आईसीसी के द्वारा क्रिकेट के लिए बनाए गए ये 4 नियम शायद ही किसी को हो मालूम

By Sameeksha dixit On August 25th, 2022
आईसीसी के द्वारा क्रिकेट के लिए बनाए गए ये 4 नियम शायद ही किसी को हो मालूम

आईसीसी क्रिकेट द्वारा समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बदलाव किए गए हैं. एक ओर देखा जाए तो, खिलाड़ियों की खेलने की तकनीक में परिवर्तन आया हैं, वहीं दूसरी ओर क्रिकेट के नियमों (cricketing rules) में भी कुछ बदलाव देखने को मिलें हैं. क्रिकेट के खेल में पहले टेस्ट, फिर वनडे और फिर टी-20 फॉर्मेट शामिल किया गया. आईसीसी (ICC) ने हर फॉर्मेट के लिए नियमों की व्याख्या करने के साथ-साथ समीक्षा और बदलाव भी किए गए हैं और यह परिवर्तन हमें भविष्य में देखने को मिल सकता हैं.

आज हम आपको क्रिकेट के उन आईसीसी के नियमों के बारे में जानकारी देंगे जो थोड़े अलग और अजीब लगते हैं, और इन नियमों के बारे में बहुत ही कम लोगो को जानकारी हैं, आइए जानते हैं पूरी खबर क्या हैं.

1. गेंद खोने की स्थिति में नियम :

जब कोई बल्लेबाज़ लंबा शॉट खेलता है, और गेंद खो जाती है तो फील्डिंग कर रही टीम गेंद खोने की अपील करती हैं. जिसके बाद आईसीसी के नियम के अनुसार गेंद को डेड घोषित किया जाता हैं. ऐसा होने पर बल्लेबाज द्वारा जो रन लिया जाता है, या फिर बाउंड्री से मिले रनों को बल्लेबाज के हिस्से में जाता हैं, और यदि ऐसा ना हो तो, रनों को अतिरिक्त में भी जोड़ा दिया जाता हैं. इस स्थिति में गेंद जितने ओवर पुरानी होती है, उतने ही ओवर पुरानी गेंद लाकर खेल को शुरू किया जाता हैं.

2. बिना अपील आउट नहीं दिया जा सकता

आईसीसी द्वारा स्थापित क्रिकेट के 27वें नियम के अनुसार, जब तक फील्डिंग करने वाली टीम आउट करने की अपील ना करें तब तक अंपायर उस बल्लेबाज को आउट करार नहीं दे सकते. यदि कोई बल्लेबाज ख़ुद ही वापस जाता है तो, अंपायर द्वारा उसे रोक कर कहा जा सकता है कि “आप आउट नहीं हुए हैं” इस नियम में यह भी शामिल हैं कि, जब तक कोई नई बोल डालने रन-अप के लिए नहीं जाता हैं, तब तक फील्डिंग करने वाली टीम आउट की अपील कर सकती हैं.

3. मांकडिंग

वर्ष 1947 में ऑस्ट्रेलिया के बिल ब्राउन को आउट कर के विनू मांकड़ ने पहली बार इसे उपयोग किया था, यदि गेंदबाजी किया छोर पर खड़ा बल्लेबाज क्रीज से बाहर निकलता है तो, गेंदबाज द्वारा गेंद को विकेट पर मार के आउट की अपील कि जा सकती हैं. अगर नैतिक रूप से देखा जाए तो ऐसा होने पर पहली बार बल्लेबाज को चेतावनी दी जा सकती है, पर इसका नियमों में कोई ठोस प्रावधान नहीं हैं. जॉस बटलर साल 2014 में श्रीलंका के खिलाफ मैच में सेनानायके द्वारा और वर्ष 2019 आईपीएल में रविचंद्रन द्वारा दो बार ऐसे ही आउट हुए.

4. चोटिल खिलाड़ी के लिए नियम

कोई भी खिलाड़ी यदि जख़्मी होता है तो, वह मैदान से बाहर जाने से पहले अंपायर को जानकारी देता हैं. इस आईसीसी के नियम के मुताबिक कोई भी खिलाड़ी अगर 15 मिनट से ज्यादा बाहर रहता है तो, उतने समय तक वह बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएगा और अगर कोई खिलाड़ी 18 मिनट से बाहर ही रहकर फील्डिंग करने वापिस आता है तो, अगले 18 मिनट तक वह गेंदबाजी नहीं कर सकेगा. एक बार सचिन तेंदुलकर चोटिल होने के कारण 18 मिनट तक फील्ड पर नहीं थे. जिसके बाद अगली पारी में 18 मिनट से पहले 2 विकेट गिरने के बावजूद भी उन्हें बल्लेबाजी करने के लिए नहीं उतारा गया था.

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Tags: अंतराष्ट्रीय क्रिकेट, आइसीसी क्रिकेट, सचिन तेंदुलकर,
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