क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी फिर से कप्तान ये 5 खिलाड़ी, लिस्ट में दिग्गज कप्तानों का नाम शामिल

क्रिकेट के जगत में कई ऐसे कप्तान (Cricket Captain) हैं, जिन्होंने अपने अंदाज से विश्व क्रिकेट में अपना जबरदस्त योगदान दिया है, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी का नाम भी शामिल हैं. हालांकि एक कप्तान की सोच ही मैदान में उतरे 10 खिलाड़ी और ड्रेसिंग रूम तक के माहौल को बनाती और बिगाड़ती भी हैं. अपने देश की क्रिकेट टीम का नेतृत्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता हैं. लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट के दबाव में भी इस जिम्मेदारी का निर्वहन करना एक बड़ी चुनौती सामान हैं.
कई खिलाड़ी इस दबाव की स्थिति को अच्छे ई संभाल नहीं पाते और कुछ खिलाड़ी दबाव की स्थिति में भी उनमे छूपी जबरदस्त निर्णय लेने की क्षमता का परिचय भी देते हैं.ऐसे ही टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बारे में….
साथ ही आज हम, उन 5 खिलाड़ियों के बारे में भी बताएँगे जो संन्यास लेने के बाद भी दोबारा टीम के कप्तान बने.
मोहम्मद नबी

अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ी मोहम्मद नबी (Mohammed Nabi) अपने देश की क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं. गेंद और बल्ले से टीम के लिए भरपूर योगदान देने की काबिलियत रखने वाले इस खिलाड़ी ने साल 2014 T 20 वर्ल्डकप और साल 2015 विश्वकप में अफगानिस्तान टीम का नेतृत्व किया था.
लेकिन वह खेल में ख़राब प्रदर्शन के चलते अप्रैल 2015 को अपनी कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था. आपको बता दें की तक़रीबन 7 साल के लंबे अंतराल के बाद मोहम्मद नबी को हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ हुई सीरीज में एक बार फिर अफगानिस्तान क्रिकेट टीम की कमान दी गई.
शाहिद अफरीदी

क्रिकेट के इतिहास में सबसे जबरदस्त बल्लेबाजो में से एक शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) अपनी तूफानी बल्लेबाजी से पूरी दुनिया में नाम कमाने में सफल रहे. लेकिन टीम के कप्तान के रूप में वाह कभी सफल नहीं देखें गए उनके नेतृत्व में पाकिस्तान टीम कभी बेहतरीन प्रदर्शन नहीं कर सकी. शाहिद अफरीदी को साल 2009 में टीम के T 20 फॉर्मेट की कप्तानी सौैंपी गई थी, हालांकि उस दौरान अफरीदी के अपने ही देश के क्रिकेट बोर्ड से मतभेद होने की वज़ह से उन्होंने समय से पूर्व ही क्रिकेट से संन्यास लिया.
इसके बाद साल 2014 में मोहम्मद हफीज को पाकिस्तान टीम की कप्तानी सौंपी गई. लेकिन मोहम्मद हाफ़िज़ के अचानक इस्तीफा देने के बाद एक बार फिर से शाहिद अफरीदी को T 20 फॉर्मेट का कप्तान घोषित किया गया, और उन्हीं की कप्तानी में पाकिस्तान टीम ने कुल 19 T -20 मैच खेले जिसमें टीम को 8 में जीत और 11 मैचों में हार का मुँह देखना पड़ा.
इतना ही नहीं, एशिया कप 2022 और T 20 वर्ल्ड कप में भी पाकिस्तान टीम को उन्हीं की कप्तानी में मुँह की खानी पड़ी और करारी हार का मुँह देखना पड़ा, इसके चलते उनकी काफी आलोचना भी हुई और आख़िर अफरीदी ने साल 2016 में एक बार फिर इस फॉर्मेट से अलविदा कह दिया था.
महेंद्र सिंह धोनी

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने अपने कार्यकाल में कई ऐसे अद्भुत कार्य किए हैं, जो किसी भी सामान्य खिलाड़ी के बस की बात नहींहैं. झारखंड के रांची शहर से आने के इस खिलाड़ी ने अपने 16 साल लंबे करियर में पूरी दुनिया का ध्यान अपनी और खिंचा.
एमएस धोनी एक मात्र ऐसे कप्तान (Cricket Captain) हैं, जिन्होंने 3 आईसीसी ट्रॉफी पर जीत हासिल की हैं. साल 2017 में उन्होंने लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में कप्तान के रूप में अपने पद से इस्तीफा देते हुए विराट कोहली को भारतीय टीम की कमान सौंपी थी. लेकिन साल 2018 में अफगानिस्तान के खिलाफ धोनी को आखिरी बार टीम इंडिया की कप्तानी करते हुए देखा गया, क्योंकि इस दौरान विराट कोहली और उनके डिप्टी कप्तान रोहित शर्मा को क्रिकेट से आराम दिया गया था.
शाकिब अल हसन

बांग्लादेश के शाकिब अल हसन (Shakib Al hasan) लिमिटेड ओवरों के खेल में अपने देश के लिए सबसे दिग्गज़ खिलाड़ी है.प्रतिभा से लैस इस खिलाड़ी ने तीनों फॉर्मेट में अपना लोहा मनवाया है, लेकिन लिमिटेड ओवर में उनका कोई मुकाबला नहीं है. साल 2019 के विश्वकप में वह सबसे ज्यादा रन बटोर कर तीसरे स्थान पर थे.
लेकिन इसी टूर्नामेंट के बाद आईसीसी द्वारा बनाए गए नियमों के उल्लंघन के मामले में उन्हें 1 साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट से प्रतिबंधित किया गया. जिसके चलते उनकी कप्तानी (Cricket Captain) भी छूट गई. अब एक बार फिर T 20 विश्व-कप 2022 से पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अपने इस अनुभवी खिलाड़ी पर विश्वास जताते हुए उन्हें दोबारा से टीम के नेतृत्व का जिम्मा सौंपा गया हैं.
असगर अफ़ग़ान

अफगानिस्तान के जबरदस्त बल्लेबाज असगर अफ़गान (Asghar Afghan) भी उन खिलाड़ियों की श्रेणी में अपनी जगह बनाते हैं, जिनकी कप्तानी जाने के बाद दोबारा यही जिम्मेदारी वापिस उन्हें सौंपी गई हो. साल 2018 में पहली बार उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर कप्तानी (Cricket Captain) करने का अवसर दिया गया था. लेकिन विश्वकप 2019 से ठीक पहले उनकी जगह गुलबदीन नाइब को कप्तान बनाने की घोषणा की गई.
राशिद खान और मोहम्मद नबी ने भी अपने देश के क्रिकेट बोर्ड के इस फैसले को सही नहीं मना था. हालांकि, उस समय अफगानिस्तान क्रिकेट संकट के दौर से गुजर रहा था, विश्वकप में खराब प्रदर्शन के बाद नाइब पर गाज गिरी और एक बार फिर दिसंबर 2019 में ACB ने असगर को टीम के नेतृत्व का जिम्मा सोंपा.
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