युजवेंद्र चहल के खुलासे को सुनकर भड़के पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री, कहा इस खिलाड़ी पर लगा दो बैन

भारतीय गेंदबाज युजवेंद्र चहल (YUZVENDRA CHAHAL) को 15वें मंजिल की बालकनी से लटकाए जाने की घटना के खुलासे के बाद पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री (RAVI SHASTRI) ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। रवि शास्त्री (RAVI SHASTRI) ने ऐसे मजाक करने वाले खिलाड़ियों पर आजीवन क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।
युजवेंद्र चहल ने किया मौत को करीब से देखने का खुलासा
युजवेंद्र चहल (YUZVENDRA CHAHAL) ने रविचंद्रन अश्विन (RAVICHANDRAN ASHWIN) के साथ एक वीडियो में खुलासा किया है ‘ये घटना 2013 की है जब मैं मुंबई इंडियंस (MI) की टीम में था। हमारा एक मैच बैंगलोर में था। मैच की बाद पार्टी थी, एक खिलाड़ी बेहद नशे में था। उसका नाम नहीं लूंगा, बहुत देर तक मुझे घूरता रहा और अचानक मुझे बाहर ले जा कर बालकनी से लटका दिया।
उसकी गर्दन पकड़ कर लटका हुआ था। अगर मेरा ग्रिप छूट जाता तो मैं 15वीं मंजिल से गिर जाता। शुक्र था कि वहां मौजूद लोगों ने देखा और मुझे बचाया। मैं तो बेहोश-सा हो गया था। तब मुझे अहसास हुआ कि कहीं जाओ तो हमें कितनी जिम्मेवारी के साथ रहना चाहिए। युजवेंद्र चहल इस चौकाने वाले खुलासे के पूर्व कोच ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा कि यह घटना बिल्कुल स्वीकार्य योग्य नहीं
पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा कि युजवेंद्र चहल (YUZVENDRA CHAHAL) को 15वीं मंजिल से लटकाने की घटना के बारे में प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि
Tags: आईपीएल 2022, युजवेंद्र चहल, रवि शास्त्री,” यह कोई मजाक की बात नहीं है, मुझे नहीं पता कि इसमें शामिल व्यक्ति कौन है, वह होश में नहीं था। अगर ऐसा है तो यह बहुत बड़ी चिंता की बात है। किसी की जान जोखिम में है, कुछ लोग सोच सकते हैं कि यह मजाकिया है लेकिन मेरे लिए यह बिल्कुल भी मजाकिया नहीं है। यह दिखाता है कि जो व्यक्ति ऐसा करने की कोशिश कर रहा है वह ऐसी स्थिति में है जो सही नहीं है। जब आप ऐसी स्थिति में होते हैं तो कुछ ऐसा करने की कोशिश करते हैं, गलतियों की संभावना और भी अधिक होती है।
यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। यह भी जरूरी है कि खिलाड़ी ऐसी घटनाओं पर रिपोर्ट करें जिससे इसपर एक्शन तत्काल ही लिया जा सके। जिस तरह से आप भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के पास जाकर फिक्सिंग को लेकर बात करते हैं। यह आपका काम है कि आप अधिकारियों से संपर्क करके उन्हें बताएं।”