भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के चयन को लेकर अक्सर बहस होती रहती है, लेकिन कभी-कभी कोई फैसला टीम मैनेजमेंट के लिए भी आसान नहीं होता। टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने अब ऐसे ही एक फैसले का खुलासा किया है, जिसने उन्हें पूरी रात सोने नहीं दिया था। मामला संजू सैमसन और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बीच चयन का था। गंभीर ने इसे अपने टी20 कोचिंग कार्यकाल का सबसे मुश्किल फैसला बताया है।
संजू को बाहर करना Gautam Gambhir लिए आसान नहीं था
इंग्लैंड दौरे के दौरान भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली थी। शुरुआती मुकाबले के बाद संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर किया गया और उनकी जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला। वैभव ने इसी सीरीज में अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था।
संजू के लिए यह फैसला इसलिए भी बड़ा था क्योंकि वह भारत के टी20 वर्ल्ड कप अभियान में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। ऐसे खिलाड़ी को कुछ मैचों के बाद बाहर करना टीम मैनेजमेंट के लिए आसान फैसला नहीं था।
गंभीर बोले- उस रात मैं सो नहीं पाया
गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने बताया कि संजू सैमसन को बाहर करने का फैसला उन्हें इतना परेशान कर रहा था कि वह पूरी रात सो नहीं सके। उन्होंने खुद सैमसन से भी इस बारे में ईमानदारी से बातचीत की थी।
गंभीर ने कहा कि अपने दो साल के सफर में यह ऐसी रात थी जब वह सो नहीं पाए। उन्होंने इसे टी20 फॉर्मेट में अपने कोचिंग कार्यकाल का सबसे कठिन फैसला बताया। उनके मुताबिक, एक तरफ वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी था, जबकि दूसरी तरफ वैभव अपनी फॉर्म के दम पर टीम में जगह के लिए मजबूत दावेदार बन चुके थे।
वैभव की फॉर्म ने बढ़ाई मुश्किल
वैभव सूर्यवंशी की शानदार फॉर्म ने इस चयन को और मुश्किल बना दिया था। जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव ने 151 रन बनाए थे और सीरीज में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया था।
ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने सवाल था कि अच्छे प्रदर्शन कर रहे युवा खिलाड़ी को मौका दिया जाए या वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर चुके अनुभवी खिलाड़ी के साथ आगे बढ़ा जाए। गंभीर के मुताबिक, भारत को सीरीज जीतनी थी और टीम को टॉप ऑर्डर में रन बनाने के साथ एक मजबूत प्लेटफॉर्म की जरूरत थी।
अफगानिस्तान सीरीज में फिर बदला समीकरण
अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया तीन मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया ने फिर से संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा किया। वैभव को तीनों मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली।
इस फैसले के बाद एक बार फिर सवाल उठे कि आखिर शानदार फॉर्म में चल रहे वैभव को मौका क्यों नहीं मिल रहा। लेकिन सैमसन ने अफगानिस्तान के खिलाफ लगातार दो अर्धशतक लगाकर टीम मैनेजमेंट के फैसले को मजबूती दी। भारत ने यह सीरीज 3-0 से अपने नाम की।
गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने वैभव को दिया साफ संदेश
गंभीर ने साफ किया है कि वैभव सूर्यवंशी टीम मैनेजमेंट की योजनाओं से बाहर नहीं हैं। लेकिन उन्हें अपने अगले मौके के लिए इंतजार करना होगा। गंभीर के मुताबिक, किसी खिलाड़ी की उम्र चाहे 15 साल हो या 30 साल, जब अवसर का इंतजार करना पड़े तो इंतजार करना ही होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो खिलाड़ी पिछले दो साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जो अभी-अभी टीम में आया है। हालांकि, जब वैभव को अगला मौका मिलेगा, तो उन्हें लंबा रन देने की कोशिश की जाएगी।
टीम इंडिया में बढ़ रही है जबरदस्त प्रतिस्पर्धा
संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी के बीच टॉप ऑर्डर की प्रतिस्पर्धा भारतीय टीम के लिए एक महत्वपूर्ण चयन चुनौती बन गई है। एक तरफ अनुभवी खिलाड़ियों का प्रदर्शन है, तो दूसरी तरफ वैभव जैसे युवा खिलाड़ी लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के बयान से इतना जरूर स्पष्ट है कि टीम मैनेजमेंट केवल सोशल मीडिया की चर्चा या बाहरी दबाव के आधार पर प्लेइंग इलेवन तय नहीं करना चाहता। अंतिम फैसला कोच और कप्तान टीम की जरूरत, संयोजन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखकर करते हैं।
फिलहाल संजू सैमसन ने अफगानिस्तान सीरीज में लगातार दो अर्धशतक लगाकर अपनी जगह मजबूत की है, जबकि वैभव सूर्यवंशी को अपने अगले मौके का इंतजार है। आने वाले मुकाबलों में इस युवा बल्लेबाज को कब और किस भूमिका में मौका मिलता है, इस पर क्रिकेट फैंस की नजरें जरूर रहेंगी।

