Dilip Vengsarkar को इस खिलाड़ी में दिख गया नया ‘महेंद्र सिंह धोनी’, भारतीय टीम के लिए जीतेगा कई ट्रॉफी
महेंद्र सिंह धोनी को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में भेजा नोटिस, परेशान हुए माही के फैंस, जानें क्या हैं पूरा मामला

भारतीय क्रिकेट टीम (INDIAN CRICKET TEAM) के सफल पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS DHONI) हमेशा चर्चा में अपने आप को बनाए रखते हैं। लेकिन हाल ही में ऐसी खबरें आ रही जो धोनी से साथ-साथ उनके फैंस को भी काफी परेशान करने वाली हैं। दरअसल धोनी को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भेजा हैं। यह नोटिस माही को रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली समूह के खिलाफ कुछ विवादों के चलते दिया गया हैं। आइए धोनी के साथ घटित हो रहे इस मामले की आपको पूरी जानकारी देते हैं।

कंपनी का ब्रांड एंबेसडर होना धोनी को पड़ा भारी

महेंद्र सिंह धोनी (MS DHONI)  में बंद हो चुकी कंपनी रीयल एस्टेट कंपनी के ब्रांड एंबेसडर थे। इस कंपनी ने धोनी की मैनेजमेंट कंपनी रिथी स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के साथ एक फर्जी समझौता किया था। जिसमें की इस आवास के खरीददारों की रकम के साथ अवैध रूप से हेराफेरी की जा सकें। रिकॉर्ड में सामने आया हैं कि 2009 से 2015 के बीच में 42.22 करोड़ रूपए रिथी स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी (RHITI SPORTS MANAGEMENT COMPANY) को अदा किए गए थे।

इस पूरे मामले को देखते हुए महेंद्र सिंह धोनी ने दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था। जहां पर कोर्ट ने धोनी और रियल एस्टेट कंपनी के बीच 16 अक्टूबर 2019 को एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई को धोनी को इस केस से संबंधित नोटिस जारी कर दिया हैं। जिसकी जल्द ही सुनवाई होगी।

1 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

महेंद्र सिंह धोनी (MS DHONI) और रियल एस्टेट कंपनी के बीच चल रहे केस की सुनवाई कोर्ट ने 1 अगस्त को तय की हैं। सुप्रीम कोर्ट में मौजूद जजों की बेंच ने दावा किया हैं और कहा कि इन परिस्थितियों में, एक व्यवस्था पर पहुंचना होगा, ताकि घर खरीदारों द्वारा किए गए दावों को संतुष्ट किया जा सके और उसके बाद आम्रपाली की बेहतरी को देखा जा सके और सुरक्षित किया जा सके।

रिसीवर की रिपोर्ट के अनुसार,

“निर्माण लागत और ब्याज लागत, यदि कोई हो, में कमी का प्रावधान करने के लिए डूब सह आरक्षित निधि बनाई जाएगी। सभी घर खरीदारों को उसमें बुक की गई इकाइयों के लिए 200 रुपये प्रति वर्ग फुट की गणना की गई राशि जमा करने के लिए कहा जाएगा और यदि इस तरह की धनराशि का उपयोग नहीं किया जाता है, तो परियोजनाओं के समग्र रूप से पूरा होने पर उन्हें वापस कर दिया जाएगा। घर खरीदारों द्वारा की गई शुरुआती बुकिंग के बाद से निर्माण लागत बढ़ गई है।”

धोनी को मिली एक मोटी रकम

महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2019 में मामले को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। धोनी ने नोटिस जारी करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति बीरबल को मध्यस्थता के साथ आगे नहीं बढ़ने के लिए कहा। एमएस धोनी ने शीर्ष अदालत में एक पेंटहाउस के लिए अपने स्वामित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग की थी।

जिसे महेंद्र सिंह धोनी ने 10 साल पहले आम्रपाली समूह की एक परियोजना में बुक किया था। जिसके बाद मामले से जुड़े अधिवक्ता ने कहा कि कंपनी का ब्रांड एंबेसडर होने को लेकर रियल एस्टेट कंपनी ने धोनी को मोटी करम दी थी। साथ में अधिवक्ता ने कहा था कि हमने पूर्व में दलील दी थी की यह रकम वापस ली जाए और धन वापस पाने का मामला कोर्ट में जारी हैं।