एशिया के 2 चतुर कप्तान जिन्होंने विश्व क्रिकेट को हिलाकर रख दिया, ये दिग्गज दे रहा है टीम इंडिया के धोनी का साथ

क्रिकेट जगत में टीम के कोच और टीम कप्तान दोनों ही अपनी भूमिका निभाते नजर आते हैं, एक का काम होता हैं मैदान के अंदर टीम को मजबूती देना, वहीं दूसरे का काम मैदान के बाहर टीम को मार्गदर्शन देना. टीम इंडिया में भी समय समय पर कप्तान बदलते रहे हैं, लेकिन आज हम एशिया के 2 चतुर कप्तानों की बात करेंगे.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (International Cricket ) में ऐसा कई बार सामने आया हैं, जब कप्तान और कोच द्वारा मिलकर कोई सराहनीय कार्य किया गया हो, टीम कप्तान वह होता है जो कोच की बातों और योजनाओं को क्रिकेट फील्ड पर सही मायनों में लागू करें. हालांकि मैदान में मुकाबले के दौरान हार या जीत का बड़ा जिम्मेदार कप्तान को ही माना जाता हैं. ऐसे में क्रिकेट के मैदान पर भी खिलाड़ी के साथ लीडर की भी अहम् जिम्मेदारी होती हैं.
क्रिकेट में जगत में कई सफल कप्तान नजर आए हैं, जिन्होंने मैदान पर अपनी निर्णायक क्षमता का भरपूर प्रयोग करते हुए टीम विजयी बनाया हैं, भारतीय टीम हो या अन्य एशियाई टीम होने इनमे बहुत से ऐसे खिलाड़ी दिखें हैं, जिनकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम. आज हम ऐसे ही दो सफल और चालक कप्तानो के बारे में बताएंगे जिन्होंने मैदान पर अपनी बुद्धि कौशल का भरपूर उपयोग किया.
1. अर्जुन रणतुंगा
एक समझदार और चतुर कप्तान ही मैदान में टीम को बेहतर मार्गदर्शन दे सकता हैं, साथ ही वह खिलाड़ियों के अंदर छुपी प्रतिभा का इस्तेमाल भी कर सकता हैं. टीम के साथ हमेशा डटे रहने वाले अर्जुन रणतुंगा (Arjuna Ranatunga) में यह गुण पहले से ही था. साथ ही वह एक चतुर कप्तान भी थे, जो अपनी चतुराई से किसी भी टीम को चारों खाने चित कर देते थे. उनका दिमाग सफेद गेंद की क्रिकेट में बड़ा ही तेज चलता था.
यह उनका ही निर्णय था कि सनथ जयसूर्या को टॉप ऑर्डर स्थापित किया जाए, जिसके चलते जयसूर्या दुनिया के महान ओपनर की श्रेणी में शामिल हुए. इसके अतिरिक्त सफेद गेंद क्रिकेट में पहले के 15 ओवरों और बाद के ओवरों में किन-किन गेंदबाजों को कब-कब गेंद देनी हैं, यह काम रणतुंगा द्वारा बड़ी ही चालाकी से किया जाता था. इन्हीं कारणों के चलते श्रीलंका नी उनकी ही कप्तानी में विश्व विजेता का ख़िताब जीता था. वे हर खिलाड़ी की प्रतिभा का जमकर उपयोग करते थे.
2. महेंद्र सिंह धोनी
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की बात तो सबसे निराली हैं, अपने कूल अंदाज़ के लिए मशहूर धोनी ने अपनी चतुराई से बड़ी-बड़ी मैच जीत कर ले गए. मैदान पर उनके द्वारा लिए जा रहे निर्णय में टीम इंडिया के खिलाड़ी, कोच सभी आश्चर्यचकित कर देते थे. 2011 वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान युवराज सिंह से पहले खुद बल्लेबाजी के लिए उतरना और टीम को चैंपियन बनाना उनके सबसे सटीक निर्णय में वे एक हैं.
इसके अतिरिक्त डीआरएस लेने, या मैदान पर अन्य कोई निर्णय लेने में महेंद्र सिंह धोनी अपनी चतुराई का भरपूर उपयोग करते दिखें. आईपीएल के दौरान भी यह सिलसिला बरकरार रहा, और उनके ही नेतृत्व में टीम 4 बार आईपीएल टूर्नामेंट में विजयी हुई.
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