल अपने नाम किया है। वही आपको बता दें साउथ अफ्रीका के योवान वुरेन ने 8.06 मीटर के प्रयास से ब्राॅन्ज मेडल जीता है
वही आपको बता दें श्री शंकर और यह दोनों क्रमशः गोल्ड मेडल और सिल्वर मेडल जीतने से8.36 मीटर और 8.15 मीटर के अपने निजी और सत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी पीछे रह गए। अगर यह मुकाम इन दोनों ने हासिल कर लिया होता तो आज इन दोनों के गोल्ड और सिल्वर मेडल होता।
लंबी कूद में कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में आया चौथा मेडल
वही आपको बता दे भारत को खेलों के इतिहास में सबसे ज्यादा 4 मिडिल ही मिले हैं जिसमें 1978 में सुरेश बाबू ने दिलाया था उस दौरान उन्होंने 7.94 की छलांग लगाकर ब्राॅन्ज मेडल जिताया था। वहीं 2002 में भारत की स्टार एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने 6.49 मीटर की दूरी के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
उसके बाद 2010 में भारत की धरती पर प्रजुषा मलियाक्कल ने जीता था इन्होंने यह मेडल 6.47 मीटर दूरी तय करके सिल्वर मेडल जीता था। उसके बाद 2022 में 8 मीटर का मार्क कार्स श्री शंकर पहले भारतीय एथलीट है जिन्होंने सिल्वर मेडल जीता है। इस दौरान उन्होंने काफी शानदार प्रदर्शन किया था।
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