बीसीसीआई का जर्सी स्पॉन्सर बॉयजूस से करोड़ों रूपए हैं बकाया, साथ ही टाइटल स्पॉन्सरशिप छोड़ना चाहती है पेटीएम

By Twinkle Chaturvedi On July 22nd, 2022
बीसीसीआई का जर्सी स्पॉन्सर बॉयजूस से 86.21 करोड़ रूपए हैं बकाया, साथ ही टाइटल स्पॉन्सरशिप छोड़ना चाहती है पेटीएम

भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई (BCCI) बॉयजूस (BYJU’S) और पेटीएम (PAYTM) के साथ स्पॉनसरशिप में हैं। लेकिन हाल ही में ऐसी खबरें आ रही हैं कि बीसीसीआई और उसके स्पॉनसरशिप के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा हैं। बॉयजूस जो भारतीय टीम (INDIAN TEAM) की जर्सी का स्पॉन्सर हैं, बॉयजूस का बीसीसीआई पर करोड़ों रूपए बकाया हैं। साथ ही पेटीएम भी कुछ कारणों के चलते भारतीय क्रिकेट बोर्ड का साथ छोड़ना चाहती हैं। आइए आपको इस मामले के बारे में सारी जानकारियां देते हैं।

बॉयजूस का बीसीसीआई पर इतना रूपए है बकाया

भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने तीन साल पहले बॉयजूस को साल 2019 में ओपो की जगह पर भारतीय जर्सी के लिए स्पॉन्सर चुना था। भारतीय बोर्ड और बॉयजूस के कॉन्ट्रैक्ट नवीनीकरण का समय आ चुका हैं। मगर क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई का 86.21 करोड़ रूपए का बॉयजूस  बकाया हैं। अप्रैल में ही एडटैक कंपनी बॉयजूस और बीसीसीआई ने अपनी साझेदारी भारत में होने वाले वनडे विश्व कप 2023 के अंत तक बढ़ाने पर सहमति जताई थी। जिसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई थी।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने बैठक के बाद पीटीआई को बताया हैं- आज तक, बोर्ड को बायजूस का 86.21 करोड़ रुपये बकाया है।

बायजूस (BYJU’S) के प्रवक्ता ने पीटीआई से कहा हैं कि-, ‘हमने बीसीसीआई के साथ अनुबंध बढ़ा दिया है लेकिन इस पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के बाद, भुगतान संविदात्मक भुगतान शर्तों के अनुसार होगा। इसलिए हमारी ओर से कोई बकाया नहीं है।

 भारतीय बोर्ड का साथ छोड़ना चाहती हैं पेटीएम

पेटीएम (PAYTM) और भारतीय क्रिकेट बोर्ड के बीच मौजूदा करार सितंबर 2019 से 31 मार्च 2023 तक का है। एक सूत्र के अनुसार पेटीएम ने भारतीय बोर्ड से फिर से काम करने का अनुरोध किया है और बोर्ड इस पर विचार कर रहा है। अगस्त 2019 में, पेटीएम ने प्रति मैच 3.80 करोड़ रुपये की विजयी बोली के साथ भारत में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट मैचों के लिए शीर्षक प्रायोजक के रेस जीती थी

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