उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कई अहम फैसलों के जरिए आम लोगों, महिलाओं और कर्मचारियों को राहत देने की तैयारी की है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित लोकभवन में हुई योगी कैबिनेट बैठक (Yogi Cabinet Meeting) में मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त साड़ी, इलेक्ट्रिक बसों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला लिया गया। इन फैसलों में सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने से जुड़े प्रस्ताव की है।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी देने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
Yogi Cabinet Meeting: उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेगा मुफ्त सिलेंडर?
दिवाली पर घरों में रसोई का खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में गैस सिलेंडर की कीमत परिवारों के बजट पर असर डालती है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी रिफिल उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
योगी कैबिनेट बैठक (Yogi Cabinet Meeting) से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, राज्य की योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को साल में दो मुफ्त एलपीजी रिफिल देने की व्यवस्था है, जिनका लाभ दिवाली और होली के अवसर पर दिया जाना है। हालांकि, लाभार्थियों को यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि योजना का लाभ पात्रता और सरकार की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही मिलेगा। सिलेंडर की बुकिंग, रिफिल और भुगतान या प्रतिपूर्ति से जुड़ी शर्तों की जानकारी आधिकारिक दिशानिर्देशों से जांचना जरूरी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी सौगात
योगी कैबिनेट बैठक (Yogi Cabinet Meeting) में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को एक अतिरिक्त साड़ी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों के पोषण, शुरुआती शिक्षा और महिलाओं व बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में त्योहार से पहले उन्हें अतिरिक्त साड़ी देने का फैसला उनके लिए राहत और प्रोत्साहन के तौर पर देखा जा रहा है।
18 शहरों में चलेंगी एसी इलेक्ट्रिक बसें
उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए भी कैबिनेट बैठक में अहम निर्णय लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के 18 शहरों में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना को मंजूरी दी गई है।
इस योजना में लखनऊ, कानपुर, आगरा, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ और गाजियाबाद जैसे शहर शामिल हैं। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने में मदद मिल सकती है। हालांकि, बसों की वास्तविक संख्या और संचालन की समय-सीमा संबंधित विभाग की कार्ययोजना के अनुसार तय होगी। <sup>[1]</sup>
यूपी में बनेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन
योगी कैबिनेट बैठक (Yogi Cabinet Meeting) में तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना से जुड़ा प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण रहा। इसका उद्देश्य राज्य में एआई आधारित तकनीक, नवाचार और डिजिटल विकास को प्रोत्साहित करना है।
इसके अलावा, प्रदेश में स्टार्टअप को सरकारी खरीद में अवसर देने वाली योजना और औद्योगिक विकास से जुड़े प्रस्तावों पर भी फैसला लिया गया। इन पहलों से स्थानीय उद्यमों और नई तकनीक पर काम करने वाली कंपनियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलने की उम्मीद है।
भदोही के नाम में भी होगा बदलाव
कैबिनेट के प्रमुख प्रस्तावों में भदोही का नाम बदलकर ‘संत रविदासनगर भदोही’ करने का प्रस्ताव भी शामिल रहा। इसके अलावा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान, मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद नीति से जुड़े फैसले भी किसानों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।
कृषि खरीद नीति के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की व्यवस्था किसानों को अपनी उपज बेचने में मदद कर सकती है। हालांकि, किसानों को खरीद की तारीखों, केंद्रों और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए।
दिवाली से पहले किन लोगों को मिलेगा फायदा?
कुल मिलाकर, योगी कैबिनेट बैठक (Yogi Cabinet Meeting) में लिए गए फैसलों का असर अलग-अलग वर्गों पर पड़ सकता है। उज्ज्वला योजना के पात्र परिवारों को मुफ्त गैस रिफिल का लाभ मिल सकता है, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी मिलेगी और शहरी यात्रियों के लिए इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
दिवाली से पहले इन फैसलों के लागू होने की प्रक्रिया और पात्रता से जुड़ी जानकारी पर लोगों की नजर रहेगी। लाभार्थियों को सलाह है कि किसी भी योजना का फायदा लेने से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देश जरूर जांच लें।

