कुछ ऐसी है कवि कुमार विश्वास की प्रसिद्धि की कहानी, पत्नी के साथ उनकी तस्वीरें हो रही है वायरल

‘कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है…मगर धरती की बेचैनी तो बस बादल समझता है’ इन लाइनों से फेमस हुए हिन्दी कवि, वक्ता और सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता कुमार विश्वास को कौन नहीं जानता आज वह अपनी शेर और शायरी के कारण काफी फेमस हो रहे हैं। कुमार विश्वास युवा दिलों की धड़कन भी मानें जाते हैं।
विश्वास कुमार शर्मा युवाओं के बीच बहुत ही लोकप्रिय है और अभी के युवा भी विश्वास कुमार शर्मा को अपना आदर्श मानते हैं। कुमार विश्वास के कविता के मंचन, वाचन, गायन करते हैं। हाल ही में उनके रामायण मंचन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
उत्तर प्रदेश के हैं कुमार विश्वास
कुमार विश्वास उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद के पिलखुआ से हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई पिलखुआ के लाला गंगा सहाय विद्यालय में हुई। इसके बाद राजपूताना रेजिमेंट इंटर कॉलेज से इन्होंने 12वीं पास की। कुमार विश्वास के पिता नहीं चाहते थे कि बेटा कवि बने, इसलिए दाखिला इंजीनियरिंग में हुआ लेकिन उनका पढ़ाई में मन नहीं लगता था।
इसके बाद उन्होंने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी और हिंदी साहित्य में ‘स्वर्ण पदक’ के साथ स्नातक की डिग्री हासिल की। एमए करने के बाद उन्होंने ‘कौरवी लोकगीतों में लोकचेतना’ विषय पर पीएचडी प्राप्त की। उनके इस शोधकार्य को वर्ष 2001 में पुरस्कृत भी किया गया।
पिता के लिए इंटरव्यू में कही थी ये बात
एक इंटरव्यू में कुमार विश्वास ने जिक्र किया था, ‘एक बार कवि सम्मेलन से रात को घर पहुंचे, तो उनके पिताजी उनसे गुस्सा हो गए। गुस्से में बोले, ‘हां, इनके लिए बनाओ हलवा, ये सीमा से लड़कर जो आए हैं। इसके बाद से ही उन्होंने इस लाइन में ही आगे जाने की ठानी और वो अक्सर पैसे बचाने के लिए कवि सम्मेलनों से लौटते समय ट्रक की लिफ्ट लिया करते थे। आज उनको इसी काम के लाखों रुपये मिलते हैं।
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