नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड (Smriti Mandhana Record) एक बार फिर सुर्खियों में है। एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) के सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ उतरते ही स्मृति मंधाना ने महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया, जिसने उन्हें दुनिया की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बना दिया। उन्होंने न्यूजीलैंड की दिग्गज बल्लेबाज सुजी बेट्स को पीछे छोड़ते हुए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
सुजी बेट्स को पीछे छोड़कर बनीं नंबर-1
भारत और बांग्लादेश के बीच एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में स्मृति मंधाना ने पारी की शुरुआत की। जैसे ही उन्होंने अपनी पारी में जरूरी रन पूरे किए, वह महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट की सबसे सफल रन स्कोरर बन गईं। इससे पहले यह रिकॉर्ड न्यूजीलैंड की सुजी बेट्स के नाम था।
स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड (Smriti Mandhana Record) इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने यह उपलब्धि लगातार शानदार प्रदर्शन और लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दम पर हासिल की है। मंधाना भारतीय महिला टीम की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं और कई वर्षों से टीम को मजबूत शुरुआत देने की जिम्मेदारी निभाती आ रही हैं।
19 गेंदों में 37 रन, फिर भी इतिहास के पन्नों में नाम
बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में स्मृति मंधाना ने तेज शुरुआत की। उन्होंने 19 गेंदों पर 37 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट लगभग 194 का रहा, जिससे भारतीय टीम को पावरप्ले में तेजी से रन बनाने में मदद मिली।
हालांकि, मंधाना अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सकीं, लेकिन उनका छोटा-सा योगदान ऐतिहासिक बन गया। महज कुछ रन पूरे करते ही उन्होंने सुजी बेट्स के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि क्रिकेट में कभी-कभी छोटी पारी भी करियर के सबसे यादगार पलों में शामिल हो जाती है।
महिला T20I में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज
स्मृति मंधाना के नाम अब महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन दर्ज हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने सुजी बेट्स के 4,758 रन के आंकड़े को पीछे छोड़ा। अलग-अलग अपडेट में मंधाना के कुल रनों का आंकड़ा 4,760 से 4,788 के बीच बताया गया है, जो मैच के दौरान और उसके बाद अपडेट होने वाले आंकड़ों से संबंधित है।
इस उपलब्धि के साथ मंधाना ने महिला टी20 क्रिकेट में अपनी निरंतरता का परिचय दिया है। वह भारतीय टीम के लिए केवल एक सलामी बल्लेबाज नहीं, बल्कि बड़े मुकाबलों में अनुभव और आत्मविश्वास देने वाली अहम खिलाड़ी भी हैं।
100 छक्के लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर
स्मृति मंधाना ने इसी दौरान महिला T20I क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने की उपलब्धि भी हासिल की। वह इस फॉर्मेट में 100 छक्के लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं। इस दोहरी उपलब्धि ने उनके प्रदर्शन को और खास बना दिया।
मंधाना की बल्लेबाजी की पहचान उनकी टाइमिंग, कवर ड्राइव और गैप में शॉट खेलने की क्षमता से होती है। हालांकि, टी20 क्रिकेट में उन्होंने जरूरत के मुताबिक आक्रामक बल्लेबाजी भी दिखाई है। 100 छक्कों का आंकड़ा उनके खेल में आए बदलाव और लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बने रहने का संकेत देता है।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि
स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड (Smriti Mandhana Record) केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी महत्वपूर्ण पड़ाव है। मंधाना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय महिला क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी बल्लेबाजी ने कई मौकों पर टीम को मजबूत शुरुआत दी है और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम किया है।
महिला क्रिकेट में टी20 फॉर्मेट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में किसी भारतीय बल्लेबाज का विश्व स्तर पर सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनना भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का विषय है। मंधाना के रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि महिला क्रिकेट में निरंतरता और लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन कितना महत्वपूर्ण है।
Asian Games 2026 में अब भारत की नजर गोल्ड मेडल मुकाबले पर
स्मृति मंधाना के रिकॉर्ड बनाने के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में भी मजबूत प्रदर्शन किया। टीम की नजर अब एशियन गेम्स 2026 के फाइनल और स्वर्ण पदक पर है। मंधाना का अनुभव, शेफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन टीम के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
स्मृति मंधाना ने एक बार फिर साबित किया है कि रिकॉर्ड केवल बड़ी पारियों से नहीं, बल्कि लगातार मेहनत और शानदार करियर से बनते हैं। महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नंबर-1 रन स्कोरर बनना उनके करियर की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि है।

